नशे की सनक में कलयुगी पिता का खूनी खेल: सो रहे इकलौते बेटे की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या, बेटी के शोर मचाने से बची माँ की जान

​साहेबगंज जिला के रांगा थाना क्षेत्र का बिशनपुर गांव रविवार की काली रात एक ऐसी वारदात का गवाह बना, जिसने पूरे इलाके की रूह कंपा दी।​कहानी की शुरुआत रविवार शाम को बाप और बेटे के बीच हुई एक मामूली कहासुनी से हुई। 22 साल का सफीकुल—अपने माँ-बाप का इकलौता बेटा अंदाजा भी नहीं लगा सकता था कि यह बहस उसकी जिंदगी का आखिरी पन्ना साबित होगी। बहस के बाद पिता मुजाहिरूल हक गुस्से में घर से निकल गया, पर जब लौटा तो उस पर वहशियत सवार थी।

​शराब के नशे में धुत मुजाहिरूल जब देर रात घर पहुँचा, तब सफीकुल गहरी नींद में सो रहा था। अपने ही हाथों से पाले गए बेटे पर तरस खाने के बजाय मुजाहिरूल ने कुल्हाड़ी उठाई और सोए हुए बेटे के सिर पर एक के बाद एक कई ताबड़तोड़ वार कर दिए।

​खून से लथपथ बेटे को बेजान समझकर मुजाहिरूल का खूनी खेल यहीं खत्म नहीं हुआ। वह हाथ में वही खून से सनी कुल्हाड़ी लेकर अपनी सो रही पत्नी को ठिकाने लगाने के लिए आगे बढ़ा। लेकिन तभी उसकी बेटी की नजर पिता के खूनी हाथों पर पड़ गई। बेटी की खौफनाक चीख-पुकार से पूरा इलाका दहल उठा। खुद को घिरता देख दरिंदा पिता मौके से अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया।

​चीख-पुकार सुनकर जमा हुए ग्रामीणों और बदहवास परिजनों ने उम्मीद की आखिरी किरण नहीं छोड़ी। सिर से बहते खून के बीच परिजन रात भर सफीकुल को बचाने के लिए एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल भटकते रहे। डॉक्टरों ने हालत बेहद नाजुक देखकर प्राथमिक उपचार के बाद रेफर किया, लेकिन आगे के अस्पताल ने भी हाथ खड़े कर दिए। जब परिजन उम्मीद जगाए उसे लेकर जंगीपुर जा रहे थे, तभी रास्ते में सफीकुल की सांसों ने हमेशा के लिए साथ छोड़ दिया।

​सुबह होते-होते खुशियों वाला घर मातम के सन्नाटे में बदल चुका था। निराश परिजन सफीकुल के बेजान जिस्म को वापस घर ले आए। सूचना मिलते ही सोमवार सुबह रांगा थाना पुलिस मौके पर पहुँची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

​फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और बेटे का खून बहाकर फरार हुए कलयुगी पिता मुजाहिरूल हक को सलाखों के पीछे पहुँचाने के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।

error: Content is protected !!