आधी रात को देवघर में डबल मर्डर से सनसनी: जिस कुल्हाड़ी ने ली थी पति की जान, उसी ने माँ-बेटे को भी सुलाया मौत की नींद,मौके पर एसपी पहुँचे…

देवघर। झारखण्ड के देवघर जिले से एक ऐसी रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को दहला कर रख दिया है। सोनारायठाढी थाना क्षेत्र के हेठ नवाडीह गांव में सोमवार की देर रात एक माँ और उसके 12 साल के मासूम बेटे की कुल्हाड़ी से गला काटकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। मृतकों की पहचान 40 वर्षीय रुबेदा बीबी और उसके बेटे छोटू के रूप में हुई है। इस दोहरे हत्याकांड के बाद से पूरे गांव में सन्नाटा पसरा है और लोगों में भारी आक्रोश है।
मिली जानकारी के मुताबिक, यह खौफनाक वारदात सोमवार रात करीब 1 से 2 बजे के बीच की है। जब पूरा गांव गहरी नींद में सोया था, तब हत्यारों ने माँ-बेटे पर कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ वार कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया। सुबह जैसे ही इस खूनखराबे की खबर फैली, मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। हर कोई इस बेरहमी को देखकर दंग था।
घटना की गंभीरता को देखते हुए मंगलवार सुबह करीब 6 बजे एसपी प्रवीण पुष्कर खुद दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। उनके साथ पुलिस की रिसर्च विंग और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीम भी घटनास्थल पर पहुंची। टीम ने मौके से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए हैं और खोजी कुत्तों की मदद से हत्यारों का सुराग लगाने की कोशिश की जा रही है। पुलिस फिलहाल आपसी रंजिश समेत कई अन्य बिंदुओं पर तफ्तीश कर रही है।
…और अधूरा रह गया इंसाफ: 4 साल पहले पति की भी हुई थी ऐसी ही हत्या
इस सनसनीखेज वारदात का सबसे खौफनाक पहलू यह है कि इस परिवार को ठीक 4 साल पहले भी इसी तरह उजाड़ा गया था। परिजनों के मुताबिक, 15 जुलाई 2022 को रुबेदा बीबी के पति रियाज अहमद की भी कुल्हाड़ी से काटकर ठीक इसी तरह हत्या कर दी गई थी। ग्रामीणों और परिवार वालों में इस बात को लेकर गहरा गुस्सा है कि रियाज अहमद की हत्या के चार साल बीत जाने के बाद भी पुलिस कुछ मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर पाई थी। लोगों का मानना है कि अगर समय रहते कानून का खौफ होता, तो आज एक माँ और उसके मासूम बच्चे की जान न जाती।
पिता के कत्ल के बाद इस बदनसीब परिवार की जिम्मेदारी बड़े बेटे के कंधों पर आ गई थी। वह पश्चिम बंगाल में रहकर मजदूरी करता था और पाई-पाई जोड़कर घर पैसे भेजता था ताकि माँ और छोटे भाई का पेट भर सके। लेकिन उसे क्या पता था कि जिस माँ और भाई के लिए वह परदेस में पसीना बहा रहा है, उन्हें घर में ही सदा के लिए सुला दिया जाएगा।
इस दोहरे हत्याकांड के बाद से हेठ नवाडीह गांव और आसपास के इलाकों में खौफ का माहौल है। अब देखना यह है कि पुलिस इस बार हत्यारों को सलाखों के पीछे पहुंचा पाती है या फिर इंसाफ का इंतजार और लंबा होगा।

