2.20 करोड़ का इनामी नक्सली असीम मंडल गांव में छिपा था वेश बदलकर, STF ने दबोचा…

 

जमशेदपुर/कोलकाता। झारखण्ड-बंगाल सीमा क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के शीर्ष नेता असीम मंडल उर्फ आकाश को लेकर गुरुवार को बड़ी कार्रवाई सामने आई है। कोलकाता पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने पूर्वी मेदिनीपुर के पोटाशपुर इलाके के ललाट गांव से उसे गिरफ्तार किया है। असीम मंडल को माओवादी संगठन की केंद्रीय कमेटी का सदस्य और पश्चिम बंगाल स्टेट कमेटी-I का सचिव बताया जाता है।

असीम मंडल लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर था। वह कई वर्षों से ठिकाने बदलकर सुरक्षा एजेंसियों से बचता रहा। गुरुवार को पोटाशपुर इलाके में STF की कार्रवाई के बाद उसे हिरासत में लिया गया। उसके कब्जे से माओवादी साहित्य, प्रचार सामग्री और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण मिलने की भी कुछ रिपोर्टें सामने आई हैं। हालांकि, बरामदगी की विस्तृत आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

असीम मंडल पर झारखण्ड सरकार ने एक करोड़ रुपये का इनाम घोषित किया था। झारखण्ड और ओडिशा को मिलाकर उसके सिर पर कुल 2.20 करोड़ रुपये का इनाम बताया गया है, जिसमें ओडिशा सरकार की ओर से 1.20 करोड़ रुपये शामिल हैं।

असीम मंडल का नाम झारखण्ड के कोल्हान और सारंडा क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय माओवादी नेटवर्क से जोड़ा जाता रहा है। पुलिस रिकॉर्ड और विभिन्न रिपोर्टों में उसका नाम कई हिंसक घटनाओं की जांच में सामने आने की बात कही गई है। वर्ष 2003 में गुवा थाना क्षेत्र में हुए हमले तथा वर्ष 2008 में पूर्वी सिंहभूम के घाटशिला-बुरुडीह क्षेत्र में हुए लैंडमाइंस विस्फोट के मामले में भी उसका नाम जांच के दौरान सामने आने की रिपोर्टें हैं। बुरुडीह विस्फोट में एक दरोगा समेत 11 पुलिसकर्मियों की मौत हुई थी।सांसद सुनील महतो हत्याकांड के संदर्भ में भी असीम मंडल का नाम सामने आता रहा है। हालांकि, इस तरह के मामलों में उसकी सटीक भूमिका को लेकर आधिकारिक जांच रिकॉर्ड को ही अंतिम आधार माना जाना चाहिए।

गिरफ्तारी के बाद नेटवर्क खंगालने में जुटी एजेंसियां
असीम मंडल के पकड़े जाने के बाद सुरक्षा एजेंसियों की नजर अब उसके संपर्कों और संभावित ठिकानों पर है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि पोटाशपुर इलाके में वह किन लोगों के संपर्क में था और उसके पास से बरामद सामग्री का इस्तेमाल किस नेटवर्क में होता था।करीब चार दशक से माओवादी गतिविधियों से जुड़े रहे असीम मंडल की गिरफ्तारी/पुलिस के कब्जे में आने की कार्रवाई को झारखण्ड और पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती इलाकों में माओवादी नेटवर्क के खिलाफ महत्वपूर्ण कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है।

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