खलारी में नकाबपोश अपराधियों का तांडव,तीन बाइक से पहुंचे 8-9 बदमाशों ने मजदूरों को लोहे की रॉड से पीटा, तीन मोबाइल लूटे; दहशत में निर्माण कार्य बंद

 

राँची। राजधानी राँची के खलारी में अपराधियों ने एक बार फिर अपनी दबंगई दिखाते हुए निर्माण स्थल पर जमकर उत्पात मचाया। खलारी डाकघर के समीप रेलवे आवासीय भवन का निर्माण करा रहे मजदूरों पर मंगलवार देर रात नकाबपोश अपराधियों के एक गिरोह ने हमला बोल दिया। तीन बाइक पर सवार होकर पहुंचे 8 से 9 अपराधियों ने निर्माण स्थल पर मौजूद मजदूरों को निशाना बनाया। लोहे की रॉड से ताबड़तोड़ हमला कर नौ मजदूरों की पिटाई की और तीन मोबाइल फोन लूटकर फरार हो गए। अचानक हुए इस हमले से निर्माण स्थल पर अफरातफरी मच गई।

 

बताया जाता है कि अपराधियों ने निर्माण स्थल पर पहुंचते ही मजदूरों के साथ मारपीट शुरू कर दी। विरोध करने पर बदमाशों ने लोहे की रॉड से हमला कर दिया। इस हमले में सद्दाम हुसैन का सिर फट गया, जबकि इस्तीफाक शेख के हाथ में गंभीर चोट आई है। दोनों को काफी चोटें आई हैं। हमलावरों ने अन्य मजदूरों के साथ भी मारपीट की और उन्हें भयभीत कर दिया।

मारपीट के बाद अपराधियों ने वहां मौजूद लोगों के मोबाइल फोन भी छीन लिए। इस दौरान गार्ड वीरेंद्र कुमार और सोहरिन देवी के मोबाइल फोन भी लूट लिए गए। कुल तीन मोबाइल फोन लेकर अपराधी तीनों बाइक से मौके से फरार हो गए। वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावरों के अचानक गायब हो जाने से मजदूरों में दहशत फैल गई।

पहले भी हो चुकी है मारपीट की घटना

जानकारी के अनुसार, खलारी डाकघर के पास रेलवे की आवासीय बिल्डिंग का निर्माण कार्य केईसी कंपनी के अंतर्गत केके कंस्ट्रक्शन द्वारा कराया जा रहा है। इसी निर्माण स्थल पर इससे पहले भी 7 सितंबर को मारपीट की घटना हुई थी। अब एक बार फिर हथियारबंद नकाबपोशों द्वारा मजदूरों को निशाना बनाए जाने से निर्माण स्थल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

लगातार दूसरी घटना ने मजदूरों के बीच भय का माहौल पैदा कर दिया है। मजदूरों का कहना है कि जब निर्माण स्थल पर ही उनकी सुरक्षा की गारंटी नहीं है, तो वे आखिर किस भरोसे काम करें।

 

ताजा वारदात के बाद मजदूरों ने सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए निर्माण कार्य बंद कर दिया है। मजदूरों में इस कदर भय है कि वे दोबारा काम शुरू करने को लेकर आशंकित हैं। घटना से निर्माण कार्य भी प्रभावित हो गया है।

घटना की सूचना मिलने के बाद खलारी थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की छानबीन शुरू कर दी। पुलिस अपराधियों की पहचान और घटना के पीछे की वजह का पता लगाने में जुटी है। लगातार दूसरी बार एक ही निर्माण स्थल को निशाना बनाए जाने से यह सवाल उठ रहा है कि आखिर मजदूरों को सुरक्षा कब मिलेगी और निर्माण स्थल पर अपराधियों की इस तरह की वारदातों पर रोक कैसे लगेगी।

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