घर में घुसकर CCL कर्मी की बेरहमी से हत्या, पत्नी के हाथ-पैर बांधकर छोड़ा;दो नकाबपोशों की कहानी में उलझी गुत्थी
रामगढ़। झारखण्ड के रामगढ़ जिले के गिद्दी थाना क्षेत्र में शनिवार की देर रात एक खौफनाक वारदात ने पूरे इलाके को दहला दिया। मेनगेट निवासी मंगलेश पाल उर्फ हैप्पी की घर में घुसकर धारदार हथियार से बेरहमी से हत्या कर दी गई। वारदात के दौरान अपराधियों ने उसकी पत्नी सोनाली देवी के हाथ-पैर बांध दिए और मुंह भी बांधकर छोड़ दिया। रविवार सुबह घटना का खुलासा होते ही इलाके में सनसनी फैल गई। घर के बाहर लोगों की भीड़ जुट गई और हर कोई इस निर्मम हत्या की वजह जानने को बेचैन दिखा।
मृतक सीसीएल की आम्रपाली परियोजना में डाटा एंट्री ऑपरेटर के पद पर कार्यरत था। शुरुआती चर्चा में लूटपाट की आशंका जताई जा रही है, लेकिन हत्या की बर्बरता और घटनास्थल से जुड़ी कुछ परिस्थितियों ने मामले को उलझा दिया है। पत्नी के बयान, अपराधियों के कथित प्रवेश और फरार होने के रास्ते तथा वारदात से पहले की गतिविधियों समेत कई बिंदुओं पर पुलिस जांच कर रही है। हालांकि, अभी तक हत्या के पीछे की असली वजह सामने नहीं आई है।
कमरे में पड़ा था शव, शरीर पर मिले धारदार हथियार के कई निशान
रविवार सुबह सोनाली देवी के पैर से दरवाजा पीटने जैसी आवाज सुनकर आसपास के लोगों को शक हुआ। घर के बाहर चारदीवारी के पास से देखने पर वह खुले दरवाजे के नजदीक जमीन पर गिरी दिखाई दी। इसके बाद छोटू नामक युवक चारदीवारी फांदकर घर के अंदर पहुंचा और मुख्य गेट खोला। स्थानीय लोगों ने सोनाली के हाथ-पैर और मुंह खोले तथा पुलिस को सूचना दी।सूचना मिलने पर गिद्दी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। घर के दूसरे कमरे में मंगलेश का शव जमीन पर पड़ा था और उसके ऊपर पर्दा डाला गया था। पर्दा हटाने पर उसके सिर, गर्दन और पेट पर धारदार हथियार से किए गए कई गंभीर वार के निशान मिले। उसका दाहिना हाथ भी कटा हुआ था। शव की हालत देखकर वारदात की क्रूरता का अंदाजा लगाया जा सकता था।
पत्नी ने बताई दो नकाबपोशों की कहानी
सोनाली देवी ने पुलिस को बताया कि शनिवार रात मंगलेश पहले कमरे में सोफे पर बैठकर मोबाइल देख रहा था। उसने उससे मुख्य दरवाजा खोलने को कहा। दरवाजा खोलने के बाद वह दूसरे कमरे में सोने चली गई। उसके मुताबिक, रात करीब 12:30 बजे चेहरा ढके दो लोग घर में घुसे और मंगलेश के साथ मारपीट करते हुए उसे अंदर के कमरे में ले गए।शोर सुनकर सोनाली उठी और पति को बचाने की कोशिश की, लेकिन आरोप है कि अपराधियों ने उसके साथ भी मारपीट की। उसने पुलिस को बताया कि उसके गले से मंगलसूत्र और अलमारी से सोने के अन्य सामान निकाल लिए गए। अपराधियों ने मोबाइल केबल से उसका गला दबाने का प्रयास भी किया। इसके बाद उसके हाथ-पैर और मुंह बांध दिए गए।सोनाली के अनुसार, इसके बाद क्या हुआ, इसकी जानकारी उसे नहीं है। पुलिस उसके बयान के आधार पर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
दो दिनों से मोबाइल पर आ रहे थे लगातार फोन, परेशान था हैप्पी
मृतक की पत्नी के अनुसार, पिछले दो दिनों से मंगलेश के मोबाइल पर लगातार कई फोन आ रहे थे। फोन आने के बाद वह परेशान दिखाई देता था। पूछने पर वह ड्यूटी से संबंधित कॉल होने की बात कहकर सोनाली को दूसरे कमरे में जाने के लिए कह देता था।
अब पुलिस के लिए यह पता लगाना अहम है कि मंगलेश को फोन कौन कर रहा था और उन कॉल का हत्या से कोई संबंध था या नहीं। हालांकि, केवल फोन आने और उसके परेशान रहने से हत्या की वजह तय नहीं की जा सकती। इस बिंदु पर जांच के बाद ही तस्वीर साफ होगी।
पत्नी के बयान और घटनास्थल की परिस्थितियों पर उठ रहे सवाल
घटना के बाद स्थानीय स्तर पर कुछ परिस्थितियों को लेकर चर्चा हो रही है। लोगों के बीच अपराधियों के घर से निकलने के रास्ते को लेकर अलग-अलग बातें कही जा रही हैं। पुलिस के पहुंचने के समय पीछे का दरवाजा अंदर से खोले जाने की बात भी सामने आई है। वहीं, पत्नी के बयान और घटनास्थल की परिस्थितियों को लेकर कुछ स्थानीय लोगों ने सवाल उठाए हैं।हालांकि, इन चर्चाओं और आशंकाओं की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। किसी भी व्यक्ति के खिलाफ संदेह को प्रमाण नहीं माना जा सकता। पुलिस सभी तथ्यों का मिलान कर रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि अपराधियों ने घर में कैसे प्रवेश किया, वारदात को किस तरह अंजाम दिया और बाहर निकलने का रास्ता क्या था।
पैर टूटने के बाद अस्पताल से लौटा था मंगलेश
बताया जाता है कि पांच अक्टूबर को घर के सामने वालीबॉल खेलने के दौरान मंगलेश का पैर टूट गया था। इसके बाद वह करीब दस दिनों तक गांधीनगर अस्पताल में भर्ती रहा। तीन दिन पहले ही उसे अस्पताल से छुट्टी मिली थी और पैर में प्लास्टर लगाकर वह गिद्दी लौटा था। इसी दौरान उसकी पत्नी भी मायके से वापस आई थी।जानकारी के अनुसार, सोनाली जुलाई से अपने बच्चे के साथ मायके में रह रही थी। दोनों की शादी करीब चार वर्ष पहले हुई थी और उनका ढाई साल का एक बेटा है, जो फिलहाल ननिहाल में है। पुलिस दंपती की पारिवारिक परिस्थितियों और अन्य संबंधित पहलुओं की भी जांच कर सकती है, लेकिन अभी तक किसी घरेलू विवाद की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
दूध पहुंचाने वाले दोस्त को लेकर भी चर्चा
मंगलेश के करीबी दोस्त विनय को लेकर भी स्थानीय स्तर पर चर्चा हो रही है। बताया जाता है कि वह रात में मंगलेश के घर दूध पहुंचाने आता था। सामान्य तौर पर सोनाली घर के अंदर जाकर दूध लेती थी, लेकिन घटना वाली रात वह बर्तन लेकर बाहर आई और वहीं दूध लिया। यह भी चर्चा है कि उस रात विनय ने मंगलेश को फोन नहीं किया था।फिलहाल इन बातों का हत्या से कोई संबंध सामने नहीं आया है। ऐसे में किसी भी व्यक्ति को लेकर अटकलें लगाने के बजाय पुलिस जांच के निष्कर्षों का इंतजार करना जरूरी है
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FSL और डॉग स्क्वायड की मदद से जांच
गिद्दी थाना प्रभारी के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल और डॉग स्क्वायड की टीम को बुलाया गया है। घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और संबंधित लोगों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस हत्या के पीछे संभावित वजह, अपराधियों की पहचान और वारदात के घटनाक्रम का पता लगाने में जुटी है।मिलनसार स्वभाव के मंगलेश की इस तरह हत्या से स्थानीय लोग स्तब्ध हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि वारदात का मकसद केवल लूटपाट था, तो हत्या इतनी बेरहमी से क्यों की गई? क्या लगातार आ रहे फोन का इस घटना से कोई संबंध है? और घर में घुसे बताए जा रहे दोनों नकाबपोश कौन थे?इन सवालों के जवाब पुलिस जांच के बाद ही सामने आएंगे। फिलहाल गिद्दी की इस सनसनीखेज हत्या की गुत्थी सुलझाना पुलिस के सामने बड़ी चुनौती है।

