लोहरदगा में रोंगटे खड़े कर देने वाली हैवानियत:नशा करने के दौरान दोस्तों में हुआ विवाद, पीट-पीटकर मार डाला; फिर आरी से लाश के पीस-पीस कर खदान में फेंका

​लोहरदगा। झारखण्ड के लोहरदगा में एक ऐसी खौफनाक वारदात सामने आई है, जिसने दिल्ली के श्रद्धा मर्डर केस की यादें ताजा कर दी हैं। लोहरदगा के पुलिस अधीक्षक ने प्रेस वार्ता कर आज इस पूरे सनसनीखेज मामले का खुलासा किया है। एसपी ने बताया कि आपसी विवाद और नशे की लत ने दो दोस्तों को इस कदर हैवान बना दिया कि उन्होंने अपने ही एक दोस्त की बेरहमी से हत्या कर दी। पकड़े जाने के डर से दोनों ने लाश को हेक्सा ब्लेड (लोहा काटने वाली आरी) से टुकड़ों में काट डाला और उसे बोरे में भरकर स्कूटी से पत्थर खदान के पानी और जंगलों में फेंक दिया।

​लोहरदगा पुलिस की विशेष टीम (SIT) ने इस अंधे कत्ल की गुत्थी को महज 7 घंटे के भीतर सुलझाते हुए दोनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस वीभत्स हत्याकांड की जानकारी मिलने के बाद से ही इलाके के लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है।

​एसपी का खुलासा: नशा करने के दौरान हुआ था विवाद, तीनों थे दोस्त

​प्रेस वार्ता के दौरान एसपी ने बताया कि मृतक हुसैन अंसारी और गिरफ्तार दोनों आरोपी आपस में गहरे दोस्त थे। 4 जुलाई की रात को तीनों मो० सहबाज उर्फ राज के दुर्गाबाड़ी लेन स्थित घर पर इकट्ठा हुए थे। वहां नशा करने के दौरान किसी बात को लेकर उनके बीच आपस में तीखी बहस और विवाद शुरू हो गया।​देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों आरोपियों ने हुसैन अंसारी के साथ बेरहमी से मारपीट शुरू कर दी। इस मारपीट के दौरान हुसैन के सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आईं, जिससे मौके पर ही उसकी दर्दनाक मौत हो गई।

​’पीस-पीस’ काटकर फेंक दी लाश, ताकि शक न हो

​एसपी के मुताबिक, हुसैन की मौत के बाद दोनों आरोपी बुरी तरह घबरा गए। कानून के शिकंजे से बचने के लिए उन्होंने एक खौफनाक साजिश रची। उन्होंने बाजार से लोहा काटने वाला हेक्सा फ्रेम ब्लेड खरीदा। इसके बाद कसाई की तरह उन्होंने अपने ही दोस्त की लाश को कई हिस्सों (पीस-पीस) में काट डाला। आरोपियों का सोचना था कि शव के टुकड़े कर अलग-अलग फेंकने से उसकी पहचान कभी नहीं हो पाएगी और उन पर कोई शक भी नहीं करेगा।टुकड़ों को उन्होंने प्लास्टिक के बोरे में भरा और अपनी स्कूटी (संख्या: JH-08K-1173) पर लादकर ओयना टोंगरी के खदान और पास के जंगलों में ले जाकर फेंक दिया।

​खदान के पानी में तैरता मिला बोरा, खुली दहशत की परतें

​घटना की शुरुआत 7 जुलाई 2026 की दोपहर करीब 01:30 बजे हुई, जब पुलिस को सूचना मिली कि ओयना टोंगरी स्थित एक बंद पड़े पत्थर खदान के पानी में एक संदिग्ध बोरा तैर रहा है। लोहरदगा थाना प्रभारी रत्नेश मोहन ठाकुर दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। जब बोरे को पानी से बाहर निकाला गया, तो पुलिसकर्मियों के भी होश उड़ गए। बोरे के अंदर एक अज्ञात व्यक्ति का क्षत-विक्षत शव था, जिसका सिर और जांघ से दोनों पैर कटे हुए थे।

​सोशल मीडिया से हुई शव की पहचान

​हत्यारों ने पहचान छिपाने की पूरी कोशिश की थी, लेकिन पुलिस ने तुरंत शव की तस्वीरें स्थानीय न्यूज चैनलों और सोशल मीडिया पर प्रसारित कीं। कुछ ही देर में शव की शिनाख्त हुसैन अंसारी (पिता: मिकायल मीर, निवासी: न्यू आजाद बस्ती, लोहरदगा) के रूप में हुई। मृतक के पिता के बयान पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या और साक्ष्य छुपाने का मामला (कांड सं0-94/26) दर्ज किया।

​SIT का गठन, 7 घंटे में आरोपियों का ‘द एंड’

​मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर एक विशेष अनुसंधान टीम (SIT) का गठन किया गया। पुलिस ने सटीक इनपुट और तकनीकी कड़ियों को जोड़ते हुए ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू की। महज 7 घंटे के भीतर पुलिस ने दोनों शातिर हत्यारों को दबोच लिया।

गिरफ्तार हत्यारों के नाम:

अरमान खान (22 वर्ष), पिता: गुलजार खान, निवासी: नूर नगर, लोहरदगा।

मो० सहवाज अहमद उर्फ राज (25 वर्ष), पिता: स्व० तसौबर अहमद, निवासी: दुर्गाबाड़ी लेन पावरगंज, लोहरदगा।

पुलिस की बड़ी कामयाबी:

पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया फेम सहित हेक्सा ब्लेड, लाश को ढोने में प्रयुक्त स्कूटी और शव के अन्य लापता हिस्से (शेष भाग) भी बरामद कर लिए हैं। पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी है।

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