हजारीबाग में पुलिस और राहुल दुबे गैंग के बीच मुठभेड़: 1 अपराधी के पैर में लगी गोली, 2 गिरफ्तार; हथियार और बाइक बरामद

हजारीबाग। झारखण्ड के हजारीबाग जिले में बेखौफ अपराधियों और दहशतगर्दों के खिलाफ पुलिस ने बड़ी और सख्त कार्रवाई की है। केरेडारी थाना क्षेत्र में पुलिस और कुख्यात ‘राहुल दुबे गैंग’ के सक्रिय सदस्यों के बीच देर रात मुठभेड़ हो गई। इस मुठभेड़ के दौरान पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक अपराधी पैर में गोली लगने से घायल हो गया, जिसे पुलिस अभिरक्षा में इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। वहीं उसके दूसरे साथी को पुलिस ने घेराबंदी कर रंगे हाथों धर दबोचा।पुलिस ने मौके से एक देशी पिस्टल, 3 मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल की जा रही एक अपाचे मोटरसाइकिल बरामद की है।
हजारीबाग पुलिस अधीक्षक को गुप्त सूचना मिली थी कि केरेडारी (पगार ओ०पी०) क्षेत्र स्थित चंद्रगुप्त कोल खनन परियोजना के परिवहन मार्ग पर कुछ अपराधी अपाचे बाइक से पर्चे फेंककर बुकरु जंगल की ओर भागे हैं। सूचना के मुताबिक, यह गिरोह ट्रांसपोर्टिंग रूट पर खड़े ट्रकों और बुकरु-पचड़ा रोड बैरियर के आसपास रंगदारी (लेवी) वसूलने और दहशत फैलाने की फिराक में था।मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी के निर्देश पर एसडीपीओ बड़कागांव (अमित आनंद, IPS) के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। टीम में केरेडारी थाना प्रभारी और पगार ओ०पी० प्रभारी सशस्त्र बलों के साथ तुरंत बुकरु गांव के जंगलों की ओर अपराधियों की तलाश में निकल पड़े।
तड़के सुबह करीब 3:20 बजे बुकरु गांव के जंगल के पास पुलिस की टीम को एक अपाचे बाइक पर दो संदिग्ध आते दिखे। पुलिस वाहन को सामने देखते ही बाइक चालक घबरा गया और गाड़ी को जंगल की तरफ मोड़कर भागने की कोशिश करने लगा।
पुलिस बल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उनका पीछा किया, जिससे बाइक असंतुलित होकर गिर गई। बाइक गिरते ही दोनों आरोपी पैदल ही जंगल की ओर भागने लगे। खुद को घिरता देख एक अपराधी ने पुलिस टीम पर जानलेवा हमला करते हुए लगातार 3 राउंड गोलियां चला दीं।
पुलिस जवानों ने मुस्तैदी से अपनी स्थिति सुरक्षित की और अपराधियों को हथियार डालकर आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी। इसके बावजूद अपराधियों ने पुलिस को चुनौती देते हुए दोबारा फायरिंग शुरू कर दी।अपराधियों की ओर से लगातार हो रही गोलीबारी का जवाब देते हुए पुलिस ने आत्मरक्षार्थ दिशा में 3 राउंड नियंत्रित फायरिंग की। पुलिस की एक गोली फायरिंग कर रहे अपराधी के दाहिने पैर में जा लगी, जिससे वह लहुलूहान होकर वहीं गिर पड़ा और उसका हथियार दूर जा गिरा। इसी दौरान पुलिस बल ने दूसरे भाग रहे अपराधी को दौड़ाकर दबोच लिया।
पुलिस द्वारा की गई पूछताछ में पकड़े गए अपराधियों की पहचान इस प्रकार हुई है:
मो० रागीब अफजल (पिता- रफिक अंसारी) – निवासी: चेपाखुर्द, थाना- डाडीकला ओ०पी० (बड़कागांव थाना), जिला- हजारीबाग। (गोली लगने से घायल)
जितेन्द्र सोनी (पिता- ईश्वर सोनी) – निवासी: चट्टीबारियातु, थाना- पगार ओ०पी० (केरेडारी थाना), जिला- हजारीबाग।
कड़ाई से पूछताछ करने पर दोनों अपराधियों ने स्वीकार किया कि वे ‘राहुल दुबे गिरोह’ के सक्रिय सदस्य हैं। उन्होंने बताया कि चंद्रगुप्त कंपनी द्वारा लेवी (रंगदारी) नहीं दी जा रही थी, जिससे कंपनी प्रबंधन और ट्रांसपोर्टरों में भय का माहौल पैदा करने के लिए उन्होंने ट्रांसपोर्टिंग एरिया में गोलियां चलाई थीं और राहुल दुबे गैंग का पर्चा छोड़ा था।
इस साहसिक और सफल अभियान में मुख्य रूप से निम्नलिखित अधिकारी व जवान शामिल थे:
अमित आनंद (IPS) – अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO), बड़कागांव
पु०नि० शाहिद रजा – पुलिस निरीक्षक, बड़कागांव अंचल
पु०अ०नि० वेद प्रकाश पाण्डेय – थाना प्रभारी, केरेडारी थाना
पु०अ०नि० दिनेश मंडल – ओ०पी० प्रभारी, पगार
स०अ०नि० सिद्धेश्वर पंडित – केरेडारी थाना
केरेडारी थाना, पगार ओ०पी० का सशस्त्र बल एवं तकनीकी शाखा/संगठित अपराध शाखा के पुलिस पदाधिकारी व कर्मी।

