हजारीबाग में फायरिंग का सनसनीखेज खुलासा;दहशत फैलाकर रंगदारी वसूलने की थी योजना, अपने ही हथियार से दो साथी घायल,पांच गिरफ्तार

 

–पगार में गोलीकांड की कहानी निकली चौंकाने वाली, पुलिस का दावा-माइनिंग क्षेत्र में फायरिंग कर रंगदारी वसूलने की बना रहे थे योजना; हथियार, कारतूस, मोबाइल और फायरिंग का वीडियो बरामद

हजारीबाग। झारखण्ड के हजारीबाग जिले के केरेडारी थाना क्षेत्र अंतर्गत पगार ओपी के पगार गांव में हुई गोलीबारी की घटना ने नया मोड़ ले लिया है। जिस गोलीकांड में दो युवकों के घायल होने की खबर सामने आई थी, उसकी जांच में पुलिस ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। हजारीबाग पुलिस के अनुसार, इस मामले में घायल दोनों युवकों समेत कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का दावा है कि पांचों मिलकर माइनिंग क्षेत्र में फायरिंग कर दहशत फैलाने और रंगदारी वसूलने की योजना बना रहे थे। इसी दौरान हथियार से अचानक गोली चल गई और उनके ही दो साथी घायल हो गए।

पुलिस के अनुसार,घटना 22 अक्टूबर 2026 की रात की है। अगले दिन 23 अक्टूबर की सुबह करीब 9:15 बजे पगार गांव में दो युवकों के गोली लगने से घायल होने की सूचना मिली थी। दोनों को इलाज के लिए शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल, हजारीबाग में भर्ती कराया गया था। शुरुआत में मामला अज्ञात अपराधियों द्वारा गोली मारने का लग रहा था, लेकिन पुलिस की जांच में पूरी कहानी अलग सामने आई।

दो बाइक पर सवार होकर पहुंचे थे युवक, फिर चली गोली
घटना की गंभीरता को देखते हुए एसपी अमन कुमार ने बड़कागांव के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया। एसपी के निर्देश पर टीम ने अस्पताल पहुंचकर घायल युवकों और उनके साथियों से पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान मिले बयानों और मोबाइल फोन की जांच में कई अहम तथ्य सामने आए।

पुलिस की जांच के अनुसार, घटना वाली रात दो मोटरसाइकिलों पर पांच युवक पगार गांव के पास मौजूद थे। इसी दौरान एक अन्य मोटरसाइकिल पर सवार तीन युवकों के साथ भी घटनाक्रम जुड़ा। पूछताछ में सामने आए विवरण के मुताबिक, सचिन कुमार महतो, अनोज कुमार महतो और शिवलाल कुमार महतो एक बाइक पर थे, जबकि रूपलाल महतो और रमेश कुमार महतो दूसरी बाइक पर मौजूद थे।पुलिस का कहना है कि मामले में सभी पांचों की भूमिका संदिग्ध पाई गई और अलग-अलग पूछताछ के दौरान उनके बयानों में समानता मिली। इसके बाद पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की गहराई से जांच की।

माइनिंग क्षेत्र में दहशत फैलाने और रंगदारी वसूलने की योजना का दावा
पुलिस ने सबसे बड़ा खुलासा कथित साजिश को लेकर किया गया है। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में पांचों ने बताया कि वे 22 अक्टूबर की रात करीब सात बजे पगार-नरजोरवा टांड़ फुटबॉल ग्राउंड में बैठकर पार्टी कर रहे थे और माइनिंग क्षेत्र में फायरिंग कर दहशत फैलाने तथा रंगदारी वसूलने की योजना बना रहे थे।
पुलिस के मुताबिक, इसी दौरान सचिन कुमार महतो ने कथित तौर पर अवैध हथियार से फायरिंग की। इसके बाद रूपलाल महतो ने हथियार अपने हाथ में ले लिया और उसके साथ छेड़छाड़ करने लगा। इसी दौरान अचानक गोली चल गई। गोली लगने से रूपलाल महतो की बायीं हथेली और रमेश महतो के दाहिने जबड़े में चोट आई। इस तरह कथित तौर पर दहशत फैलाने की योजना के बीच दोनों युवक खुद ही गोलीबारी में घायल हो गए।

पुलिस को गुमराह करने के लिए बनाई गई थी कहानी?
इस मामले में पुलिस ने यह भी दावा किया है कि घटना के बाद पांचों ने वास्तविक घटनाक्रम छिपाने और पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। पुलिस के मुताबिक, सभी ने अलग-अलग पूछताछ में अपने बयान दिए, जिनकी जांच की गई। मोबाइल फोन की तकनीकी जांच के दौरान घटना के समय हथियार लहराते हुए फायरिंग करने का वीडियो भी मिलने की बात कही गई है।
पुलिस का कहना है कि इन तथ्यों के आधार पर घटना में शामिल लोगों की भूमिका सामने आई।

पांच आरोपी गिरफ्तार, हथियार और फायरिंग का वीडियो बरामद
हजारीबाग पुलिस ने मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के नाम इस प्रकार हैं:
सचिन कुमार महतो, उम्र 22 वर्ष, निवासी सोतियाबार टोला।
अनोज कुमार महतो, उम्र 22 वर्ष, निवासी ठेटली।
शिवलाल कुमार महतो, उम्र 21 वर्ष, निवासी ठेटली।
रूपलाल महतो, उम्र 20 वर्ष, निवासी पगार।
रमेश कुमार महतो, उम्र 22 वर्ष, निवासी नावाडीह पगार।

पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल हथियार और अन्य सामान बरामद करने की बात कही है। बरामदगी में शामिल हैं:
एक पिस्टल मैगजीन।
दो देसी पिस्तौल।
7.65 एमएम के दो कारतूस।
तीन मोबाइल फोन।
फायरिंग का वीडियो रखने वाली एक पेन ड्राइव।
दो मोटरसाइकिलें।

केरेडारी थाना में मामला दर्ज, एसआईटी ने किया खुलासा
इस मामले में केरेडारी (पगार ओपी) थाना कांड संख्या 122/26, दिनांक 24 अक्टूबर 2026 दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 111(2), 111(3), 109(1), 238(b) तथा आर्म्स एक्ट की धारा 25(1-B)(a), 26, 27 और 35 के तहत मामला दर्ज किया गया है।पूरे मामले के उद्भेदन में बड़कागांव के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में गठित एसआईटी और संबंधित थाना पुलिस की भूमिका रही। पुलिस अब मामले से जुड़े साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।

इस गोलीकांड में सबसे चौंकाने वाला पहलू पुलिस का यह दावा है कि माइनिंग क्षेत्र में दहशत फैलाने और रंगदारी वसूलने की कथित योजना के बीच गोली चलने से दो युवक घायल हो गए। पुलिस ने पांचों को गिरफ्तार कर हथियार बरामद करने की बात कही है। अब आगे की जांच और न्यायिक प्रक्रिया से मामले के सभी पहलू स्पष्ट होंगे।

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