JMM जिलाध्यक्ष के बॉडीगार्ड की गोली लगने से मौत, अंदर से बंद कमरे में मिला शव; जांच में जुटी पुलिस..

 

हजारीबाग। झारखण्ड के हजारीबाग जिले में गुरुवार सुबह उस वक्त सनसनी फैल गई, जब झारखण्ड मुक्ति मोर्चा (JMM) के जिला अध्यक्ष संजीव बेदिया के बॉडीगार्ड और झारखण्ड पुलिस के सिपाही निरंजन महतो का शव संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद हुआ। बड़कागांव थाना क्षेत्र के उरीमारी स्थित एक घर के बंद कमरे में उनका शव खून से लथपथ मिला। शव के ठीक बगल में AK-47 राइफल भी पड़ी थी। गोली लगने से हुई मौत के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई और मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम को जांच के लिए बुलाया गया।

अचानक गोली चलने की आवाज से मचा हड़कंप
जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह करीब 10 बजे निरंजन महतो के कमरे से अचानक गोली चलने जैसी आवाज सुनाई दी। आवाज सुनते ही वहां मौजूद दूसरे बॉडीगार्ड ने तुरंत कमरे की ओर दौड़ लगाई। लेकिन कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। काफी कोशिश के बाद भी जब दरवाजा नहीं खुला, तो स्थानीय थाना पुलिस को इसकी सूचना दी गई।सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। कमरे का दरवाजा तोड़कर पुलिसकर्मी अंदर दाखिल हुए, तो वहां का नजारा देखकर सभी सन्न रह गए। निरंजन महतो खून से लथपथ पड़े थे और उनके पास AK-47 राइफल मिली। गोली लगने से उनकी मौत हो चुकी थी। इसके बाद पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित कर जांच शुरू कर दी।

आत्महत्या या राइफल की सफाई के दौरान चली गोली? जांच में जुटी पुलिस

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस सभी संभावित पहलुओं पर जांच कर रही है। शुरुआती जांच में आत्महत्या या राइफल की सफाई के दौरान अचानक गोली चलने की आशंका जताई गई है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक किसी निष्कर्ष की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

हजारीबाग के एसपी अमन कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या या राइफल की सफाई के दौरान अचानक गोली चलने से हुई मौत का प्रतीत होता है। मौत के वास्तविक कारणों का पता जांच और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।
वहीं, बड़कागांव के एसडीपीओ अमित आनंद ने भी मामले की जांच किए जाने की पुष्टि की है। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के लिए FSL की टीम को बुलाया गया। पुलिस ने मृतक के परिजनों को घटना की जानकारी दिया।उसके बाद परिजन पहुँचे।एफएसएल की जांच के बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया।

दो बॉडीगार्ड, अलग-अलग कमरे; एक कमरे से आई गोली की आवाज

एसपी अमन कुमार के अनुसार, JMM जिला अध्यक्ष संजीव बेदिया की सुरक्षा में दो बॉडीगार्ड तैनात हैं और दोनों के रहने के लिए अलग-अलग कमरे हैं। गुरुवार सुबह निरंजन महतो के कमरे से अचानक गोली चलने की आवाज आई। इसके बाद दूसरे बॉडीगार्ड ने कमरे की ओर जाकर देखा, लेकिन दरवाजा अंदर से बंद था। तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दरवाजा खुलवाया, जिसके बाद निरंजन महतो का शव बरामद हुआ।

पूर्व मंत्री योगेंद्र साव ने जताई साजिश की आशंका, लगाए गंभीर आरोप

इस घटना के बीच कांग्रेस के पूर्व मंत्री योगेंद्र साव के बयान ने मामले को राजनीतिक रूप से भी चर्चा में ला दिया है। योगेंद्र साव ने JMM जिला अध्यक्ष संजीव बेदिया पर गंभीर आरोप लगाते हुए घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की है।उन्होंने कथित अवैध कोयला और बालू उगाही से जुड़े पहलुओं का जिक्र करते हुए निरंजन महतो की मौत को आत्महत्या मानने से इनकार किया और साजिश के तहत हत्या किए जाने की आशंका जताई। हालांकि, ये आरोप हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस की ओर से भी फिलहाल हत्या की पुष्टि नहीं की गई है।

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज
एक पुलिसकर्मी की गोली लगने से संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, बंद कमरे में शव की बरामदगी और पास में AK-47 राइफल मिलने के कारण मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। पुलिस घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, FSL की रिपोर्ट और पोस्टमॉर्टम के निष्कर्षों के आधार पर मौत की वजह स्पष्ट करने में जुटी है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि निरंजन महतो की मौत आत्महत्या थी, राइफल की सफाई के दौरान दुर्घटनावश गोली चलने से हुई या इसके पीछे कोई अन्य कारण है। फिलहाल, पुलिस जांच पूरी होने और रिपोर्ट सामने आने का इंतजार है।

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