फर्जी वर्दी का रौब, कट्टा और वॉकी-टॉकी के दम पर करता था वसूली, दबोचा गया नकली पुलिस जवान

जामताड़ा।झारखण्ड के जामताड़ा जिले में पुलिस की वर्दी पहनकर खुद को जैप-5 का जवान बताने और लोगों को धमकाकर अवैध वसूली करने वाले एक शातिर युवक को मिहिजाम पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से देशी कट्टा, पांच जिंदा कारतूस, फर्जी पुलिस पहचान पत्र, वॉकी-टॉकी, पुलिस की वर्दी समेत कई आपत्तिजनक सामान बरामद हुए हैं। मामले का खुलासा बुधवार को एसडीपीओ वसीम रजा ने प्रेस वार्ता में किया।
एसडीपीओ ने बताया कि पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर वारंटियों और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे अभियान के दौरान मंगलवार शाम मिहिजाम थाना प्रभारी प्रदीप राणा को सूचना मिली कि पुलिस की वर्दी पहने एक संदिग्ध व्यक्ति कानगोई-डोमदाहा रोड पर घूमकर लोगों को भ्रमित कर रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और कानगोई पत्थर डंप के पास एक युवक को पुलिस की पैंट और बूट पहने शराब पीते हुए पकड़ लिया।
पूछताछ में युवक ने अपना नाम अनुप कुमार (34), निवासी कानगोई, थाना मिहिजाम बताया और खुद को जैप-5 देवघर में तैनात जवान बताया। लेकिन जब पुलिस ने उसका पहचान पत्र जांचा तो नियुक्ति तिथि और जन्मतिथि में गड़बड़ी मिली। सख्ती से पूछताछ करने पर उसने स्वीकार किया कि उसने फर्जी आईकार्ड बनवाया था और धनबाद से पुलिस की वर्दी खरीदकर पहनता था। वह वर्दी का धौंस दिखाकर लोगों को डराता-धमकाता और उनसे अवैध वसूली करता था।
पुलिस ने आरोपी के बैग की तलाशी ली तो उसमें से एक देशी कट्टा, पांच जिंदा कारतूस, दो वॉकी-टॉकी, दो चाकू, तीन स्मार्टफोन, जैप-5 का फर्जी पहचान पत्र, पुलिस की वर्दी, बूट, बेल्ट, टोपी, पिट्ठू बैग और एक डायरी बरामद की।इस मामले में मिहिजाम थाना कांड संख्या 50/2026 दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार करते हुए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
एसडीपीओ ने बताया कि आरोपी के खिलाफ पहले भी चितरंजन थाना में वर्ष 2014 का एक मामला दर्ज है, जिसमें दहेज प्रताड़ना सहित अन्य धाराएं लगी थीं। छापेमारी दल में थाना प्रभारी प्रदीप राणा, पुलिस अवर निरीक्षक गुलशन कुमार सिंह, आरक्षी अजीत कामती, आरक्षी सदीक अंसारी समेत अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे।

