राँची पुलिस:हाईटेक निगरानी में रहेंगे पेट्रोलिंग वाहन, एसएसपी ने कंट्रोल रूम में की समीक्षा बैठक…
राँची।राजधानी राँची में सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने और पुलिसिंग को डिजिटल तकनीक से जोड़ने की दिशा में राँची पुलिस ने एक बड़ा कदम उठाया है।मंगलवार को एसएसपी राकेश रंजन की अध्यक्षता में कम्पोजिट कंट्रोल रूम (सीसीआर) में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई. इस बैठक का मुख्य एजेंडा जिले में तैनात पेट्रोलिंग वाहनों की कार्यप्रणाली को अत्याधुनिक तकनीक के माध्यम से पारदर्शी और प्रभावी बनाना था।
बैठक के दौरान एसएसपी राकेश रंजन ने बताया कि जिले के सभी कार्यरत पेट्रोलिंग वाहनों को अब जीपीएस से लैस कर दिया गया है।इस तकनीक के माध्यम से अब सीधे कम्पोजिट कंट्रोल रूम से ही हर वाहन की गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा रही है। कंट्रोल रूम में बैठे अधिकारी अब एक क्लिक पर वाहन इस वक्त शहर के किस इलाके में है, वाहन ने पूरे दिन में किन-किन रूटों पर गश्त की, किसी घटना की सूचना पर वाहन को मौके पर पहुंचने में कितना समय लगेगा और वह किस दिशा की ओर बढ़ रहा है यह जानकारी मिलेगी।
इस नई प्रणाली का सबसे बड़ा लाभ आपातकालीन परिस्थितियों में मिलेगा।एसएसपी ने स्पष्ट किया कि जैसे ही कोई इमरजेंसी कॉल आएगी, कंट्रोल रूम यह देख पाएगा कि घटनास्थल के सबसे करीब कौन सा पेट्रोलिंग वाहन मौजूद है। इससे पुलिस का ‘रिस्पॉन्स टाइम काफी कम हो जाएगा और बल शीघ्रता से मौके पर पहुंच सकेगा।
इसके अतिरिक्त, इस प्रणाली के माध्यम से आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया देना संभव हो सकेगा तथा किसी भी घटना स्थल पर पुलिस बल की शीघ्र पहुँच सुनिश्चित की जा सकेगी। इससे न केवल अपराध नियंत्रण में सहायता मिलेगी, बल्कि आम जनता की सुरक्षा व्यवस्था भी और अधिक मजबूत होगी। बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि सभी संबंधित पदाधिकारी इस तकनीक का पूर्ण रूप से उपयोग सुनिश्चित करें, ताकि पुलिसिंग व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी एवं प्रभावी बनाया जा सके।
इस महत्वपूर्ण बैठक में सिटी एसपी,ग्रामीण एसपी,ट्रेफिक एसपी,कोतवाली डीएसपी,सिटी डीएसपी,सदर डीएसपी,ट्रेफिक डीएसपी और अन्य पुलिस पदाधिकारी शामिल थे।
रियल-टाइम ट्रैकिंग: सभी वाहनों में GPS प्रणाली होगी, जिससे कंट्रोल रूम उनकी लोकेशन और गश्त की स्थिति देख सकेगा।
आधुनिक संचार: वाहन अत्याधुनिक वायरलेस और संचार उपकरणों से लैस होंगे, जो त्वरित सूचना आदान-प्रदान में मदद करेंगे।
अपराध नियंत्रण: इन वाहनों का उद्देश्य अपराध हॉटस्पॉट्स पर विजिबिलिटी बढ़ाना और उपद्रवी तत्वों पर कड़ी नजर रखना है।
सुरक्षा व विजिबिलिटी: संवेदनशील इलाकों और चौराहों पर गश्त (Patrolling) की सघनता बढ़ेगी, जिससे जनता में सुरक्षा की भावना बढ़ेगी।

