चतरा पुलिस का बड़ा एक्शन: दुबई से ऑपरेट होने वाले प्रिंस खान गैंग के दो गुर्गे बिहार से गिरफ्तार, 2 करोड़ रुपये की मांगी थी रंगदारी

चतरा।झारखण्ड की चतरा पुलिस ने संगठित अपराध और रंगदारी वसूलने वाले गिरोहों के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने दुबई में बैठकर गैंग ऑपरेट करने वाले कुख्यात भगोड़े गैंगस्टर प्रिंस खान (उर्फ हैदर अली) के दो मुख्य गुर्गों को बिहार के भोजपुर जिले से धर दबोचा है। पकड़े गए अपराधियों की पहचान मोहम्मद अस्फाक आलम और सद्दाम अंसारी के रूप में हुई है।
यह पूरा मामला हंटरगंज थाना क्षेत्र का है, जहां पिण्डरा निवासी पत्थर व्यवसायी और लोजपा (आर) नेता प्रेमचंद सिंह से व्हाट्सएप मैसेज के जरिए ₹2 करोड़ की भारी-भरकम फिरौती मांगी गई थी। रंगदारी न देने पर गैंगस्टर प्रिंस खान ने प्रेमचंद सिंह को न सिर्फ जान से मारने और उनके परिवार को खत्म करने की धमकी दी, बल्कि यहां तक कह दिया था कि वह उनके पोते का मुंह भी नहीं देखने देगा। इस खौफनाक धमकी के बाद हंटरगंज थाने में त्वरित प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
चतरा पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम ने तकनीकी अनुसंधान और गुप्त सूचना के आधार पर 10 जुलाई 2026 को बिहार के भोजपुर जिला अंतर्गत गिद्धा थाना क्षेत्र के कायम नगर में सघन छापेमारी कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी प्रिंस खान गैंग के लिए रीढ़ की हड्डी का काम कर रहे थे। इनका मुख्य काम गैंग के लिए रेकी करना, रंगदारी का पैसा वसूलना/ट्रांसफर करना, मुख्य शूटरों तक कैश पहुंचाना और हवाला के जरिए विदेशों (दुबई) से आर्थिक लेन-देन को संभालना था।
बरामदगी:
वीवो (VIVO) कंपनी के एंड्रायड मोबाइल फोन
प्रिंस खान के सहयोगियों द्वारा भेजे गए पैसों के ट्रांजैक्शन डिटेल्स की छायाप्रति, जो पुख्ता सबूत के तौर पर काम आएगी।
गिरफ्तार आरोपियों में से सद्दाम अंसारी (मूल निवासी: कादीर नगर, धनबाद) का पुराना और लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ पहले से ही धनबाद के विभिन्न थानों (बैंक मोड़ और गोविन्दपुर) में हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट जैसे कई संगीन मामले दर्ज हैं।
चतरा पुलिस की इस त्वरित और सटीक कार्रवाई से रंगदारी मांगने वाले अपराधियों के नेटवर्क को एक बड़ा झटका लगा है। फिलहाल दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है और गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।

