खूंटी में फादर बेनेडिक्ट बारला पर हमले के विरोध में आज मौन जुलूस, 3 दिन बाद भी हमलावर पुलिस की पकड़ से बाहर

 

खूंटी। आरसी बालक मध्य विद्यालय के प्रिंसिपल फादर बेनेडिक्ट बारला पर हुए जानलेवा हमले के मामले में खूंटी पुलिस ने जांच तेज कर दी है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एसपी ऋषभ गर्ग ने आठ सदस्यीय विशेष जांच टीम (SIT) गठित की है। हालांकि, घटना के तीन दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस को अब तक कोई ठोस सफलता नहीं मिली है। दूसरी ओर, राँची अस्पताल में इलाज करा रहे फादर बारला की हालत में लगातार सुधार हो रहा है। चिकित्सकों के अनुसार, वह अब खतरे से बाहर हैं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ऋषभ गर्ग ने आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए आठ पुलिस पदाधिकारियों की विशेष टीम बनाई है। टीम में एएसपी अभियान क्रिस्टोफर केरकेट्टा, डीएसपी मंगल सिंह जामुदा, खूंटी थाना प्रभारी बाबू बंसी साव, मारंगहादा थाना प्रभारी जुगेश सिंह और मुरहू थाना प्रभारी गॉडविन केरकेट्टा समेत अन्य पुलिस पदाधिकारी शामिल हैं।पुलिस हमले के पीछे की वजह का पता लगाने और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल में जुटी है। सूत्रों के अनुसार, कुछ संदिग्धों से हिरासत में लेकर पूछताछ किए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, पुलिस ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

मंगलवार की रात स्कूल परिसर में अज्ञात अपराधियों ने फादर बेनेडिक्ट बारला पर जानलेवा हमला किया था। गंभीर रूप से घायल होने के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए रांची रेफर किया गया था।अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी स्थिति में लगातार सुधार बताया जा रहा है। चिकित्सकों के मुताबिक, उनका ब्लड प्रेशर और शुगर का स्तर सामान्य हो गया है तथा जरूरी मेडिकल जांच पूरी कर ली गई है। घावों का आकलन करने के बाद आगे के इलाज की प्रक्रिया तय की जाएगी। फादर बिसु ने भी उनके खतरे से बाहर होने की पुष्टि की है।

हमले के विरोध में आज मौन जुलूस, न्याय की मांग
फादर बारला पर हुए हमले को लेकर मसीही समुदाय और स्थानीय नागरिकों में आक्रोश है। घटना के विरोध और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर शुक्रवार को मौन जुलूस निकाला जाएगा।आयोजकों के अनुसार, जुलूस नेताजी चौक से शुरू होकर लोयोला कॉलेज हॉस्टल ग्राउंड तक जाएगा, जहां इसका समापन होगा। इस दौरान लोग शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराते हुए फादर बारला के लिए न्याय की मांग करेंगे। आयोजकों ने प्रशासन से जुलूस के दौरान सुरक्षा और विधि-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है।

अब सबकी नजर पुलिस की विशेष जांच टीम पर है। एक ओर घायल प्रिंसिपल की सेहत में सुधार राहत की खबर है, तो दूसरी ओर तीन दिन बाद भी हमलावरों की गिरफ्तारी नहीं होने से मामले में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं।

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