हाथियों का तांडव: खेत देखने गए किसान को कुचलकर मार डाला, गांव में फैली दहशत

हजारीबाग। जंगली हाथियों का खौफ किस कदर जिंदगियां लील रहा है, इसकी एक दिल दहला देने वाली तस्वीर हजारीबाग जिले से सामने आई है। बरकट्ठा थाना क्षेत्र के बरकनगांगो गांव में एक मासूम किसान को अपनी ही जमीं पर काल का सामना करना पड़ा। जंगली हाथियों के एक आक्रामक झुंड ने किसान को बेरहमी से रौंद दिया, जिससे उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।मृतक किसान की पहचान बरकनगांगो निवासी चिंतामणि साव (पिता- स्वर्गीय भीखन साव) के रूप में हुई है।
बताया जाता है कि घटना कि रोजाना की तरह चिंतामणि साव सोमवार दोपहर करीब तीन बजे अपने खेतों का हाल-चाल लेने घर से निकले थे। लेकिन ढलती शाम के साथ जब सूरज ढल गया और चिंतामणि घर नहीं लौटे, तो परिजनों के दिल में अनहोनी की आशंका गहराने लगी।
रात भर परिजन और ग्रामीण टॉर्च की रोशनी में जंगलों और खेतों की खाक छानते रहे, पर उनका कोई सुराग नहीं मिला। मंगलवार की अलसुबह जब ग्रामीण दोबारा तलाश में निकले, तो गांव के पास ही चिंतामणि का बेजान और कुचला हुआ शव पड़ा मिला। मंजर इतना खौफनाक था कि देखने वालों की रूह कांप गई।
घटना के बाद से पूरे बरकनगांगो और आसपास के इलाकों में मातम के साथ-साथ भारी दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कई दिनों से हाथियों का एक झुंड इलाके में खुलेआम घूम रहा है, लेकिन प्रशासन और वन विभाग की सुस्ती की वजह से आज एक निर्दोष किसान को अपनी जान गंवानी पड़ी।
ग्रामीणों की मांग है कि हाथियों के झुंड को तुरंत रिहायशी इलाकों और खेतों से खदेड़कर सुरक्षित जंगलों में भेजा जाए।मृतक चिंतामणि साव के पीड़ित परिवार को वन विभाग की ओर से अविलंब उचित मुआवजा दिया जाए।
हादसे की खबर मिलते ही वन विभाग के अधिकारी और पुलिस बल घटनास्थल के लिए रवाना हो गए हैं। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और सरकारी नियमानुसार पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द कागजी कार्रवाई पूरी कर मुआवजा प्रदान किया जाएगा।
बहरहाल, इस घटना ने एक बार फिर इंसान और वन्यजीवों के बीच बढ़ते संघर्ष और वन विभाग की गश्ती व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

