राँची के अशोक नगर हाई-प्रोफाइल चोरी कांड: अंतरराज्यीय ‘उजाले गैंग’ का पर्दाफाश और जेवर व्यवसायी कबीर खान के खुलासे…

 

​राँची।राजधानी राँची के पॉश इलाके अशोक नगर स्थित चर्चित बिल्डर अखिलेश पांडेय के आवास पर हुई करोड़ों रुपये की चोरी का मामला अब बेहद सनसनीखेज मोड़ पर आ गया है। राँची पुलिस की विशेष जांच टीम की ताबड़तोड़ कार्रवाई में बिहार के सीतामढ़ी के रहने वाले कुख्यात अंतरराज्यीय चोर मोहम्मद इरफान उर्फ उजाले (जिसे ‘उजाले बाबा’ के नाम से भी जाना जाता है) और उसके गिरोह के काले कारनामों की परतें उधड़ने लगी हैं। पुलिस ने गैंग के कई सहयोगियों, मुख्य सरगना की पत्नी और चोरी का सोना-चांदी खरीदने वाले एक जेवर व्यवसायी को दबोच लिया है, जिससे कई बड़े खुलासे हुए हैं।

गैंग के मुख्य किरदार और उनकी भूमिकाएं

​पुलिस जांच में सामने आया है कि इस हाई-प्रोफाइल चोरी को अंजाम देने वाले ‘उजाले गैंग’ का दायरा बहुत सीमित लेकिन बेहद शातिर है:

मोहम्मद इरफान उर्फ उजाले (मास्टरमाइंड): मूल रूप से बिहार के सीतामढ़ी जिले के पुपरी अनुमंडल स्थित गाढ़ा जोगिया गांव का रहने वाला इरफान इस गिरोह का सरगना है। कभी तंगहाली में जीने वाला इरफान अपराध की दुनिया में कदम रखने के बाद लग्जरी गाड़ियों (जगुआर, ऑडी, मर्सिडीज) और हवाई जहाज से सफर कर देश के 20 से अधिक राज्यों में 100 से ज्यादा हाई-प्रोफाइल चोरियों को अंजाम दे चुका है। हैरानी की बात यह है कि वह वारदात के वक्त हथियार नहीं रखता था, बल्कि सिर्फ पेचकस और वायर-कटर के सहारे नंगे पांव घर में घुसकर 10-15 मिनट में करोड़ों की चोरी कर लेता था। अपने गांव में ‘रॉबिनहुड’ की छवि बनाने वाले इरफान की पत्नी गुलशन परवीन जिला परिषद सदस्य रह चुकी है।

अफरोज (खास सहयोगी): उजाले का सबसे करीबी और मुख्य साझीदार, जो हर बड़ी वारदात में उसके साथ रहता था।

नवीन (कार चालक): गिरोह का ड्राइवर, जो वारदात के समय सीधे तौर पर अंदर शामिल नहीं होता था, बल्कि भागने और लॉजिस्टिक्स संभालने में मदद करता था।

शातिर कम्युनिकेशंस और छिपने के ठिकाने

​उजाले गैंग ने पुलिस को चकमा देने के लिए बेहद हाई-टेक और अनोखा तरीका अपना रखा था:

आपसी बातचीत का अनूठा तरीका: उजाले और अफरोज सीधे तौर पर आपस में फोन पर बात नहीं करते थे और न ही अपने फोन ऑन रखते थे। उजाले को अपनी पत्नी से बात करनी होती थी, तो वह अफरोज की पत्नी से संपर्क करता था, और फिर वह उसकी बात करवाती थी। इसी तरह अफरोज भी उजाले की पत्नी के जरिए ही मैसेज पास करता था।

प्रेमिकाओं के साथ छिपना: राँची में वारदात को अंजाम देने के बाद उजाले, अफरोज और ड्राइवर नवीन कोलकाता भागे थे। वहां उजाले और अफरोज देहरादून और मुंबई की अपनी प्रेमिकाओं के साथ अलग-अलग होटलों में ठहरे थे। राँची पुलिस की दबिश के चलते वे भाग निकले और अपनी जगुआर कार वहीं छोड़ गए।

रेड लाइट एरिया और होटल के सुराग: कोलकाता में दो महिला मित्रों के रेड लाइट एरिया से जुड़े सुराग मिलने के बाद राँची पुलिस ने देहरादून और अन्य जगहों से महिलाओं को उठाया। उनकी निशानदेही पर पुलिस मुजफ्फरपुर के उस होटल तक पहुँची जहाँ शातिर चोर अपनी महिला साथियों के साथ रुके थे।

जेवर व्यवसायी समीर खान उर्फ कबीर खान के खुलासे

​राँची पुलिस ने इस कड़ी में आगे बढ़ते हुए उजाले के खास सहयोगी अफरोज का जिगरी दोस्त और चोरी के जेवर खपाने वाले स्वर्ण व्यवसायी समीर खान उर्फ कबीर खान को धर दबोचा है।कबीर खान की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसके ससुराल से करीब 64 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के जेवरात बरामद किए हैं, जिन्हें उसने उजाले गैंग से खरीदा था।​पूछताछ में कबीर खान ने स्वीकार किया कि अफरोज ने मुजफ्फरपुर के होटल में अपनी महिला साथियों के साथ पहुँचकर उजाले की पत्नी के माध्यम से चोरी के जेवरात का सौदा उसके साथ तय किया था।कबीर खान के पकड़े जाने से इस बात का खुलासा हुआ है कि यह गैंग देश के अलग-अलग हिस्सों में चोरी करने के बाद स्थानीय कारोबारियों की मदद से चुराए गए माल को बेहद शातिर तरीके से ठिकाने लगाता था।

मुजफ्फरपुर का होटल और कबीर खान का 64 लाख का ‘डील’

​मुजफ्फरपुर के होटल में ठहरने के बाद अफरोज ने उजाले की पत्नी के जरिए संदेश भिजवाकर अपने खास जेवर व्यवसायी समीर खान उर्फ कबीर खान से संपर्क साधा।सूत्रों के अनुसार,पुलिस के हत्थे चढ़े कबीर खान ने पूछताछ में कई चौंकाने वाले राज उगले। उसने स्वीकार किया कि मुजफ्फरपुर के होटल में ही चोरी के जेवरात का सौदा हुआ था। पुलिस ने कबीर खान की निशानदेही पर उसके ससुराल से 64 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के जेवरात बरामद किए हैं।

​राँची पुलिस ने उजाले की पत्नी, अफरोज की पत्नी और जेवर व्यवसायी कबीर खान को शिकंजे में ले लिया है। हालांकि, मुख्य मास्टरमाइंड इरफान उर्फ उजाले, उसका साथी अफरोज और ड्राइवर नवीन अभी भी फरार हैं।​फिलहाल मुख्य सरगना इरफान उर्फ उजाले, अफरोज और नवीन अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं, जिनकी तलाश में बिहार, बंगाल, दिल्ली, यूपी और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में छापेमारी जारी है। पुलिस की इस कार्रवाई से देश के कई अन्य राज्यों में हुई अनसुलझी हाई-प्रोफाइल चोरियों का राजफाश होने की पूरी उम्मीद है।

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