राँची में आयकर विभाग की बड़ी कार्रवाई: बिल्डर समूहों की 50 करोड़ रुपये की अघोषित आय का खुलासा, बेनामी निवेश और टैक्स चोरी के मिले संकेत…

 

राँची।राजधानी राँची में रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े दो प्रमुख बिल्डर समूहों पर आयकर विभाग की अनुसंधान शाखा की कार्रवाई में बड़े पैमाने पर कर चोरी और अघोषित आय के संकेत मिले हैं। विभाग द्वारा बुधवार से शुरू किए गए सर्वे के दौरान अब तक करीब 50 करोड़ रुपये की अघोषित आय का खुलासा होने की जानकारी सामने आई है। जांच एजेंसियां इस राशि से जुड़ी बेनामी संपत्तियों और वित्तीय लेन-देन की गहन पड़ताल कर रही हैं।जांच के दौरान आयकर अधिकारियों को ऐसे दस्तावेज मिले हैं, जिनसे संकेत मिलता है कि कई परियोजनाओं में वैध दस्तावेजों के बजाय कच्चे कागजों पर लेन-देन किया गया। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि जमीन मालिकों और बिल्डरों की मिलीभगत से करोड़ों रुपये की टैक्स चोरी की गई, जिसके समर्थन में विभाग को महत्वपूर्ण दस्तावेज और रिकॉर्ड प्राप्त हुए हैं।

आयकर विभाग की जांच केवल बिल्डर समूहों तक सीमित नहीं रहेगी। अधिकारियों के अनुसार, कई फ्लैट खरीदारों ने भी संपत्तियों की खरीद में बड़ी रकम नकद दी है। ऐसे खरीदारों से भी आने वाले दिनों में पूछताछ की जा सकती है, ताकि नकद भुगतान और उसकी वैधता की जांच की जा सके।

विभाग की कार्रवाई राँची के कई प्रमुख आवासीय प्रोजेक्ट्स तक पहुंच चुकी है। लालपुर-कोकर मार्ग स्थित रोजवुड अपार्टमेंट,राँची महिला महाविद्यालय के सामने स्थित पनास-99 सहित दयानंद मोदी समूह के मोदी हाइट्स समेत कुल सात परियोजनाओं की जांच की जा रही है। अधिकारियों को आशंका है कि इन परियोजनाओं में बड़े पैमाने पर नकद लेन-देन कर राजस्व को नुकसान पहुंचाया गया।

जिनके विरुद्ध आयकर अनुसंधान शाखा ने सर्वे शुरू किया है, उनमें नारायण प्रसाद जालान के निर्देशन में संचालित पानस रियल्टर्स व दयानंद मोदी की संयुक्त परियोजना महिला महाविद्यालय के सामने स्थित पनास 99, दयानंद मोदी की लालपुर-कोकर रोड स्थित रोजवुड अपार्टमेंट व रातू रोड स्थित मोदी हाइट्स शामिल हैं।आयकर अनुसंधान का सर्वे शुक्रवार को भी जारी रहेगा। अब तक की छानबीन में बरामद दस्तावेजों का सत्यापन जारी है।

दस्तावेजों की जांच जारी, और खुल सकते हैं कई राज
आयकर विभाग द्वारा जब्त किए गए दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड का सत्यापन लगातार जारी है। अधिकारियों का मानना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ टैक्स चोरी और अघोषित निवेश से जुड़े कई और तथ्य सामने आ सकते हैं। विभाग को इन दोनों समूहों द्वारा संचालित अन्य परियोजनाओं में भी अनियमितताओं की आशंका है।सूत्रों के अनुसार, राजधानी में इन बिल्डर समूहों के कई बड़े प्रोजेक्ट संचालित हो रहे हैं, जहां बड़ी मात्रा में नकद लेन-देन किए जाने की सूचना पहले से विभाग के पास थी। इसी आधार पर यह कार्रवाई शुरू की गई, जो फिलहाल जारी है।

 

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