IRCTC होटल जमीन मामले में लालू-राबड़ी और तेजस्वी समेत 9 के खिलाफ आरोप तय,44.75 करोड़ की संपत्ति भी हुई थी अटैच
नई दिल्ली। दिल्ली की विशेष अदालत ने IRCTC होटल टेंडर के बदले जमीन से जुड़े धन-शोधन मामले में राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव और छह अन्य आरोपियों के खिलाफ पीएमएलए के तहत आरोप तय करने का निर्देश दिया है। अदालत का यह आदेश 10 सितंबर 2026 को आया, जिसकी जानकारी प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जारी की है।
मामला उस अवधि से जुड़ा है, जब लालू प्रसाद यादव केंद्र में रेल मंत्री थे। ED के अनुसार, जांच में आरोप है कि राँची और पुरी स्थित रेलवे के BNR होटलों के संचालन/प्रबंधन का ठेका एक निजी कंपनी को देने की प्रक्रिया में कथित तौर पर अनियमितता हुई और इसके बदले पटना की जमीन को कथित रूप से कम कीमत पर एक ऐसी कंपनी के नाम कराया गया, जो लालू प्रसाद यादव के करीबी सहयोगी के परिवार से जुड़ी थी। बाद में कंपनी के शेयरों के जरिए जमीन का नियंत्रण राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव तक पहुंचने का आरोप है।
₹44.75 करोड़ की संपत्ति कुर्क
ED ने बताया कि जांच के दौरान कुल 44.75 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियों को कुर्क किया गया था। इस संपत्ति की कुर्की की पुष्टि न्याय-निर्णयन प्राधिकरण (Adjudicating Authority) ने भी की थी। अदालत के रिकॉर्ड के मुताबिक पटना में कुल 358 डिसमिल जमीन से जुड़े 11 प्लॉटों का मूल्य 44.75 करोड़ रुपये बताया गया है।
पीएमएलए की धारा 3 और 4 के तहत आरोप
विशेष अदालत ने लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव समेत नौ आरोपियों के खिलाफ धन-शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) की धारा 3 सहपठित धारा 4 के तहत आरोप तय करने का निर्देश दिया है। अदालत के आदेश में कुछ अन्य आरोपियों को इस मामले में आरोपों से मुक्त भी किया गया है।
ED ने मामले की जांच CBI की प्राथमिकी के आधार पर PMLA के तहत शुरू की थी। CBI की मूल जांच में आरोप लगाया गया था कि रेलवे मंत्री के रूप में लालू प्रसाद यादव के कार्यकाल के दौरान राँची और पुरी के रेलवे होटलों के टेंडर में एक निजी कंपनी को लाभ पहुंचाया गया और इसके बदले जमीन का लेन-देन हुआ।

