150 रुपये के लिए खूनी खेल….युवक की हत्या के आरोप में पूरा परिवार सलाखों के पीछे…
सरायकेला। महज 150 रुपये के खाने का विवाद इतना खूनी हो गया कि एक युवक की जान चली गई और तीन अन्य जिंदगी और मौत के बीच जूझने लगे। दुर्गा पूजा के दौरान आदित्यपुर स्थित आयडा गेट के सामने ‘खाऊ गली’ में हुई इस सनसनीखेज वारदात ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत उसके माता-पिता, भाई और बहन को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। उधर, घटना के बाद प्रशासन ने भी सख्त रुख अपनाते हुए खाऊ गली में अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया।
150 रुपये के ऑर्डर से शुरू हुआ विवाद, चाकू से हमला
जानकारी के अनुसार, मंगलवार देर रात करीब 12:30 बजे सागर झा अपने साथियों के साथ खाऊ गली स्थित दुकान पर चाऊमीन और चिकन चिली लेने पहुंचे थे। आरोप है कि 150 रुपये का अग्रिम भुगतान करने के बावजूद खाना मिलने में देरी हुई। इसी बात को लेकर दुकानदार और ग्राहकों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। पैसे लौटाए जाने के बाद भी विवाद शांत नहीं हुआ और देखते ही देखते मामला गाली-गलौज से हिंसक झड़प में बदल गया।
आरोप है कि इसी दौरान दुकानदार के बेटे ऋषभ बरुवा ने धारदार चाकू से हमला कर दिया। हमले में मानगो निवासी लाइटिंग मिस्त्री शिखर तिर्की की मौत हो गई, जबकि सागर झा, सन्नी और अरुण पांडे गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों का इलाज टीएमएच में चल रहा है।
मुख्य आरोपी समेत परिवार के पांच सदस्य गिरफ्तार
मामले में आदित्यपुर थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी ऋषभ बरुवा, उसके भाई मोहित, पिता मोहन बरुवा, मां ऋषिका और बहन मुक्ति बरुवा को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने घटनास्थल से कथित तौर पर हत्या में इस्तेमाल किया गया खून लगा चाकू और कढ़ाई भी जब्त की है, जिसे फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
हत्या के बाद जागा प्रशासन, खाऊ गली से हटाया अतिक्रमण
वारदात के बाद पुलिस और नगर निगम की संयुक्त टीम ने खाऊ गली में विशेष अभियान चलाया। थाना प्रभारी अंजनी कुमार के नेतृत्व में सड़क किनारे लगाए गए अनधिकृत लोहे के ठेले, खोमचे और गुमटियों को हटाया गया तथा मुख्य मार्ग को अतिक्रमणमुक्त कराया गया।
भाजपा नेता सावन गुप्ता ने उठाए सवाल
घटना को लेकर भाजपा नेता सावन गुप्ता ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि खाऊ गली में अवैध दुकानों, सड़क जाम, देर शाम जुटने वाली भीड़ और खुलेआम शराबखोरी को लेकर स्थानीय नागरिकों के साथ उन्होंने भी पहले पुलिस और नगर निगम को लिखित शिकायत दी थी।
सावन गुप्ता ने कहा कि यदि समय रहते शिकायतों पर कार्रवाई की जाती, तो शायद इस तरह की दर्दनाक घटना को रोकने में मदद मिल सकती थी। उन्होंने नगर निगम और जिला प्रशासन से केवल घटना के बाद कार्रवाई करने के बजाय शहरभर में अतिक्रमण के खिलाफ स्थायी अभियान चलाने की मांग की।
महज 150 रुपये के खाने को लेकर शुरू हुआ विवाद अब एक परिवार के लिए अपूरणीय क्षति और दूसरे परिवार के लिए गंभीर कानूनी कार्रवाई का मामला बन गया है। एक युवक की मौत और तीन लोगों के घायल होने की इस घटना ने देर रात तक संचालित दुकानों की सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

