झारखण्ड का ‘वीरू’ और बिहार की ‘बसंती’…प्यार में शादी से इनकार पर 1.32 लाख वोल्ट के टावर पर चढ़ा युवक, 12 घंटे से अधिक समय तक चला हाई-वोल्टेज ड्रामा

 

–बांका में शोले फिल्म जैसा नजारा, प्रेमिका की मिन्नतें भी नहीं आईं काम; युवक को बचाने के लिए बिजली विभाग ने बंद की हाईटेंशन लाइन, जमुई से की गई वैकल्पिक बिजली आपूर्ति

गोड्डा/बांका। मोहब्बत में दिल टूटा तो झारखण्ड के एक युवक ने ऐसा कदम उठा लिया कि बिहार के बांका में घंटों तक अफरा-तफरी मची रही। प्यार में शादी से इनकार मिलने से आहत युवक सीधे 1 लाख 32 हजार वोल्ट की हाईटेंशन बिजली लाइन के विशाल टावर पर जा चढ़ा। फिर शुरू हुआ ऐसा हाई-वोल्टेज ड्रामा, जिसने पुलिस-प्रशासन से लेकर बिजली विभाग तक के अधिकारियों की नींद उड़ा दी। युवक को नीचे उतारने के लिए अधिकारियों ने हरसंभव कोशिश की, लेकिन वह अपनी जिद पर अड़ा रहा। यहां तक कि जब उसकी प्रेमिका मौके पर पहुंची और रो-रोकर नीचे उतरने की गुहार लगाने लगी, तब भी युवक टस से मस नहीं हुआ।

पूरा घटनाक्रम किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं था। झारखण्ड के युवक को लोग ‘वीरू’ और उसकी प्रेमिका को ‘बसंती’ कहकर चर्चा कर रहे हैं। हालांकि, यह फिल्मी रोमांस नहीं, बल्कि एक बेहद खतरनाक स्थिति थी, जिसमें युवक की जान पर बन आई थी।

शादी से इनकार के बाद टावर पर चढ़ा ‘वीरू’
मामला बिहार के बांका जिले के सदर थाना क्षेत्र में मुढ़हारा रेलवे स्टेशन के समीप का है। जानकारी के अनुसार, शुक्रवार की सुबह करीब नौ बजे झारखण्ड के गोड्डा जिले के पोरैयाहाट क्षेत्र के पदमपुर निवासी मनोज परिहार 1.32 लाख वोल्ट की हाईटेंशन बिजली लाइन के टावर पर चढ़ गया। बताया जा रहा है कि युवक का बांका जिले के फुल्लीडुमर प्रखंड क्षेत्र की रहने वाली एक युवती से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। शादी को लेकर कथित तौर पर इनकार मिलने से वह आहत था और इसी के बाद उसने यह खतरनाक कदम उठा लिया।

देखते ही देखते टावर के नीचे लोगों की भीड़ जुटने लगी। युवक को इतनी ऊंचाई पर देखकर हर कोई सहम गया। किसी को समझ नहीं आ रहा था कि आखिर उसे सुरक्षित नीचे कैसे उतारा जाए। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और युवक को समझाने-बुझाने का सिलसिला शुरू हुआ।

अधिकारियों की मिन्नतें बेअसर, 12 घंटे तक टावर पर डटा रहा युवक

युवक को सुरक्षित नीचे उतारना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया। मौके पर एसडीओ, एसडीपीओ, अंचलाधिकारी, स्थानीय थानाध्यक्ष और बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारी पहुंचे। लाउडस्पीकर और माइक के जरिए युवक से लगातार नीचे उतरने की अपील की जाती रही। अधिकारी उसे समझाते रहे कि उसकी जान सबसे कीमती है और गुस्से या भावनात्मक आवेश में उठाया गया कदम उसके लिए जानलेवा साबित हो सकता है।

लेकिन घंटों की मशक्कत के बाद भी युवक नीचे उतरने को तैयार नहीं हुआ। सुबह से शुरू हुआ यह घटनाक्रम देर रात तक जारी रहा। करीब 12 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी युवक टावर पर ही डटा रहा। नीचे खड़े अधिकारी उसकी हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए थे, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।

रोती रही ‘बसंती’, फिर भी नहीं पसीजा ‘वीरू’ का दिल!
जब अधिकारियों की समझाइश का कोई असर नहीं हुआ, तो पुलिस ने युवक की प्रेमिका को मौके पर बुलाया। उम्मीद थी कि प्रेमिका की आवाज सुनकर युवक भावुक होगा और सुरक्षित नीचे उतर आएगा। युवती के पहुंचने के बाद घटनास्थल का माहौल और भी भावुक हो गया।बताया गया कि प्रेमिका ने रो-रोकर युवक से नीचे आने की गुहार लगाई। उसने उसे समझाने की कोशिश की, लेकिन युवक ने उसकी अपील भी नहीं मानी। जिस प्यार को पाने की चाह में वह टावर पर चढ़ा था, उसी प्रेमिका की मिन्नतें भी उसे नीचे उतारने में कामयाब नहीं हो सकीं।

यही वजह है कि यह पूरा मामला इलाके में चर्चा का विषय बन गया। लोग इसे फिल्म ‘शोले’ के वीरू-बसंती वाले प्रसंग से जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि, फिल्मी अंदाज में दिखने वाली इस घटना की हकीकत बेहद गंभीर थी, क्योंकि टावर पर जरा-सी चूक भी जानलेवा साबित हो सकती थी।

युवक की जान बचाने के लिए 1.32 लाख वोल्ट की लाइन बंद
मामले की गंभीरता को देखते हुए बिजली विभाग ने एहतियाती कदम उठाया। जिस हाईटेंशन लाइन के टावर पर युवक चढ़ा था, उसकी बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई, ताकि बचाव अभियान के दौरान करंट से कोई हादसा न हो। इस कारण बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका भी पैदा हो गई।हालांकि, जिले में बिजली संकट से बचने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई। बांका ग्रिड को जमुई से बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराई गई, ताकि स्थानीय स्तर पर बिजली सप्लाई को यथासंभव जारी रखा जा सके। एक तरफ युवक की जान बचाने की चुनौती थी, तो दूसरी तरफ बिजली व्यवस्था को संभालने की जिम्मेदारी भी अधिकारियों के सामने थी।

देर रात तक तैनात रही पुलिस, एंबुलेंस और रेस्क्यू टीम
रात गहराने के साथ युवक को सुरक्षित नीचे उतारने की चुनौती और बढ़ गई। अंधेरे में टावर पर चढ़े युवक की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए गाड़ियों की हेडलाइट और सर्चलाइट का सहारा लिया गया। घटनास्थल पर एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां और बचाव दल को तैनात रखा गया।प्रशासनिक अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए थे। पुलिस युवक के परिजनों से भी संपर्क में थी, ताकि परिवार के सदस्यों के माध्यम से उसे समझाकर नीचे उतारा जा सके। हर किसी की कोशिश यही थी कि मामला बिना किसी अनहोनी के समाप्त हो और युवक को सुरक्षित बचा लिया जाए।

झारखण्ड के गोड्डा का युवक, बिहार की युवती
टावर पर चढ़े युवक की पहचान मनोज परिहार के रूप में हुई है, जो झारखण्ड के गोड्डा जिले के पोरैयाहाट क्षेत्र के पदमपुर का निवासी बताया जा रहा है। वहीं, उसकी प्रेमिका बिहार के बांका जिले के फुल्लीडुमर प्रखंड क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली बताई गई है।
इस घटना ने एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया है कि प्रेम-संबंधों में तनाव या शादी को लेकर असहमति की स्थिति में भावनात्मक आवेश किस तरह खतरनाक कदम उठाने की वजह बन सकता है। किसी भी रिश्ते में सहमति और फैसले का सम्मान जरूरी है। जिंदगी को दांव पर लगाना किसी समस्या का समाधान नहीं हो सकता।समाचार लिखे जाने तक युवक को सुरक्षित नीचे उतारे जाने की पुष्टि नहीं हुई थी और घटनास्थल पर प्रशासन की कोशिशें जारी थीं।

 

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