कोडरमा में चीफ लोको इंस्पेक्टर का क्षत-विक्षत शव ट्रैक पर मिला, रेलवे महकमे में हड़कंप,जांच में जुटी है रेलवे पुलिस…

 

कोडरमा। सोमवार की सुबह कोडरमा रेलवे स्टेशन से आई एक खबर ने पूरे रेलवे महकमे को झकझोर दिया। धनबाद-गया रेलखंड पर स्टेशन के ईस्ट केबिन के पास रेलवे के मुख्य लोको निरीक्षक (चीफ लोको इंस्पेक्टर) सह लॉबी इंचार्ज बंगाली चैंपिया (49) का क्षत-विक्षत शव मिलने से सनसनी फैल गई। कुछ घंटे पहले तक ड्यूटी निभाने वाले अधिकारी की इस तरह मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

मूल रूप से ओडिशा के रहने वाले बंगाली चैंपिया वर्तमान में कोडरमा में चीफ लोको इंस्पेक्टर सह लॉबी इंचार्ज के पद पर कार्यरत थे। जानकारी के मुताबिक, सोमवार तड़के करीब चार बजे तक वे अपनी ड्यूटी पर मौजूद थे और लॉबी में रेलकर्मियों से बातचीत भी हुई थी। इसके बाद अचानक उनका संपर्क टूट गया।

जब काफी देर तक उनका कोई पता नहीं चला तो परिजनों और सहकर्मियों ने तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान सबसे पहले रेलवे ट्रैक के पास उनका आई-कार्ड और कुछ कपड़े मिले। इसके बाद आसपास अलग-अलग स्थानों से उनका क्षत-विक्षत शव बरामद किया गया। शव की स्थिति देखकर प्रारंभिक आशंका जताई जा रही है कि उनकी मौत किसी ट्रेन की चपेट में आने से हुई, हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा होगा।

घटना की सूचना मिलते ही जीआरपी, रेलवे अधिकारी और बड़ी संख्या में रेलकर्मी मौके पर पहुंच गए। पूरे रेलवे परिसर में शोक के साथ-साथ गुस्से का माहौल भी देखने को मिला। कई कर्मचारियों ने मांग की कि मामले को सिर्फ हादसा मानकर बंद न किया जाए, बल्कि हर पहलू की निष्पक्ष जांच हो।

इस बीच सहकर्मियों ने गंभीर आरोप भी लगाए हैं। उनका कहना है कि बंगाली चैंपिया लंबे समय से मानसिक तनाव और कार्यस्थल के दबाव से जूझ रहे थे। कर्मचारियों के अनुसार, 13 मई को मंडल विद्युत अभियंता (परिचालन) रजत कुमार सिंह के साथ उनका विवाद हुआ था। आरोप है कि उस दौरान उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और उनका मोबाइल फोन भी तोड़ दिया गया। सहकर्मियों का दावा है कि इस घटना के बाद वे गहरे मानसिक आघात में चले गए थे और कुछ लोगों के सामने आत्महत्या जैसी आशंका भी जताई थी।

रेलकर्मियों का यह भी कहना है कि विवाद के बाद उन्हें निलंबित किया गया था, हालांकि बाद में निलंबन वापस ले लिया गया। इसके बावजूद वे लगातार दबाव में रहे। बताया जा रहा है कि उन्होंने खुद को लॉबी इंचार्ज की जिम्मेदारी से मुक्त करने का अनुरोध भी किया था, लेकिन उनकी मांग पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। कर्मचारियों का आरोप है कि लॉबी निरीक्षण व्यवस्था के नाम पर रनिंग स्टाफ पर अनावश्यक दबाव बनाया जाता है, जिससे कर्मचारियों का मानसिक तनाव बढ़ता है।

फिलहाल जीआरपी ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि अभी किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि यह महज हादसा था या इसके पीछे कोई और वजह है।

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