RIMS की 10 एकड़ जमीन पर आज से ताबड़तोड़ चलेगा बुलडोजर, अपील कर्ता को हाईकोर्ट ने नहीं दी राहत

 

राँची।रिम्स की जमीन से अतिक्रमण हटाओ अभियान जारी रहेगा। हाईकोर्ट ने गुरुवार को अतिक्रमण हटाने पर रोक लगाने से इनकार कर दिया और इसके लिए दायर एक दर्जन से अधिक याचिकाओं को खारिज कर दिया। चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान और जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की अदालत ने कहा कि यह अभियान नहीं रुकेगा और बिना किसी दस्तावेज के माध्यम से हस्तक्षेप याचिका दायर कर दस्तावेज बाद में देने के तर्क पर अतिक्रमण हटाने पर रोक नहीं लगायी जाएगी।अदालत ने जिला प्रशासन को अतिक्रमण मुक्त कार्रवाई जारी रखने का निर्देश दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि 15 दिसंबर को कैलाश कोठी के मामले पर विस्तृत सुनवाई की जाएगी। गुरुवार को सुनवाई के दौरान राँची के उपायुक्त, एसएसपी और बड़गाईं के अंचलाधिकारी दस्तावेज के साथ मौजूद थे। कोर्ट ने उनसे रिम्स परिसर के अतिक्रमण पर सवाल किया।

रिम्स की 9.65 एकड़ जमीन पर कब्जा

रिम्स की 9.65 एकड़ जमीन पर अवैध कब्जा है। रिम्स की जमीन पर मंदिर, बहुमंजिली इमारतें, बाजार और कच्चे मकान का निर्माण किया गया है। झारखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा) ने रिम्स का निरीक्षण करने के बाद हाईकोर्ट को सौंपी अपनी रिपोर्ट में इसका उल्लेख किया था। इसके बाद अदालत ने रिम्स से अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि अतिक्रमण हटाने या विरोध करने वालों के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की जाएगी। झालसा की रिपोर्ट में कहा गया है कि डीआईजी मैदान के नाम से प्रसिद्ध इलाके में रिम्स की जमीन पर बुद्ध पार्क, तीन से चार बहुमंजिली इमारत, 150 के अधिक कच्चे-पक्के मकान बनाए गए हैं। यहां की जमीन पर अवैध कृषि कार्य किए जा रहे हैं और अवैध सड़क भी बनी है।

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