राँची में फ्रेंचाइजी के नाम पर 7.51 लाख की ठगी…. फर्जी कंपनी का झांसा देकर व्यापारी को लगाया चूना

 

राँची। राजधानी राँची के बेड़ो में FMCG उत्पादों की डिस्ट्रीब्यूटरशिप और फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर एक व्यापारी से 7.51 लाख रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि नागपुर की कंपनी का प्रतिनिधि बनकर पहुंचे लोगों ने पहले उत्पादों के सैंपल दिखाए, फिर फ्रेंचाइजी का भरोसा दिलाकर दो किस्तों में लाखों रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करा लिए। जब व्यापारी ने सामान की डिलीवरी मांगी, तो आरोपियों की ओर से टालमटोल शुरू हो गई। पैसे वापस मांगने पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप है।

मामले में बेड़ो थाना क्षेत्र के मुख्य मार्ग स्थित आलम ट्रेडर्स के संचालक नौसिर आलम की शिकायत पर पांच लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोपियों में भरत तिवारी, रोहित, राकेश रंजन, तबरेज उर्फ साबिर मामदानी और पप्पू चौधरी शामिल हैं।

दुकान पहुंचे, सैंपल दिखाए और फ्रेंचाइजी का दिया भरोसा
प्राथमिकी के अनुसार, नौसिर आलम की पहले से राँची के भरत तिवारी और धनबाद के पप्पू चौधरी से जान-पहचान थी। आरोप है कि दोनों ने कटिहार निवासी राकेश रंजन को MR BOSS GROUP OF COMPANIES का रीजनल सेल्स मैनेजर बताकर उनसे परिचय कराया। 16 सितंबर 2026 को तीनों बेड़ो स्थित आलम ट्रेडर्स पहुंचे। यहां FMCG उत्पादों के सैंपल दिखाकर फ्रेंचाइजी देने का प्रस्ताव रखा गया। इसके बाद व्यापारी की फोन पर कंपनी के मालिक बताए गए तबरेज उर्फ साबिर मामदानी और पार्टनर रोहित से बातचीत कराई गई। इस तरह व्यापारी को कंपनी और कारोबार की विश्वसनीयता का भरोसा दिलाया गया।

पहले 51 हजार, फिर एक दिन में 7 लाख ट्रांसफर
शिकायत के मुताबिक, फ्रेंचाइजी के लिए 16 सितंबर को UPI के माध्यम से 51 हजार रुपये टोकन मनी के रूप में लिए गए। अगले दिन 17 सितंबर को माल भेजने के नाम पर सात लाख रुपये की मांग की गई। व्यापारी ने अपनी फर्म आलम ट्रेडर्स के पीएनबी कैश क्रेडिट लोन खाते से नागपुर के धरमपेठ स्थित एसबीआई शाखा में कंपनी के खाते में RTGS के जरिए सात लाख रुपये भेज दिए।
इस तरह दो किस्तों में कुल 7,51,000 रुपये ट्रांसफर किए गए। लेकिन रकम मिलने के बाद भी सामान की डिलीवरी नहीं हुई।

फर्जी ट्रांसफर स्क्रीनशॉट भेजने का आरोप
जब व्यापारी ने माल भेजने को लेकर संपर्क किया, तो कथित तौर पर आरोपी टालमटोल करने लगे। इसके बाद नौसिर आलम ने अपने स्तर से कंपनी की पड़ताल की। आरोप है कि जांच के दौरान बताए गए पते पर कंपनी या फैक्ट्री का अस्तित्व नहीं मिला।
पैसे वापस मांगने पर 18 सितंबर को तबरेज उर्फ साबिर मामदानी ने व्हाट्सएप पर एक चेक की तस्वीर भेजी और दावा किया कि रकम लौटाने के लिए बैंक में चेक दे दिया गया है। उसी शाम चार लाख रुपये के ऑनलाइन ट्रांसफर का स्क्रीनशॉट भी भेजा गया। हालांकि, व्यापारी के अनुसार उसके खाते में कोई रकम जमा नहीं हुई।

पैसे मांगने पर धमकी, पुलिस ने शुरू की जांच
पीड़ित का आरोप है कि जब उसने अपनी रकम वापस मांगी, तो आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद उसने बेड़ो थाना में शिकायत दर्ज कराई।पुलिस ने पांच नामजद आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और धमकी देने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। आरोपियों की तलाश की जा रही है। अब पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि कथित फर्जी कंपनी के जरिए ठगी की इस वारदात को किस तरह अंजाम दिया गया और इसमें किसकी क्या भूमिका रही।

error: Content is protected !!