गयाजी में पुलिस का ताबड़तोड़ एक्शन,दरोगा के बेटे के हत्यारों को दौड़ाकर मारी गोली, दो का हाफ एनकाउंटर
गयाजी। बिहार के गयाजी में दरोगा के दो बेटों पर जानलेवा हमला करने के मामले में पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है। छोटे बेटे की गोली मारकर हत्या और बड़े बेटे को गंभीर रूप से घायल करने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को मुठभेड़ के दौरान पैर में गोली मार दी। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी भागने की कोशिश कर रहे थे। घायल आरोपियों की पहचान गौरव कुमार उर्फ कला और श्याम बिहारी के रूप में हुई है। दोनों को इलाज के लिए मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
इस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। दरोगा के परिवार पर हुए हमले के बाद से ही पुलिस और एसटीएफ की टीमें आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही थीं।
दरोगा के एक बेटे की मौत, दूसरा जिंदगी और मौत से लड़ रहा
यह सनसनीखेज वारदात मानपुर के मुफस्सिल थाना क्षेत्र अंतर्गत नौरंगा आहार के पास सिद्धार्थपुरी कॉलोनी में हुई थी। मोतिहारी में तैनात दरोगा सुधांशु शेखर उर्फ पिंटू सिंह के दोनों बेटों रानू सिंह (30) और मोनू सिंह (32) को अपराधियों ने गोली मार दी थी।
हमले में छोटे बेटे रानू सिंह की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बड़े बेटे मोनू सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मोनू का इलाज पटना के अस्पताल में चल रहा है।एक बेटे की मौत और दूसरे के गंभीर रूप से घायल होने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। घटना के बाद से ही परिजन आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे।
फोन कर बुलाया, फिर गोलियों से किया छलनी!
परिजनों के अनुसार, घटना की रात करीब 11 बजे किसी परिचित का फोन आया था कि सिद्धार्थपुरी इलाके में विवाद हो रहा है। इसके बाद रानू और मोनू वहां पहुंचे थे। बताया जाता है कि दोनों विवाद शांत कराने और अपने परिचितों की मदद करने गए थे। इसी दौरान अचानक उन पर फायरिंग कर दी गई।शुरुआती जांच में पुराने विवाद और जुए से जुड़े मामले को लेकर दोनों भाइयों को सुनसान जगह पर बुलाने की आशंका जताई गई थी। शराब को लेकर विवाद की बात भी सामने आई थी। हालांकि, वारदात की वास्तविक वजह और हमले की पूरी साजिश को लेकर पुलिस की जांच निर्णायक होगी।
पुलिस की कार्रवाई में दो आरोपी घायल, पिता पहले ही गिरफ्तार
मामले में पुलिस और एसटीएफ की टीमें लगातार आरोपियों की तलाश कर रही थीं। इसी दौरान आरोपी गौरव कुमार उर्फ कला और श्याम बिहारी पुलिस की कार्रवाई में पकड़े गए। पुलिस के मुताबिक, भागने की कोशिश के दौरान दोनों के पैर में गोली लगी।
घायल श्याम बिहारी के पिता नरेंद्र सिंह को भी पुलिस पहले गिरफ्तार कर चुकी है। नरेंद्र सिंह सेवानिवृत्त दारोगा बताए जा रहे हैं। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर घटना की वजह, साजिश और अन्य लोगों की संलिप्तता का पता लगाने में जुटी है।
पुराने विवाद से हत्या तक पहुंचा मामला?
इस वारदात को लेकर शुरुआती जांच में पुराने विवाद और जुए से जुड़े पहलुओं पर संदेह जताया गया है। हालांकि, किस बात को लेकर दोनों भाइयों को निशाना बनाया गया और घटना में किसकी क्या भूमिका थी, इसका पूरा खुलासा पुलिस की जांच के बाद ही हो सकेगा।गयाजी में दरोगा के परिवार पर हुए हमले के मामले में दो आरोपियों के पैर में गोली लगने की कार्रवाई ने पूरे घटनाक्रम को नया मोड़ दे दिया है। अब पुलिस की जांच इस बात पर केंद्रित है कि दोनों भाइयों पर हमला क्यों किया गया, हत्या की साजिश में और कौन-कौन शामिल था तथा बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी कब तक होती है।
गयाजी में दारोगा के दो बेटों को गोली मारने के मामले के मामले में दो आरोपियों को पुलिस दौड़ाकर पैर में गोली मारी है।बिहार में गयाजी में दारोगा के दो बेटों को गोली मारने के मामले में पुलिस की ओर से बड़ा एक्शन लिया गया है। पुलिस की ओर से इस मामले में दो आरोपी गौरव कुमार और श्याम को गिरफ्तार किया गया। लेकिन पुलिस को चकमा देकर भागने की कोशिश में पुलिस ने इन्हें दौड़ाकर पैर में गोली मारी है। दोनों को मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एडमिट कराया गया है।
बता दें यह घटना गया जी जिले के मानपुर स्थित मुफस्सिल थाना क्षेत्र में नौरंगा आहार के पास सिद्धार्थपुरी मोहल्ले के निकट हुई थी।यहां मोतिहारी में तैनात दरोगा सुधांशु शेखर उर्फ पिंटू सिंह के दोनों बेटों रानू सिंह (30) और मोनू सिंह (32) को गोली मार दी गयी थी।गोली लगने से छोटे बेटे रानू सिंह की मौत हो गयी, जबकि बड़े बेटे मोनू सिंह गंभीर रूप से घायल हो गये।उनका इलाज मगध मेडिकल अस्पताल में चल रहा है।परिजनों के अनुसार, मोहल्ले में कुछ दूरी पर किसी व्यक्ति के साथ विवाद हुआ था।इसके बाद दोनों भाइयों को फोन कर मौके पर बुलाया गया। वहां पहुंचने के बाद बदमाशों ने फायरिंग कर दी, जिसमें दोनों भाई घायल हो गये। स्थानीय स्तर पर जुए और शराब को लेकर विवाद की आशंका भी जतायी गयी थी, हालांकि घटना की वास्तविक वजह की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

