राँची में ड्रग्स सिंडिकेट का कथित सरगना रजत जैन गिरफ्त में,भाई ऋषभ समेत 6 गिरफ्तार, विदेशी कनेक्शन की जांच

राँची।राजधानी राँची में नशे के अवैध कारोबार से जुड़े एक बड़े सिंडिकेट के खुलासे ने पुलिस और जांच एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की कार्रवाई में एक युवती समेत छह आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद कथित अंतरराज्यीय ड्रग्स नेटवर्क को लेकर कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। जांच एजेंसी को आशंका है कि इस गिरोह का नेटवर्क राँची और जमशेदपुर से लेकर दिल्ली और जयपुर तक फैला हो सकता है। विदेशी मोबाइल नंबरों से संपर्क और थाईलैंड, नाइजीरिया समेत अन्य देशों से संभावित कनेक्शन की भी पड़ताल की जा रही है।जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, यह गिरोह नशीले पदार्थों की सप्लाई के लिए कथित तौर पर अलग-अलग तरीके अपनाता था। कभी पार्सल के माध्यम से खेप मंगाने तो कभी रेलवे की पैंट्री कार के कर्मचारियों का इस्तेमाल करने की बात सामने आई है। हालांकि, इन तरीकों और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगी।NCB की लगातार कार्रवाई में छह आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। इनमें दो सगे भाई भी शामिल हैं। इन गिरफ्तारियों के बाद अब जांच एजेंसी की नजर उन लोगों पर है, जो कथित तौर पर नशे की खरीद-बिक्री, सप्लाई और ग्राहकों तक इसकी पहुंच बनाने में भूमिका निभा रहे थे।

 

एक युवती,दो भाई समेत छह गिरफ्तार, कई शहरों तक नेटवर्क की आशंका

NCB की गिरफ्त में आए आरोपियों की पहचान रजत जैन (अपर बाजार, राँची), उदित कुमार (अरगोड़ा, राँची), आकाश मल्होत्रा (गिरिडीह), स्नेहा पासवान (बोरेया, राँची), मिलन सिंह (जुगसलाई, जमशेदपुर) और ऋषभ जैन के रूप में हुई है। रजत जैन और ऋषभ जैन सगे भाई बताए जा रहे हैं।उपलब्ध जानकारी के अनुसार, चार आरोपियों को 14 अक्टूबर, मिलन सिंह को 15 अक्टूबर और ऋषभ जैन को इसके बाद गिरफ्तार किया गया। एजेंसी अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के जरिए पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।जांच का प्रमुख केंद्र यह है कि कथित गिरोह में किसकी क्या भूमिका थी, नशीले पदार्थ कहां से मंगाए जाते थे, सप्लाई की जिम्मेदारी किन लोगों के पास थी और ग्राहकों तक पहुंचने के लिए किन माध्यमों का इस्तेमाल किया जाता था। जांच एजेंसी को उम्मीद है कि पूछताछ और अन्य साक्ष्यों के आधार पर इस नेटवर्क से जुड़े दूसरे लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है।

पार्सल से रेलवे तक, सप्लाई के तरीकों की पड़ताल
इस मामले में सबसे अहम पहलू नशीले पदार्थों की कथित सप्लाई का तरीका है। जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, गिरोह के सदस्य खेप को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने के लिए अलग-अलग माध्यमों का इस्तेमाल करते थे। पार्सल और रेलवे की पैंट्री कार के कर्मचारियों के कथित इस्तेमाल की जानकारी भी जांच के दायरे में है।यदि इन तथ्यों की पुष्टि होती है, तो इससे यह समझने में मदद मिलेगी कि गिरोह किस तरह सप्लाई चेन को संचालित करता था और नशीले पदार्थों को जांच एजेंसियों की नजर से बचाकर विभिन्न शहरों तक पहुंचाने की कोशिश करता था।
NCB अब कथित सप्लाई चेन, संपर्कों और लेन-देन से जुड़े पहलुओं की पड़ताल कर रही है। इस कार्रवाई से जुड़े दूसरे मामलों और संभावित सहयोगियों की भूमिका भी जांच का हिस्सा हो सकती है।

18 ग्राम कोकीन, 16.5 ग्राम MDMA और गांजा बरामद
NCB की कार्रवाई में आरोपियों के पास से 18 ग्राम कोकीन, 16.5 ग्राम MDMA और 3.5 ग्राम गांजा बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा एक हुंडई एक्सेंट कार भी जब्त की गई है, जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर JH 01 CA 0936 बताया गया है।बरामद नशीले पदार्थों की मात्रा और जब्त वाहन की भूमिका को लेकर जांच की जा रही है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर सकती है कि इन पदार्थों की खरीद कहां से हुई, इन्हें कहां पहुंचाया जाना था और इस कारोबार में किन अन्य लोगों के शामिल होने की आशंका है।

विदेशी नंबरों से संपर्क, अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की आशंका
इस पूरे मामले में विदेशी मोबाइल नंबरों से संपर्क का पहलू भी जांच एजेंसी के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में से एक के विदेशी नंबरों के संपर्क में रहने की जानकारी मिली है। इसी आधार पर नेटवर्क के संभावित अंतरराष्ट्रीय संपर्कों की पड़ताल की जा रही है।थाईलैंड, नाइजीरिया, ब्रिटेन और अमेरिका जैसे देशों से संभावित संबंधों की चर्चा सामने आई है। हालांकि, इन देशों से ड्रग्स की सीधी सप्लाई या किसी अंतरराष्ट्रीय गिरोह से संबंध होने की आधिकारिक पुष्टि अभी जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।

इस सिलसिले में राँची के मोरहाबादी स्थित एक चर्चित रेस्टोरेंट और कांके रोड स्थित एक अन्य रेस्टोरेंट के मालिकों को 26 अक्टूबर को पूछताछ के लिए बुलाए जाने की जानकारी भी सामने आई है। जांच एजेंसी किन बिंदुओं पर उनसे पूछताछ करेगी, यह स्पष्ट होना बाकी है। केवल पूछताछ के लिए बुलाए जाने से किसी व्यक्ति या प्रतिष्ठान की संलिप्तता साबित नहीं होती।

दिल्ली में मिले इनपुट के बाद राँची और जमशेदपुर में कार्रवाई
बताया जा रहा है कि दिल्ली में हुई छापेमारी से मिले इनपुट के आधार पर NCB ने राँची और जमशेदपुर में कार्रवाई की। जांच में इन शहरों के अलावा जयपुर तक कथित नेटवर्क के विस्तार की जानकारी सामने आई है।अब एजेंसी के सामने सबसे बड़ी चुनौती अलग-अलग शहरों में मौजूद संपर्कों को जोड़कर यह पता लगाना है कि नशीले पदार्थों की खरीद, भंडारण और सप्लाई का संचालन किस स्तर पर किया जा रहा था। साथ ही यह भी जांच का विषय है कि गिरफ्तार आरोपियों के बीच किस प्रकार का संपर्क था और क्या इनके पीछे कोई बड़ा संचालक या संगठित नेटवर्क काम कर रहा था।

रेलवे स्टेशन के पास फिल्मी अंदाज में गिरफ्तारी की चर्चा
इस मामले से जुड़ी एक कार्रवाई को लेकर राँची रेलवे स्टेशन के आसपास भी चर्चा तेज है। सूत्रों के अनुसार, स्टेशन के पास फूड प्लाजा के समीप NCB की टीम ने कथित तौर पर फिल्मी अंदाज में कार्रवाई करते हुए रजत जैन और उसके साथ मौजूद एक युवती को पकड़ा था। शुरुआती चर्चाओं में इसे RPF की कार्रवाई बताया गया, लेकिन बाद में NCB की भूमिका सामने आने की बात कही गई।हालांकि, इस घटनाक्रम के समय, बरामदगी और गिरफ्तारी की परिस्थितियों से संबंधित सभी तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है। जांच एजेंसी की कार्रवाई का वास्तविक घटनाक्रम सामने आने के बाद ही इस मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

क्या युवाओं को निशाना बनाकर तैयार किया जा रहा था ग्राहक नेटवर्क?

इस मामले में सबसे चिंताजनक पहलू युवाओं तक नशीले पदार्थों की कथित पहुंच का है। सूत्रों का दावा है कि गिरोह के सदस्य राँची के अपर बाजार, कांके रोड, रातू रोड और लालपुर जैसे इलाकों में रहने वाले संपन्न परिवारों के युवाओं तक पहुंच बनाने की कोशिश करते थे।दावा यह भी है कि कुछ बार, क्लब, होटल और निजी पार्टियों के माध्यम से युवाओं तक नशीले पदार्थ पहुंचाए जाते थे। जन्मदिन की पार्टियों और दोस्तों के निजी आयोजनों में ड्रग्स की उपलब्धता को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित प्रतिष्ठानों की भूमिका को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।जांच से जुड़े इन दावों की पुष्टि होने पर यह सामने आ सकता है कि कथित नेटवर्क ग्राहकों तक पहुंच बनाने के लिए किस तरह संपर्कों का इस्तेमाल करता था। फिलहाल, किसी बार, क्लब, होटल या आयोजन स्थल को इस सिंडिकेट का हिस्सा मानना उचित नहीं होगा, जब तक जांच में ठोस साक्ष्य सामने न आएं।

रेव पार्टियों और नशे के बढ़ते चलन पर भी सवाल
राँची में निजी फार्म हाउसों, घरों और अन्य स्थानों पर आयोजित होने वाली पार्टियों में सिंथेटिक ड्रग्स और कोकीन के कथित इस्तेमाल को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। इस मामले ने ऐसे आयोजनों की निगरानी और नशीले पदार्थों की अवैध सप्लाई पर नियंत्रण की जरूरत को फिर चर्चा में ला दिया है।हालांकि, गिरफ्तार आरोपियों का इन सभी आयोजनों से संबंध होने या शहर में रेव पार्टियों के संगठित नेटवर्क के संचालन की पुष्टि अभी नहीं हुई है। जांच में यदि ऐसे आयोजनों के जरिए नशीले पदार्थों की सप्लाई के साक्ष्य मिलते हैं, तो मामले का दायरा और बढ़ सकता है।

अब किन सवालों के जवाब तलाश रही है NCB?
छह गिरफ्तारियों के बाद अब जांच के केंद्र में कई अहम सवाल हैं। कथित तौर पर नशीले पदार्थों की खेप कहां से आती थी? राँची और जमशेदपुर में सप्लाई कौन संभालता था? दिल्ली और जयपुर में किन लोगों से संपर्क था? विदेशी नंबरों से बातचीत का वास्तविक उद्देश्य क्या था? और क्या इस पूरे नेटवर्क के पीछे कोई बड़ा संचालक काम कर रहा था?इन सवालों के जवाब मिलने के बाद ही कथित ड्रग्स सिंडिकेट की वास्तविक संरचना और उसके विस्तार का पता चल सकेगा।

फिलहाल, NCB की कार्रवाई ने राजधानी राँची में नशे के अवैध कारोबार को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। छह आरोपियों की गिरफ्तारी और नशीले पदार्थों की बरामदगी इस जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन, सप्लाई चेन और अन्य लोगों की भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।

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