रामगढ़ में रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात: सब-रजिस्ट्रार की सरेआम पीट-पीटकर हत्या, जमीन विवाद में बहा खून, चार महिला सहित 7 गिरफ्तार…

रामगढ़। झारखण्ड के रामगढ़ जिले के मांडू थाना क्षेत्र स्थित हुवाग (सियारी टांड़) से एक रूह कंपा देने वाली सनसनीखेज वारदात सामने आई है। गिरीडीह जिले में सब-रजिस्ट्रार के पद पर तैनात और रबोध के निवासी बालेश्वर पटेल की 11 डिसमिल जमीन विवाद को लेकर बेरहमी से हत्या कर दी गई है। इस खूनी खेल ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है। वारदात उस वक्त हुई जब बालेश्वर पटेल सुबह करीब 8:40 बजे अपनी जमीन पर लगे समरसेबल पंप को देखने गए थे। तभी पहले से घात लगाए बैठे विरोधियों ने उन पर जानलेवा हमला कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही मांडू थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घायल बालेश्वर पटेल को तुरंत इलाज के लिए होप हॉस्पिटल रामगढ़ पहुंचाया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हमलावरों की बर्बरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पुलिस ने घटनास्थल से हत्या में इस्तेमाल किए गए खून से सने ईंट के टुकड़े और बांस के डंडे जब्त किए हैं। घटना की गंभीरता को देखते हुए FSL रांची की टीम ने भी मौके पर पहुंचकर वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए हैं।
रामगढ़ पुलिस अधीक्षक के कड़े निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष टीम (SIT) का गठन किया गया। पुलिस की इस टीम ने स्थानीय लोगों से पूछताछ, मानवीय आसूचना और घटना के समय के वीडियो फुटेज के आधार पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक इस हत्याकांड में संलिप्त कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जा रहा है।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में संतोष कुमार साव उर्फ पम्पम (35 वर्ष), रामू साव उर्फ ज्ञानी (72 वर्ष), शकुन्तला देवी (60 वर्ष), रूबी कुमारी (पति- संतोष कुमार साव), विनय कुमार (24 वर्ष, निवासी चतरा), पूजा कुमारी (36 वर्ष, निवासी जमशेदपुर) और लक्ष्मी देवी उर्फ डोली कुमारी (25 वर्ष, निवासी धनबाद) शामिल हैं।
मृतक की पत्नी रीता कुमारी ने मांडू थाना में दर्ज प्राथमिकी (कांड संख्या 151/2026) में गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि रामू साव, संतोष साव, विनय, विष्णू, पूजा, रूबी, शकुंतला और डोली कुमारी ने मिलकर उनके पति की बेरहमी से हत्या की है। इसके साथ ही उन्होंने खुलासा किया कि इस खौफनाक हत्याकांड की साजिश रचने में हेमंत पांडेय और दिनेश साव भी शामिल थे, जबकि वारदात के समय बबीता देवी भी मौके पर मौजूद थी।
पीड़िता ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर सभी दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग की है। पुलिस का कहना है कि सात मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और फरार चल रहे शेष आरोपियों को पकड़ने के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।

