सुबह बिगड़ी तबीयत, शाम तक चली गई जान… चौकीदार की मौत पर अस्पताल में हंगामा, परिजनों ने लगाए लापरवाही के आरोप

 

लोहरदगा।रविवार को तबीयत बिगड़ने के कुछ ही घंटों बाद एक चौकीदार की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए। इलाज के लिए निजी क्लीनिक पहुंचे मरीज की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। हालांकि क्लीनिक संचालक का कहना है कि मरीज की हालत बेहद गंभीर थी और इलाज शुरू होने से पहले जांच के दौरान ही उसकी मौत हो गई।

मामला लोहरदगा जिले के कुड़ू प्रखंड से सटे चंदवा थाना क्षेत्र के गोली गांव का है। मृतक की पहचान गांव के चौकीदार बनेश महतो के रूप में हुई है। सोमवार को पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए लोहरदगा सदर अस्पताल भेज दिया।

मृतक की पत्नी महेश्वरी देवी के अनुसार, रविवार सुबह करीब चार बजे अचानक बनेश महतो की तबीयत बिगड़ गई। शौच के लिए जाने के दौरान वे गिर पड़े। हालत में सुधार नहीं होने पर दोपहर बाद उन्हें इलाज के लिए कुड़ू स्थित मधुर क्लीनिक ले जाया गया।

परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में समय पर और उचित इलाज नहीं मिला। उनका कहना है कि करीब दो घंटे बाद चिकित्सकों ने मरीज की हालत गंभीर बताते हुए उन्हें रांची के रिम्स रेफर करने की सलाह दी, लेकिन इसी दौरान उनकी मौत हो गई। इसके बाद गुस्साए परिजनों ने क्लीनिक में हंगामा किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया और शव को अपने कब्जे में लिया।

वहीं, मधुर क्लीनिक के संचालक डॉ. कल्याण कुमार मधुर ने परिजनों के आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि बनेश महतो को शाम करीब पांच बजे अत्यंत गंभीर अवस्था में लाया गया था। डॉक्टर के मुताबिक, मरीज की प्रारंभिक जांच की जा रही थी, लेकिन इलाज शुरू होने से पहले ही उनकी मौत हो गई। उन्होंने कहा कि चिकित्सकीय स्तर पर किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती गई।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मौत की वास्तविक वजह क्या थी और इलाज में किसी तरह की लापरवाही हुई या नहीं।

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