जामताड़ा पुलिस अधीक्षक से साइबर ठगी का प्रयास:फोन कर YONO ऐप के नाम पर ठगी की कोशिश,त्वरित कार्रवाई में 4 साइबर अपराधी गिरफ्तार
जामताड़ा।झारखण्ड के जामताड़ा के पुलिस अधीक्षक राजकुमार मेहता खुद साइबर अपराधियों के निशाने पर आ गए। जब उन्हें योनो एसबीआई ऐप से जुड़ी समस्या बताकर उनसे ठगी का प्रयास किया गया।कुछ ऐसे ही कॉल और मैसेजेज अलग-अलग योनो सेवा डीपी वाले नंबरों के जरिए जामताड़ा एसपी राजकुमार मेहता को भी आए, लेकिन साइबर ठग शातिरों के लिए यह आखिरी भूल साबित हुई और जामताड़ा साइबर थाने की छापेमारी के दौरान चार साइबर ठग पुलिस के हत्थे चढ़ गए।इस मामले में एसपी के निर्देश पर गठित टीम ने चार साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस अधीक्षक राजकुमार मेहता ने मंगलवार को जामताड़ा साइबर थाना में प्रेसवार्ता कर बताया कि उन्हें एक साइबर अपराधी का फोन आया था। फोन करने वाले ने योनो एसबीआई ऐप में समस्या होने की बात कहकर उनसे ठगी करने की कोशिश की।उसके बाद उन्होंने मामले में तुरन्त टीम गठित कर कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिए।गठित टीम ने चार साइबर अपराधियों को ढूंढ निकाला।गिरफ्तार किए गए चार साइबर अपराधियों की पहचान इब्राहिम अंसारी (ग्राम पांडेडीह, थाना अहिल्यापुर, जिला गिरिडीह), हुसैन अंसारी (26 वर्ष, पिता मरहूम बकसू मियां), शाकिर अंसारी उर्फ लालू (पिता अब्दुल कादिर मियां) और सिराज अंसारी (पिता शाहिद मियां) के रूप में हुई है। इन्हें कर्माटांड़ थाना क्षेत्र के लखनुडीह पार्टोल रोड के समीप बांस के झुंड में ठगी की घटना को अंजाम देते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया।
गिरफ्तार अपराधियों ने अपने स्वीकृति बयान में बताया कि वे सभी योनो ऐप को चालू करने के नाम पर लोगों से ठगी करते थे। एसपी ने बताया कि जामताड़ा जिले के नारायणपुर और कर्माटांड़ थाना क्षेत्रों के साइबर अपराधी नई तकनीक का इस्तेमाल कर पूरे भारत में स्टेट बैंक के योनो एसबीआई ऐप उपयोगकर्ताओं को निशाना बनाते थे।
पुलिस इस मामले की गहन छानबीन में जुट गई है। एसपी ने यह भी बताया कि इस घटना की जानकारी बैंक को भी दी जाएगी ताकि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा सकें। उन्होंने आम जनता से अपील की कि किसी भी ऐप या फाइल को व्हाट्सएप लिंक के माध्यम से भेजे जाने पर उसे स्पर्श न करें, क्योंकि इससे आपके बैंक खाते से राशि खाली हो सकती है।

