सावधान ! अपने जिगर के टुकड़ों को अपनी नजर से ओझल न होने दें….झारखण्ड की गली-गली में बच्चा चोरों का गैंग टहल रहा,अंश-अंशिका के बाद 12 बच्चे बरामद…राँची पुलिस का बड़ा खुलासा…

 

अगर आप झारखण्ड के किसी शहर या गांव में रहते हैं, तो आपके लिए बेहद चेतावनी भरी खबर है।वह यह है कि आप अपने जिगर के टुकड़ों को अपनी नजर से ओझल न होने दें।झारखण्ड की गली-गली में बच्चा चोरों का गैंग टहल रहा है। यह गैंग बच्चों को पहले बहलाता-फुसलाता है। चॉकलेट-कुरकुरे खाने के लिए देता है और जब वह समझ जाता है कि बच्चा उसकी चंगुल में फंस गया है, फिर वह उसे चुरा लेता है इसके बाद बच्चों के मां-बाप छाती पीटते रह जाते हैं।राँची के अंश-अंशिका कांड के बाद राँची पुलिस ने बच्चा चोरों के एक बड़े गैंग का खुलासा किया है।

 

राँची। झारखण्ड में बच्चा चोरों का गैंग गली-गली में टहल रहा है। राँची के धुर्वा में अंश और अंशिका अपहरण कांड के बाद राँची पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए झारखण्ड में सक्रिय बच्चा चोरों के एक बड़े गैंग का खुलासा किया है।अंश-अंशिका के अपहरण के बाद एसआईटी ने अलग-अलग जगहों पर छापेमारी कर अब तक कुल 12 अपहृत बच्चों को सकुशल बरामद किया है। इसके साथ ही, इस संगठित गैंग से जुड़े 13 आरोपियों को गिरफ्तार भी किया गया है,जबकि कुछ अन्य संदिग्धों से पूछताछ जारी है।

एसआईटी की ओर से बरामद किए गए 12 बच्चों में छह झारखण्ड, पांच पश्चिम बंगाल और एक बच्चा बिहार के औरंगाबाद जिले से संबंधित है। इन बच्चों की उम्र चार से 12 साल के बीच बताई जा रही है।

राँची के धुर्वा इलाके से अंश और अंशिका की बरामदगी के बाद शुरू हुई जांच में यह सामने आया है कि गिरोह का नेटवर्क सिर्फ झारखण्ड तक सीमित नहीं था, बल्कि पड़ोसी राज्यों तक फैला हुआ था।

इस मामले में अब तक 13 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इनमें आठ पुरुष और पांच महिलाएं शामिल हैं। गिरफ्तार लोगों में पहले से पकड़े गए नभ खेरवार के ससुर एंथोनी खरवार और सोनी कुमारी के पिता भी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, विरोधी खेरवार इस पूरे गैंग का मास्टर माइंड है। उसके साथ उसकी पत्नी चांदनी देवी, आशिक गोप और उसकी पत्नी बेबी देवी, उपैया खेरवार और उसकी पत्नी सोनिया देवी समेत कई अन्य लोग बाल तस्करी के इस नेटवर्क में सक्रिय रूप से शामिल थे। अब तक कुल 15 लोगों की गिरफ्तारी की पुष्टि की जा चुकी है।

राँची के एसएसपी राकेश रंजन ने बताया कि आरोपियों ने 12 बच्चों के अपहरण की बात स्वीकार की है।उन्होंने बताया कि यह गुलगुलिया गैंग गरीब और असहाय बच्चों को निशाना बनाता था। पहले उनकी रेकी जाती थी।फिर खाने-पीने या घुमाने का लालच देकर अपने करीब लाया जाता था।इसके बाद मौका मिलते ही उन्हें चुरा लिया जाता था।

पुलिस की पूछताछ में यह बात भी सामने आई है कि गैंग की ओर से कुछ बच्चों को बिहार के औरंगाबाद जिले और पश्चिम बंगाल में बेच दिया गया था। पुलिस को आशंका है कि कई अन्य बच्चों को भी दूसरे राज्यों में भेजा गया हो सकता है। एसएसपी ने कहा कि अन्य बच्चों का सत्यापन कराया जा रहा है और इस कांड में और लोगों की संलिप्तता से इनकार नहीं किया जा सकता।

छत्तीसगढ़ तक फैला है बच्चा चोरों का नेटवर्क

आरोपियों के स्वीकारोक्ति बयान के आधार पर राँची के सिल्ली, रामगढ़ के कोठार और लातेहार के बरियातू इलाके से बच्चों की बरामदगी की गई है।पुलिस को इस गैंग की गतिविधियां छत्तीसगढ़ तक फैली होने के भी संकेत मिले हैं। इसे देखते हुए अन्य राज्यों की पुलिस से भी संपर्क किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री और डीजीपी की निगरानी में चल रही एसआईटी

एसएसपी राकेश रंजन ने बताया कि यह एसआईटी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, डीजीपी तदाशा मिश्रा और एडीजी सह राँची प्रक्षेत्र आईजी मनोज कौशिक के निर्देश में काम कर रही है। टीम का नेतृत्व ग्रामीण एसपी प्रवीण पुष्कर कर रहे हैं। इसमें सिटी एसपी पारस राणा, ट्रैफिक एसपी राकेश कुमार सिंह समेत कई डीएसपी, इंस्पेक्टर और दारोगा शामिल हैं।

14 जनवरी के बाद पकड़ में आया गैंग

इस पूरे मामले में पहली बड़ी सफलता 14 जनवरी को मिली थी, जब नभ खेरवार और उसकी पत्नी सोनी कुमारी को आम जनता के सहयोग से गिरफ्तार किया गया था। उनसे पूछताछ के बाद गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के ठिकानों पर लगातार छापेमारी की गई।इसी कड़ी में एक के बाद एक गिरफ्तारियां होती चली गईं और बच्चों की बरामदगी संभव हो सकी।

बच्चा चोरों से पूछताछ जारी

पुलिस का कहना है कि देर रात तक कई संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है।एसआईटी को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में और बच्चों को भी मुक्त कराया जा सकता है और इस संगठित बाल तस्करी नेटवर्क की पूरी शृंखला सामने आ सकेगी।पुलिस ने लोगों से भी अपील की है कि अगर कहीं संदिग्ध गतिविधि या लापता बच्चों से जुड़ी जानकारी मिले, तो तुरंत प्रशासन को सूचित करें।

पुलिस की गिरफ्त में आए बच्चा चोर

-जवरोधी खेरवार उर्फ अनुराग (27), को्ठार, रामगढ़
-चांदनी देवी (23) पत्नी तवरोधी खेरवार, को्ठार, रामगढ़
-एंथोनी खरवार (60), नभ खेरवार का ससुर, रामगढ़.
-प्रमोद कुमार (27), टुट्की नावाडीह, तसल्ली, रांची
-आशिक गोप (32), टुट्की नावाडीह, तसल्ली, रांची
-बेबी देवी, पत्नी आशिक गोप, टुट्की नवाडीह, तसल्ली
-राज स्वानी, शिव टोला, बारियातू, लातेहार
-सीता देवी (18 वर्ष), बारियातू, लातेहार
-विनु भुईंयां (30 वर्ष), बारियातू, लातेहार
-संन्यासी खेरवार रविदास टोला, कोठार, रामगढ़
-मालिन देवी (42 वर्ष), कोठार, रामगढ़.
-उपैया खेरवार, बारियातू, लातेहार
-सोनिया देवी पत्नी उपैया खेरवार, बारियातू, लातेहार

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