राँची गैंगरेप कांड: चंगुल से भागी नाबालिग ने दिखाई बहादुरी, ‘112’ पर कॉल के बाद हरकत में आई पुलिस ने सहेली को कराया मुक्त, 6 गिरफ्तार

-डर के मारे बदली थी कहानी, सीसीटीवी जांच और सिटी एसपी पारस राणा के बयान से खुला हैवानियत का पूरा सच..

​राँची।राजधानी राँची के तुपुदाना थाना क्षेत्र से विश्वासघात और हैवानियत की एक ऐसी दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने कथित प्रेमी के पीछे छिपे घिनौने चेहरे को बेनकाब कर दिया है। दो नाबालिग लड़कियों को प्रेम जाल में फंसाकर बंधक बनाया गया और उनके साथ सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) की वारदात को अंजाम दिया गया। हालांकि, राँची पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले में तत्परता दिखाते हुए मुख्य आरोपियों सहित कुल 6 अपराधियों को दबोच लिया है, जिनमें दो नाबालिग भी शामिल हैं।पुलिस ने एक पीड़िता को तुपुदाना एंसिलरी स्थित भगवान होटल के पीछे एक सुनसान मकान से सुरक्षित रेस्क्यू किया है। यह पूरी घटना तब उजागर हुई, जब एक नाबालिग लड़की किसी तरह दरिंदों के चंगुल से भाग निकली और पुलिस को इस बात की सूचना दी।  

इसी जगह से दोनों लड़की युवक के साथ स्कूटी से गई थी

​मिली जानकारी के अनुसार, घटना की शुरुआत एक सोचे-समझे धोखे से हुई। लटमा इलाके की रहने वाली दोनों नाबालिग लड़कियां अपने कथित प्रेमियों प्रेमी पर भरोसा करके उनके साथ घूमने के लिए धुर्वा स्मार्ट सिटी निकली थीं। दोनों लड़कियां इस बात से पूरी तरह अनजान थीं कि जिन पर वे आंख मूंदकर भरोसा कर रही हैं, वही उनके खिलाफ इतनी बड़ी साजिश रच रहे हैं।

इसी मकान में रखा था

​स्मार्ट सिटी पहुँचने के बाद इन कथित प्रेमियों की नीयत डगमगा गई। प्यार का नाटक करने वाले ये युवक जबरन दोनों नाबालिगों को तुपुदाना थाना क्षेत्र के इंडस्ट्रियल एरिया में स्थित एक सुनसान मकान में ले गए। वहाँ दोनों कथित प्रेमियों ने नाबालिगों की बेबसी का फायदा उठाते हुए उनके साथ दुष्कर्म किया और उन्हें बंधक बनाकर रात भर वहीं कैद रखा।

दूसरे दिन बढ़ा खौफ: शोरूम कर्मियों की भी नीयत बिगड़ी

​हैवानियत का यह सिलसिला यहीं नहीं थमा। अगले दिन, पास ही स्थित एक वाहन शोरूम के सर्विस सेंटर में काम करने वाले कुछ युवकों को इस बात की भनक लग गई कि सुनसान मकान में दो लड़कियों को बंधक बनाकर रखा गया है। मदद के लिए हाथ बढ़ाने के बजाय, उन चार अन्य युवकों की नीयत भी खराब हो गई और वे भी उस मकान में आ धमके। चार और अनजान युवकों को देखकर दोनों नाबालिग लड़कियां बुरी तरह सहम गईं और खुद को घिरता देख अपनी जान और आबरू बचाने की छटपटाहट में जुट गईं।

एक पीड़िता की बहादुरी और ‘112’ की मुस्तैदी

​खौफ के इसी माहौल के बीच, एक नाबालिग लड़की ने गजब का साहस दिखाया। वह किसी तरह आरोपियों को चकमा देकर उनके चंगुल से भाग निकलने में कामयाब रही और भागते-भागते चांदनी चौक, हटिया पहुँच गई। वहाँ पहुँचते ही उसने बिना एक पल गंवाए आपातकालीन नंबर 112 पर कॉल कर पुलिस से मदद मांगी। सूचना मिलते ही पीसीआर की टीम तुरंत मौके पर पहुँची।

​रोती-बिलखती नाबालिग ने पुलिस को अपनी आपबीती बताते हुए कहा -मेरी एक सहेली अभी भी तुपुदाना के उस मकान में कैद है, जहाँ कई लड़के उसके साथ गलत काम करने की कोशिश कर रहे हैं। मैं किसी तरह जान बचाकर भागी हूँ, लेकिन वो वहीं फंसी है।

एक्शन में पुलिस: छापेमारी कर सहेली को कराया मुक्त, 6 धरे गए

​नाबालिग की बात सुनते ही राँची पुलिस तुरंत हरकत में आई। मामले की गंभीरता को देखते हुए फौरन वरीय पुलिस पदाधिकारियों को सूचित किया गया। इसके बाद गठित पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए बताए गए ठिकाने (भगवान होटल के पीछे, तुपुदाना एंसिलरी) पर धावा बोल दिया।पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दूसरी नाबालिग लड़की को सुरक्षित बरामद कर लिया और मौके से सभी 6 आरोपियों को दबोच लिया।

गिरफ्तार आरोपियों की सूची:

​रोहित महतो

गुलाब महतो

​शुभम महतो

​देव प्रसाद नायक

​दो अन्य आरोपी (नाबालिग)

राँची सिटी एसपी पारस राणा का बयान: बयानों का सच और वैज्ञानिक जांच

​इस संवेदनशील मामले को लेकर राँची के सिटी एसपी पारस राणा ने आधिकारिक बयान जारी कर स्थिति स्पष्ट की है।सिटी एसपी ने बताया कि जब ‘112’ पर सूचना मिली, तो थाना पुलिस तुरंत अलर्ट हुई और दूसरी बच्ची को रिकवर करते हुए कुल 6 लड़कों को निरुद्ध/गिरफ्तार किया गया। शुरुआत में डरी-सहमी बच्ची ने अपने परिवार और समाज के खौफ के कारण पुलिस को बयान दिया था कि उन्हें कुछ नशीला पदार्थ सुंघाकर स्मार्ट सिटी से किडनैप किया गया था।पुलिस ने जब मामले की वैज्ञानिक जांच शुरू की और पीड़ित लड़कियों द्वारा बताए गए स्थान व समय के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, तो किडनैपिंग की बात की पुष्टि नहीं हुई।

महिला पुलिस अधिकारियों के सामने खुला सच:

जब पुलिस की महिला विंग और अधिकारियों की टीम ने बच्चियों से अत्यंत सहानुभूतिपूर्वक और कड़ाई से पूछताछ की, तो बच्चियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने माता-पिता और फैमिली के डर से किडनैपिंग की बात कही थी। असल में, वे खुद लड़कों के संपर्क में थीं और अपनी मर्जी से उनके साथ स्कूटी पर बैठकर घूमने निकली थीं।सिटी एसपी ने स्पष्ट किया कि घूमने निकलने के बाद लड़कों की नीयत खराब हुई। एक लड़की के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया गया, जबकि दूसरी लड़की ने बताया कि जहां उसे रेस्क्यू किया गया, वहां उसके साथ भी गलत करने का प्रयास (अटेंप्ट) किया गया था, लेकिन वह वहां से भागने में सफल रही।

जानकारी देते हुए सिटी एसपी और हटिया डीएसपी

​सिटी एसपी पारस राणा ने बताया कि “पीड़ित बच्चियों का सीडब्ल्यूसी (CWC) की सहायता से मेडिकल और कानूनी काउंसिलिंग कराई जा रही है। सभी चार बालिग आरोपियों को जेल और दो नाबालिगों को बाल सुधार गृह (रिमांड होम) भेजा जा रहा है। पुलिस इस पूरे मामले में वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाकर स्पीडी ट्रायल चलाएगी, ताकि इन दरिंदों को कानून के तहत सख्त से सख्त सजा दिलाई जा सके”।

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