ओडिशा में मिलिट्री इंटेलिजेंस के इनपुट पर बड़ी कार्रवाई, दो बांग्लादेशी महिलाएं गिरफ्तार; फर्जी आधार कार्ड और पहचान पत्र बरामद
भुवनेश्वर/राँची।मिलिट्री इंटेलिजेंस से मिले इनपुट के आधार पर ओडिशा पुलिस ने अवैध रूप से भारत में रह रही दो बांग्लादेशी महिलाओं को गिरफ्तार किया है। बेरहामपुर में चलाए गए एक गुप्त अभियान के दौरान दोनों महिलाओं को उस वक्त पकड़ा गया, जब वे कथित तौर पर बेंगलुरु जाने की तैयारी में थीं। इस कार्रवाई के बाद सुरक्षा एजेंसियां उनकी भारत में मौजूदगी, इस्तेमाल किए जा रहे दस्तावेजों और संभावित संपर्कों की पड़ताल में जुट गई हैं।
लखनऊ मिलिट्री इंटेलिजेंस से मिला था इनपुट
मिली जानकारी के अनुसार, इस कार्रवाई की शुरुआत लखनऊ मिलिट्री इंटेलिजेंस से मिले इनपुट के बाद हुई। सूचना के आधार पर ओडिशा पुलिस ने मामले की जांच और निगरानी शुरू की। इसके बाद बेरहामपुर में गुप्त अभियान चलाकर दोनों महिलाओं को हिरासत में लिया गया और बाद में गिरफ्तार कर लिया गया। बताया जा रहा है कि दोनों बेंगलुरु जाने की योजना बना रही थीं। हालांकि, उनके वहां जाने का उद्देश्य क्या था और वे किसके संपर्क में थीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
भारतीय नामों के इस्तेमाल और फर्जी दस्तावेजों की जांच
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों महिलाएं कथित तौर पर वैध भारतीय दस्तावेजों के बिना देश में रह रही थीं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अपनी वास्तविक पहचान छिपाने के लिए उन्होंने भारतीय नामों का इस्तेमाल किया था। उनके पास से कथित तौर पर फर्जी आधार कार्ड, मोबाइल फोन और बांग्लादेशी पहचान पत्र बरामद किए गए हैं।अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन दस्तावेजों को किसने तैयार किया, आधार कार्ड कहां से बनवाए गए और इनके इस्तेमाल के पीछे कौन लोग शामिल हो सकते हैं। यह भी जांच का विषय है कि महिलाओं ने इन पहचान पत्रों का उपयोग किन स्थानों पर और किन उद्देश्यों के लिए किया।
ओडिशा में कहां-कहां रहीं, संपर्कों की भी होगी पड़ताल
जांच के दौरान यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि दोनों महिलाएं कितने समय से भारत में रह रही थीं और ओडिशा के किन-किन इलाकों में उनकी गतिविधियां थीं। उनके मोबाइल फोन और अन्य बरामद सामान की जांच से संभावित संपर्कों, यात्रा और ठिकानों से जुड़ी जानकारी मिलने की उम्मीद है।सुरक्षा एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि दोनों महिलाएं अकेले भारत में रह रही थीं या किसी व्यक्ति अथवा समूह की मदद से यहां पहुंचीं और ठिकाने बदलती रहीं। हालांकि, किसी बड़े नेटवर्क या अन्य आपराधिक गतिविधियों में उनकी संलिप्तता को लेकर अभी अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
अथागढ़ होल्डिंग सेंटर भेजा गया
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, गिरफ्तारी के बाद दोनों महिलाओं को अथागढ़ होल्डिंग सेंटर भेज दिया गया है। मामले में बेरहामपुर जीआरपी (राजकीय रेलवे पुलिस) की ओर से केस दर्ज किए जाने की बात भी सामने आई है। अब पुलिस और संबंधित सुरक्षा एजेंसियां मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं।फिलहाल इस कार्रवाई को अवैध प्रवास और कथित फर्जी पहचान से जुड़े मामले में अहम कदम माना जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि दोनों महिलाएं भारत में कब और किस रास्ते से दाखिल हुईं, फर्जी दस्तावेज किसने उपलब्ध कराए और उनके संभावित संपर्कों का दायरा कितना बड़ा है।

