RSS कार्यालय पर हमले की जांच में ED की एंट्री, दिल्ली-बिहार-झारखण्ड-कर्नाटक में छापेमारी

राँची।राजधानी राँची के निवारणपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रांतीय कार्यालय पर हुए पेट्रोल बम हमले की जांच अब आर्थिक लेन-देन और कथित मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल तक पहुंच गई है। गुरुवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) की दिल्ली जोनल टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दिल्ली, बिहार, झारखण्ड और कर्नाटक में कुल चार परिसरों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत की गई है।ED की कार्रवाई का आधार राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की ओर से दर्ज किया गया मामला है। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि रांची RSS कार्यालय पर हमले से जुड़े आरोपियों  या उनके नेटवर्क तक किसी तरह का संदिग्ध धन पहुंचा था या नहीं। ED की तलाशी में दस्तावेज, डिजिटल साक्ष्य और वित्तीय लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। हालांकि, गुरुवार की कार्रवाई में अब तक क्या-क्या बरामद हुआ है, इसकी विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

ED की दिल्ली जोनल टीम ने दिल्ली, बिहार, झारखण्ड और कर्नाटक में एक-एक परिसर, यानी कुल चार ठिकानों पर तलाशी ली जा रही है।इसी केस में NIA की हालिया कार्रवाई का बिहार कनेक्शन स्पष्ट हो चुका है। 9-10 सितंबर को NIA ने पटना के चित्रगुप्त नगर स्थित साईं कुसुम इनफिनिटी अपार्टमेंट के दो फ्लैटों में लंबी तलाशी ली थी। इन फ्लैटों का संबंध संदीप गुप्ता से बताया गया था। कार्रवाई के दौरान नकदी, आभूषण, दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण मिलने की रिपोर्ट सामने आई थी।

16/17 जून की आधी रात हुआ था हमला
दरअसल, 16 जून की देर रात से 17 जून की रात करीब 12:30 बजे के बीच राँची के चुटिया थाना क्षेत्र के निवारणपुर स्थित RSS कार्यालय को निशाना बनाया गया था। पुलिस के मुताबिक दो लोगों ने पेट्रोल बम फेंके थे। एक बम कार्यालय की छत पर गिरा, जिससे आग लगी, जबकि दूसरा प्रवेश द्वार के पास गिरा। घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं थी।घटना के बाद राँची लिस ने जांच शुरू की। बाद में मामले की गंभीरता और सामने आए कथित आतंकी कनेक्शन को देखते हुए NIA ने जांच अपने हाथ में ले ली। NIA की आधिकारिक केस सूची में इस मामले को RC-01/2026/NIA/RNC के रूप में दर्ज किया गया है और केस का शीर्षक RSS कार्यालय परिसर पर दो अज्ञात लोगों द्वारा बम फेंके जाने से संबंधित है।

तीन आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार
जांच के दौरान पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। सैफ अंसारी और अमन अंसारी को भागने की कोशिश के दौरान पकड़ा गया था, जबकि तीसरे आरोपी सयाम सुजन को बाद में गिरफ्तार किया गया।जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपियों के कथित संपर्कों और विदेश से जुड़े कनेक्शन की भी पड़ताल की जा रही है। प्रारंभिक जांच में एक आरोपी के दुबई में रहने के दौरान एक संदिग्ध नेटवर्क के संपर्क में आने की बात सामने आई है।

पटना रेड के बाद अब ED की एंट्री
सितंबर में NIA की पटना कार्रवाई के बाद इस पूरे मामले में वित्तीय नेटवर्क की जांच को लेकर सवाल और गहरे हुए। पटना में NIA ने दो फ्लैटों की तलाशी ली थी। रिपोर्टों के मुताबिक एक कार्रवाई में करीब 20 लाख रुपये नकद मिलने की सूचना थी, जबकि बाद की तलाशी में भी नकदी और आभूषण मिलने की रिपोर्ट सामने आई। इन बरामदगी की पूरी आधिकारिक जानकारी एजेंसी की ओर से सार्वजनिक नहीं की गई थी।अब ED ने PMLA के तहत चार राज्यों में एक साथ कार्रवाई शुरू कर दी है। इससे साफ है कि जांच का दायरा सिर्फ पेट्रोल बम फेंकने वाले आरोपियों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि उनके संभावित वित्तीय नेटवर्क, फंडिंग और लेन-देन की कड़ियों की भी जांच की जा रही है। हालांकि, इन वित्तीय कड़ियों को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

चार राज्यों में ED की रेड ने बढ़ाई हलचल
राँची के RSS कार्यालय पर हुए हमले से शुरू हुई जांच अब राँची से निकलकर पटना और दूसरे राज्यों तक पहुंच चुकी है। NIA के बाद ED की एंट्री से मामले में वित्तीय नेटवर्क की जांच भी तेज हो गई है। फिलहाल ED की कार्रवाई जारी है और चारों राज्यों में तलाशी के बाद एजेंसी की ओर से बरामदगी और आगे की कार्रवाई को लेकर विस्तृत जानकारी का इंतजार है।

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