राँची के चर्चित एक्सट्रीम बार हत्याकांड में बड़ा फैसला, मुख्य आरोपी विक्की समेत 10 दोषी; कल सुनाई जाएगी सजा

राँची।राजधानी के बहुचर्चित एक्सट्रीम बार डीजे संदीप प्रमाणिक हत्याकांड में करीब दो साल बाद अदालत ने अहम फैसला सुनाते हुए मुख्य आरोपी अभिषेक सिंह उर्फ विक्की समेत 10 आरोपियों को दोषी करार दिया है। राँची सिविल कोर्ट के अपर न्यायायुक्त शैलेंद्र कुमार की अदालत ने सोमवार को सभी आरोपियों को दोषी ठहराया। अब मंगलवार को सजा के बिंदु पर सुनवाई होगी, जिसके बाद अदालत दोषियों को मिलने वाली सजा का ऐलान करेगी।

मुख्य आरोपी
यह वही मामला है जिसने मई 2024 में पूरे राँची को झकझोर दिया था। देर रात एक बार के भीतर हुई अंधाधुंध फायरिंग में डीजे संचालक संदीप प्रमाणिक की मौके पर ही मौत हो गई थी। घटना के बाद शहर में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठे थे।
ये आरोपी हुए दोषी
अदालत ने मुख्य आरोपी अभिषेक सिंह उर्फ विक्की के अलावा उसके पिता अशोक कुमार सिंह, मोहम्मद समीरुद्दीन, प्रतीक, मृत्युंजय कुमार, प्रकाश कुमार, दिवाकर उपाध्याय, आलोक दीवा, पंकज कुमार और सुमित कुमार को भी दोषी करार दिया है।
मामूली विवाद बना खूनी वारदात की वजह
26 मई 2024 की देर रात एक्सट्रीम बार बंद होने वाला था। इसी दौरान आधा दर्जन से अधिक युवक बार पहुंचे, जहां बार स्टाफ के साथ उनका विवाद और मारपीट हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विवाद के बाद मामला शांत होता दिखाई दिया, लेकिन मुख्य आरोपी अभिषेक सिंह बदला लेने की नीयत से वहां से निकल गया।कुछ देर बाद वह सेल सिटी स्थित अपने किराए के मकान पहुंचा, जहां से राइफल लेकर दोबारा बार आया। बार के अंदर घुसते ही उसने डीजे संदीप प्रमाणिक को निशाना बनाया और उनकी छाती में गोली मार दी। गोली लगते ही संदीप जमीन पर गिर पड़े और घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई।
डीजे संदीप
बार के बाहर भी बरसाईं गोलियां, CCTV बना सबसे बड़ा गवाह
हत्या के बाद आरोपी का गुस्सा यहीं नहीं थमा। वह पार्किंग एरिया में पहुंचा और वहां भी कई राउंड फायरिंग की। इसके बाद अपने साथियों के साथ कार में बैठकर फरार हो गया।पूरी घटना बार में लगे CCTV कैमरों में रिकॉर्ड हो गई। यही फुटेज बाद में पुलिस जांच का सबसे अहम साक्ष्य बना और आरोपियों तक पहुंचने में निर्णायक साबित हुआ।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई, 14 आरोपी पहुंचे थे जेल
घटना की सूचना मिलते ही तत्कालीन एसएसपी, सिटी एसपी और सिटी डीएसपी समेत पुलिस के कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। घटनास्थल की जांच, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी अभिषेक सिंह, उसके पिता अशोक सिंह और उसके दोस्तों समेत कुल 14 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
पूरे शहर में बना था चर्चा का विषय
एक मामूली विवाद के बाद जिस तरह खुलेआम बार के भीतर घुसकर हत्या की गई और उसके बाद अंधाधुंध फायरिंग करते हुए आरोपी फरार हो गए, उसने राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। यह मामला कई दिनों तक शहर की सबसे बड़ी चर्चा बना रहा और लोगों में दहशत का माहौल था।
अब अदालत द्वारा 10 आरोपियों को दोषी ठहराए जाने के बाद पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद और मजबूत हुई है। मंगलवार को होने वाली सुनवाई में अदालत दोषियों की सजा तय करेगी, जिस पर पूरे राज्य की नजरें टिकी हैं।

