फिजियोथैरेपी के दौरान मौत से मचा हड़कंप, परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप

सरायकेला। झारखण्ड के सरायकेला-खरसावां जिले के सीनी ओपी क्षेत्र में गुरुवार को फिजियोथैरेपी के दौरान एक 32 वर्षीय युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि इलाज के दौरान इंजेक्शन लगाए जाने के बाद युवक की तबीयत अचानक बिगड़ गई। हालत गंभीर होते ही इलाज कर रहा कथित फिजियोथैरेपिस्ट मौके से फरार हो गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
पेट दर्द की शिकायत पर लगाया इंजेक्शन, फिर बिगड़ी हालत
मृतक की पहचान श्यामल मजूमदार के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, गुरुवार सुबह श्यामल को पेट में दर्द की शिकायत हुई। इसी दौरान फिजियोथैरेपी के लिए आने वाले एक ग्रामीण चिकित्सक ने उसे पेट में गैस की समस्या बताते हुए इंजेक्शन लगा दिया। आरोप है कि इंजेक्शन लगने के कुछ ही देर बाद उसकी तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी। स्थिति गंभीर होते देख चिकित्सक अपना झोला और चप्पल वहीं छोड़कर फरार हो गया।घबराए परिजन श्यामल को तत्काल सदर अस्पताल, सरायकेला लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
सड़क दुर्घटना के बाद चल रहा था इलाज
परिजनों ने बताया कि कुछ महीने पहले श्यामल परीक्षा देने राँची जा रहा था, तभी वह सड़क दुर्घटना का शिकार हो गया था। हादसे में उसके एक पैर की हड्डी टूट गई थी।राँची के एक अस्पताल में उपचार के बाद जून माह में फॉलो-अप जांच के दौरान डॉक्टरों ने उसे फिजियोथैरेपी कराने की सलाह दी थी। इसके बाद वह सीनी में स्थानीय स्तर पर फिजियोथैरेपी करा रहा था।
पुलिस जांच में जुटी, शिकायत का इंतजार
घटना की सूचना मिलते ही सीनी ओपी पुलिस मौके पर पहुंची। ओपी प्रभारी विनय कुमार सिंह ने बताया कि मामले की जानकारी मिली है, लेकिन अभी तक परिजनों की ओर से कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई है। शिकायत मिलने के बाद सभी पहलुओं की जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और रिपोर्ट का इंतजार है।
जांच के बाद ही साफ होगी मौत की वजह
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि युवक की मौत इंजेक्शन के दुष्प्रभाव, किसी एलर्जी या किसी अन्य चिकित्सीय कारण से हुई। मौत के वास्तविक कारण का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही चल सकेगा।

