सड़क किनारे खड़े ट्रक में गिट्टी लदे वाहन ने मारी टक्कर, चालक-खलासी की दर्दनाक मौत

कोडरमा घाटी फिर बनी ‘डेथ ट्रैप’, सड़क किनारे खड़े ट्रक में बेकाबू वाहन ने मारी जोरदार टक्कर, चालक और खलासी की मौके पर दर्दनाक मौत

​कोडरमा।कोडरमा थाना क्षेत्र अंतर्गत मेघातरी स्थित ‘शेरे हिंद’ होटल के पास देर रात एक भीषण सड़क हादसे में दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। सड़क किनारे पहले से खड़े एक ट्रक में गिट्टी लदे अनियंत्रित ट्रक ने पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। यह टक्कर इतनी भीषण थी कि गिट्टी लदे ट्रक का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया और उसमें सवार चालक तथा उपचालक की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान चालक साधु यादव और परिचालक छोटू कुमार के रूप में हुई है, जो पड़ोसी राज्य बिहार के नवादा जिले के रहने वाले थे।

​घटना के समय हुए जोरदार धमाके जैसी आवाज सुनकर आसपास के होटल संचालक और स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे। इसके बाद घटना की जानकारी तुरंत कोडरमा थाना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और स्थानीय ग्रामीणों की मदद से काफी मशक्कत के बाद दोनों शवों को क्षतिग्रस्त वाहन के पिचके हुए केबिन से बाहर निकाला। पुलिस ने पंचनामा तैयार कर दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है।

​गौरतलब है कि कोडरमा घाटी अब राहगीरों के लिए हादसों का हॉटस्पॉट बनती जा रही है। घाटी के तीखे मोड़, वाहनों की अंधाधुंध रफ्तार और नो-पार्किंग क्षेत्र में बेतरतीब ढंग से खड़े भारी वाहन रोज-रोज की मौतों का मुख्य कारण बन रहे हैं। रात के अंधेरे में सड़क किनारे अवैध रूप से खड़े वाहन दूर से दिखाई नहीं देते, जिससे पीछे से आने वाली गाड़ियां सीधे हादसे का शिकार हो जाती हैं। प्रशासनिक स्तर पर पुख्ता सुरक्षा इंतजाम न होने और नो-पार्किंग नियमों का सख्ती से पालन न कराए जाने से राहगीरों की जिंदगी हमेशा दांव पर लगी रहती है।

​लगातार हो रही इन मौतों से स्थानीय लोगों और राहगीरों में गहरा खौफ व्याप्त है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि घाटी के सभी खतरनाक और अंधे मोड़ों पर तत्काल रेडियम संकेतक बोर्ड लगाए जाएं। इसके साथ ही सड़कों पर अवैध रूप से खड़े रहने वाले वाहनों पर सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि कोडरमा घाटी में आए दिन हो रही इन अकाल मौतों पर अंकुश लगाया जा सके।

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