रामगढ़ में सेना की नौकरी के नाम पर ठगी का जाल, लखनऊ मिलिट्री इंटेलिजेंस की सूचना पर एक गिरफ्तार–

 

रामगढ़। सेना में नौकरी पाने का सपना देख रहे युवाओं को निशाना बनाकर ठगी करने का एक गंभीर मामला सामने आया है। रामगढ़ आर्मी कैंप में विभिन्न पदों पर भर्ती कराने का झांसा देकर बेरोजगार युवाओं और आम नागरिकों से मोटी रकम वसूलने के आरोप में पुलिस ने राजकमल नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपी रामगढ़ का ही रहने वाला बताया जा रहा है। वह कथित तौर पर सेना में नौकरी दिलाने के नाम पर प्रत्येक पद के लिए एक लाख रुपये की मांग कर रहा था।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस फर्जी भर्ती के खेल की सूचना लखनऊ मिलिट्री इंटेलिजेंस को मिली थी। इसके बाद मिलिट्री इंटेलिजेंस की ओर से दी गई विशेष सूचना के आधार पर रामगढ़ पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी राजकमल को गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि आरोपी रामगढ़ और आसपास के नागरिकों को रामगढ़ आर्मी कैंप में अलग-अलग रिक्त पदों पर नौकरी दिलाने का भरोसा देता था। इसके एवज में वह प्रत्येक वैकेंसी के लिए एक लाख रुपये वसूल रहा था।

पैसे लेने के बाद संपर्क से बचने लगा था आरोपी
सूत्रों के अनुसार, आरोपी ने नौकरी की उम्मीद लगाए बैठे कई लोगों से पहले ही काफी रकम वसूल ली थी। आरोप है कि जब उसने अधिकांश रकम प्राप्त कर ली तो वह लोगों से संपर्क करने से बचने लगा। इतना ही नहीं, वह कथित तौर पर ठगी की रकम लेकर फरार होने की फिराक में भी था। इसी बीच मामले की जानकारी लखनऊ मिलिट्री इंटेलिजेंस तक पहुंची और पुलिस ने समय रहते कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया।

कितने लोगों से हुई ठगी, कहां गई रकम; जांच में खुलेगा राज
रामगढ़ पुलिस ने इस मामले में 27 अक्टूबर 2026 को जीडी संख्या 20 के तहत मामला दर्ज किया है। फिलहाल पुलिस और मिलिट्री इंटेलिजेंस संयुक्त रूप से पूरे प्रकरण की गहन जांच कर रही हैं। जांच का मुख्य बिंदु यह पता लगाना है कि आरोपी ने अब तक कितने लोगों से पैसे वसूले हैं, कुल कितनी रकम की ठगी की गई है और क्या इस फर्जी भर्ती के खेल में उसके साथ अन्य लोग भी शामिल हैं।

साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी सेना में भर्ती कराने के नाम पर किन-किन पदों का लालच देता था और क्या उसने किसी सैन्य अधिकारी या भर्ती प्रक्रिया से जुड़े व्यक्ति के नाम का इस्तेमाल कर लोगों को विश्वास में लिया था।

सेना में नौकरी दिलाने के नाम पर एक लाख रुपये प्रति वैकेंसी की कथित वसूली का यह मामला बेरोजगार युवाओं को निशाना बनाकर चलाए जा रहे फर्जी भर्ती नेटवर्क की आशंका पैदा करता है। पुलिस और मिलिट्री इंटेलिजेंस की जांच पूरी होने के बाद इस पूरे खेल से जुड़े कई और खुलासे होने की संभावना है।

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