राँची के मुरी में नाबालिग की हत्या से सनसनी, खून से लथपथ बच्चा पहुंचा घर तो खुला खौफनाक राज…दुष्कर्म की आशंका, SIT गठन और फास्ट ट्रैक सुनवाई की मांग
राँची। झारखण्ड की राजधानी राँची के मुरी ओपी क्षेत्र में एक नाबालिग किशोरी की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। घर से निकली करीब 17 साल 9 महीने की किशोरी का शव गांव के बाहर झाड़ियों से बरामद होने के बाद कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। घटना के बाद से गांव में दहशत का माहौल है। परिजनों ने किशोरी के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या किए जाने की आशंका जताई है। पुलिस प्रारंभिक जांच में गला दबाकर हत्या किए जाने की आशंका व्यक्त कर रही है। हालांकि, दुष्कर्म की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही हो सकेगी।
खून से लथपथ बच्चा पहुंचा घर, फिर झाड़ियों में मिला किशोरी का शव
घटना 18 अक्टूबर की है। जानकारी के अनुसार, किशोरी दोपहर बाद अपने सात वर्षीय चचेरे भाई के साथ भैया-भाभी के घर जाने की बात कहकर निकली थी। लेकिन कुछ ही देर बाद उसका चचेरा भाई खून से लथपथ हालत में घर पहुंचा। बच्चे की हालत देखकर परिजन घबरा गए और किशोरी की तलाश शुरू कर दी।
परिजन और ग्रामीण गांव के आसपास खोजबीन करने लगे। इसी दौरान शाम करीब चार बजे गांव के बाहर झाड़ियों में किशोरी का शव मिला। शव मिलने की खबर फैलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। घटना की सूचना पुलिस को दी गई, जिसके बाद मुरी ओपी पुलिस और सिल्ली के डीएसपी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की।
गला दबाकर हत्या की आशंका, दुष्कर्म के पहलू पर भी जांच
मुरी ओपी प्रभारी विकास कुमार पासवान ने बताया कि किशोरी के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। शुरुआती जांच में गला दबाकर हत्या किए जाने की आशंका है। किशोरी के साथ दुष्कर्म हुआ था या नहीं, यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य वैज्ञानिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। पुलिस मामले के सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है और संदिग्ध आरोपियों की तलाश में छापेमारी की जा रही है।
रात में पहुंचे देवेंद्र नाथ महतो, फॉरेंसिक टीम और खोजी कुत्ते से जांच
घटना की जानकारी मिलने के बाद JLKM के केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेंद्र नाथ महतो 18 अक्टूबर की रात करीब 10 बजे गांव पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का जायजा लिया। उनके अनुसार, इसके बाद फॉरेंसिक एवं तकनीकी जांच दल ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए। जांच में खोजी कुत्ते की भी मदद ली गई तथा आवश्यक नमूने एकत्र किए गए।
देवेंद्र नाथ महतो के मुताबिक, रात करीब 12:30 से एक बजे के बीच किशोरी के शव को घटनास्थल से उठाकर पोस्टमार्टम के लिए रिम्स भेजा गया। मृतका 11वीं कक्षा की छात्रा थी। ग्रामीणों के अनुसार, वह सरल स्वभाव की थी और पढ़ाई पर विशेष ध्यान देती थी। एक पढ़ने-लिखने वाली किशोरी की इस तरह मौत से गांव के लोग स्तब्ध हैं।
SIT गठन से लेकर फास्ट ट्रैक कोर्ट तक की मांग
इस जघन्य घटना को लेकर देवेंद्र नाथ महतो ने जिला प्रशासन से गहन, निष्पक्ष और वैज्ञानिक जांच कराने की मांग की है। उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच दल (SIT) गठित करने, पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी कराने और सभी जरूरी फॉरेंसिक परीक्षण सुनिश्चित करने की मांग उठाई है।उन्होंने कहा कि तकनीकी साक्ष्यों और उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपियों की पहचान कर जल्द से जल्द गिरफ्तारी की जानी चाहिए। साथ ही मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने की मांग की, ताकि पीड़ित परिवार को शीघ्र न्याय मिल सके।
देवेंद्र नाथ महतो ने पीड़ित परिवार को सुरक्षा, उचित मुआवजा और निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि यदि अपराध साबित होता है, तो दोषियों को कानून के तहत कठोरतम सजा मिलनी चाहिए।
कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
देवेंद्र नाथ महतो ने घटना को बेहद दुखद और निंदनीय बताते हुए कहा कि ऐसी वारदातों में निष्पक्ष जांच और समय पर न्याय बेहद जरूरी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और न्याय की दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो जनआंदोलन किया जाएगा।फिलहाल, पुलिस जांच में जुटी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वैज्ञानिक साक्ष्यों से ही किशोरी की मौत की परिस्थितियों का खुलासा हो सकेगा। पूरे इलाके की निगाहें अब पुलिस की जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी पर टिकी हैं।

