आधी रात को गोलियों की गूँज: अरगोड़ा में व्यवसायी के घर धावा, जाँबाज़ बॉडीगार्ड ने पैर में गोली खाकर भी अपराधी को खदेड़ा

​राँची।घड़ी की सुइयाँ रात के ठीक 1:30 बजे का इशारा कर रही थीं। पूरा इलाका गहरी नींद में सोया था, लेकिन अरगोड़ा के एक संभ्रांत इलाके में खौफनाक साजिश की पटकथा लिखी जा रही थी।तभी सन्नाटे को चीरती हुई कुछ आहटें हुईं। अज्ञात बदमाशों का एक गिरोह व्यवसायी निशित केशरी के घर के मुख्य दरवाजे को कटर और हथियारों के बल पर तोड़कर जबरन अंदर घुसने की कोशिश कर रहा था।अपराधी घर के अंदर कदम रख पाते, उससे पहले ही निशित कुमार केशरी की नींद खुल गई। खतरा भाँपते ही उन्होंने बिना एक पल गँवाए अपनी सूझबूझ का परिचय दिया। अपनी वैध लाइसेंसी रिवाल्वर निकाली और ताबड़तोड़ हवाई फायरिंग शुरू कर दी। गोलियों की तड़तड़ाहट से घर अन्य सदस्य जाग गए।

​फायरिंग की आवाज़ सुनते ही निशित के निजी अंगरक्षक मुखदेव राम शेर की तरह मौके पर झपटे। उन्होंने भी अपनी बंदूक से हवाई फायरिंग की और सिर्फ अपराधियों को भगाया नहीं, बल्कि उन्हें ज़िंदा दबोचने के लिए सीधे उनसे भिड़ गए।अँधेरे में दोनों तरफ से मुठभेड़ शुरू हो गई। इसी बीच,अपराधियों की फायरिंग में एक गोली सीधे मुखदेव राम के पैर के अंगूठे को चीरती हुई निकल गई। पैर से खून बह रहा था, दर्द असहनीय था, लेकिन मुखदेव राम के हौसले नहीं डिगे। घायल होने के बावजूद उन्होंने और उनके साथियों ने ऐसी जवाबी कार्रवाई की कि अपराधियों के पैर उखड़ गए और वे रात के अंधेरे का फायदा उठाकर दुम दबाकर भाग खड़े हुए।

​घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में पुलिस बल मौके पर पहुँची।पुलिस की एक विशेष टीम ने घटनास्थल और उसके आसपास के तमाम सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को अपने कब्जे में ले लिया है।

अहम सुराग हाथ लगे: सूत्रों के मुताबिक, फुटेज और मौके से पुलिस को कुछ ऐसे पुख्ता सुराग मिले हैं, जिससे अपराधियों की पहचान लगभग तय मानी जा रही है।

​पुलिस का दावा है कि आधी रात को इस दुस्साहस को अंजाम देने वाले शातिर जल्द ही सलाखों के पीछे होंगे। फिलहाल, पूरे इलाके में मुस्तैदी बढ़ा दी गई है और घायल जाँबाज़ अंगरक्षक का इलाज जारी है।

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