गुमला में सनसनी: कस्तूरबा आवासीय विद्यालय के हॉस्टल में 10वीं की छात्रा ने लगाई फांसी, परिजनों ने स्कूल प्रबंधन पर लगाया लापरवाही का आरोप

​गुमला। झारखण्ड के गुमला जिले के भरनो स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय के छात्रावास में आज सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब 10वीं कक्षा की एक 15 वर्षीय छात्रा ने फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। मृतका की पहचान बूढ़ीपाठ गांव निवासी चैतु उरांव की पुत्री मोनिका कुमारी के रूप में हुई है। घटना सुबह करीब 6 बजे की है, जब हॉस्टल की सभी छात्राएं रोजाना की तरह पीटी  के लिए ग्राउंड में गई थीं।

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, मोनिका हॉस्टल की दूसरी मंजिल पर स्थित कमरा नंबर 23 में अपनी 14 सहेलियों के साथ रहती थी। सुबह जब सभी लड़कियां पीटी के लिए जाने लगीं, तो मोनिका ने पेट दर्द का बहाना बनाया और कमरे में ही रुक गई। ग्राउंड में गिनती के दौरान जब मोनिका अनुपस्थित पाई गई, तो शिक्षिका ने उसकी सहेलियों को उसे बुलाने के लिए भेजा। सहेलियां जब कमरे के पास पहुंचीं, तो दरवाजा अंदर से बंद था और तभी अंदर से कुछ गिरने की आवाज आई। अनहोनी की आशंका में छात्राओं ने पैर से मारकर दरवाजा तोड़ा, तो देखा कि मोनिका दुपट्टे के सहारे फंदे से लटकी हुई थी और उसकी मौत हो चुकी थी।

​घटना की सूचना मिलते ही थानेदार संतोष कुमार सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। वहीं, बेटी की मौत की खबर सुनकर बदहवास हालत में स्कूल पहुंचे माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतका के पिता ने स्कूल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी बेटी आत्महत्या नहीं कर सकती। उसने घर पर कभी कोई परेशानी नहीं बताई थी, और अगर सिर्फ पेट में दर्द था तो कोई फांसी क्यों लगाएगा।

​छात्रा की मौत की खबर फैलते ही प्रशासनिक महकमे में खलबली मच गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीओ अखिलेश कुमार, डीईओ कविता खलखो, बीडीओ अरुण कुमार सिंह, पीपीओ सूरज लकड़ा और पीआरपी समीम एजाज तुरंत विद्यालय पहुंचे। अधिकारियों ने स्कूल की सभी छात्राओं के साथ बैठक कर घटना के संबंध में पूछताछ की है और पुलिस मामले के हर पहलू की गहराई से तफ्तीश कर रही है।

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