टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: रैपिडो राइडर से शूटर बना ऋतिक, मजदूरी और वेल्डिंग करने वाले युवकों तक पहुंची जांच;कोटा में ट्रेन से पकड़े गए तीनों शूटर ..
कोटा/मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में जांच की कड़ियां अब राजस्थान के कोटा से लेकर हरियाणा के सोनीपत और बिहार के बेगूसराय तक जुड़ती नजर आ रही हैं। मुंबई में वारदात को अंजाम देने के बाद फरार होने की कोशिश कर रहे तीन संदिग्धों को कोटा पुलिस ने पुणे-जयपुर सुपरफास्ट ट्रेन के जनरल कोच से पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपियों में रेहान उर्फ सुक्का, ऋतिक कुर्मी उर्फ रोशन और एक नाबालिग शामिल है। पुलिस के मुताबिक, शुरुआती पूछताछ में सुपारी, पैसों के लालच और लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े अनिल पंडित के संपर्क की बात सामने आई है।इस मामले का एक चौंकाने वाला पहलू यह भी है कि आरोपियों की पृष्ठभूमि सामान्य मजदूरी और छोटे-मोटे काम से जुड़ी बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार, रेहान वेल्डिंग का काम करता था, जबकि ऋतिक रैपिडो राइडर था। नाबालिग आरोपी के पिता ने बताया कि उनका बेटा पत्थर और टाइल्स लगाने का काम सीख रहा था। हालांकि, इन युवकों की कथित भूमिका और पूरे नेटवर्क की वास्तविक तस्वीर विस्तृत पूछताछ के बाद ही स्पष्ट होगी।
15 मिनट में कोटा पुलिस ने बिछाया जाल
कोटा की पुलिस अधीक्षक तेजस्विनी गौतम के मुताबिक, मुंबई पुलिस से रविवार शाम की फायरिंग की घटना में शामिल संदिग्धों के ट्रेन से गुजरने की सूचना मिली थी। सोमवार सुबह करीब 9:45 बजे पुलिस को जानकारी मिली कि तीनों संदिग्ध पुणे-जयपुर सुपरफास्ट ट्रेन से यात्रा कर रहे हैं और कोटा पहुंचने वाले हैं।
सूचना मिलते ही कोटा सिटी पुलिस ने रेलवे पुलिस बल को सतर्क किया। स्टेशन के प्लेटफॉर्म, निकास द्वार और अन्य संभावित रास्तों पर पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया। इसके बाद ट्रेन के डिब्बों की तलाशी ली गई और तीनों संदिग्धों को जनरल कोच से पकड़ लिया गया।एसपी तेजस्विनी गौतम ने बताया कि सूचना मिलने के करीब 15 मिनट के भीतर पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी थी। मुंबई पुलिस की टीम कोटा पहुंच गई थी और आरोपियों को उसे सौंपने की प्रक्रिया की जा रही थी। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तारी के वक्त हथियार बरामद नहीं हुए हैं। अब यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि फायरिंग में इस्तेमाल हथियार कहां छिपाए गए या किसे सौंपे गए। 
अनिल पंडित से शुरू हुई साजिश की कड़ी
कोटा पुलिस के शुरुआती खुलासे के अनुसार, इस मामले में अनिल पंडित की भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस अधीक्षक तेजस्विनी गौतम ने बताया कि अनिल पंडित ने कथित तौर पर रेहान से संपर्क किया था। रेहान ने इसके बाद सोनीपत के एक नाबालिग को अपने साथ जोड़ा। बिहार के बेगूसराय का रहने वाला ऋतिक कुर्मी उर्फ रोशन भी इस कथित योजना में शामिल हुआ।पुलिस के मुताबिक, अनिल पंडित का संबंध लॉरेंस बिश्नोई गैंग से बताया जा रहा है। हालांकि, तीनों पकड़े गए संदिग्धों ने पूछताछ में सीधे लॉरेंस बिश्नोई को जानने या उससे मिलने की बात से इनकार किया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित सुपारी किसने दी, आरोपियों तक पैसे और अन्य संसाधन कैसे पहुंचे तथा इस पूरी वारदात में दूसरे लोगों की क्या भूमिका रही।
जांच का अहम बिंदु यह भी है कि क्या आरोपियों को मुंबई में ठहरने, इलाके की जानकारी जुटाने और वारदात के बाद भागने में किसी नेटवर्क ने मदद की थी। फिलहाल, इन पहलुओं पर पुलिस की विस्तृत पूछताछ के बाद ही स्थिति साफ होने की उम्मीद है।
सोनीपत से मुंबई पहुंचे, फिर की रेकी
पुलिस के शुरुआती इनपुट के अनुसार, रेहान सोनीपत का रहने वाला है, जबकि नाबालिग भी उसी इलाके से जुड़ा है। दोनों के मुंबई पहुंचने के बाद ऋतिक उनके संपर्क में आया। ऋतिक के रैपिडो राइडर होने के कारण उसे स्थानीय इलाकों और रास्तों की जानकारी होने की बात सामने आई है।जांच एजेंसियों को संदेह है कि तीनों ने मिलकर इलाके की रेकी की और उसके बाद फायरिंग की घटना को अंजाम दिया। वारदात के बाद उनकी योजना ट्रेन से दिल्ली जाने और फिर नेपाल की ओर निकलने की बताई जा रही है। हालांकि, फरारी की इस कथित योजना और आरोपियों को मिली मदद की पुष्टि विस्तृत जांच में होनी बाकी है।
रेहान पहले भी जा चुका है जेल
रेहान उर्फ सुक्का हरियाणा के सोनीपत जिले के देवरू गांव का रहने वाला बताया गया है। परिजनों के मुताबिक, वह अपनी मां और छोटे भाई के साथ रहता था। करीब 12 साल पहले उसके पिता परिवार से अलग हो गए थे। नौवीं कक्षा में पढ़ाई छोड़ने के बाद वह अलग-अलग काम करने लगा था।रेहान की मौसी अफसाना के मुताबिक, वह पहले अवैध हथियार रखने के मामले में जेल जा चुका है। जेल से बाहर आने के बाद वह वेल्डिंग का काम कर रहा था। परिजनों का कहना है कि घर से निकलते समय उसने वेल्डिंग के काम पर जाने की बात कही थी।
दूसरी ओर, नाबालिग के पिता ने बताया कि उनका बेटा गोहाना में पत्थर और टाइल्स लगाने का काम सीख रहा था। वह 13 तारीख को घर आया था, लेकिन इसके बाद कहां गया, इसकी जानकारी उन्हें नहीं थी। पिता ने आशंका जताई कि बेटे को कोई बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया होगा। उन्होंने यह भी बताया कि वह स्वयं दिव्यांग हैं और ईंट तोड़कर मजदूरी करते हैं। इन बयानों की जांच के साथ पुलिस नाबालिग की भूमिका और उसे कथित तौर पर इस मामले में शामिल किए जाने की परिस्थितियों का पता लगा रही है।ऋतिक कुर्मी उर्फ रोशन बिहार के बेगूसराय का निवासी बताया गया है। वह पिछले कुछ वर्षों से मुंबई में रह रहा था और रैपिडो राइडर के रूप में काम करता था।
जुहू में तीन राउंड फायरिंग से मची थी सनसनी
मामला मुंबई के जुहू इलाके में रविवार शाम हुई फायरिंग से जुड़ा है। पुलिस के मुताबिक, तीन हमलावरों ने अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर तीन राउंड गोलियां चलाई थीं। घटना के दौरान अभिनेता सुरक्षित रहे, जबकि उनके ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति के घायल होने की जानकारी सामने आई।घटना के बाद मुंबई पुलिस ने हमलावरों की पहचान और तलाश शुरू की। इसी दौरान संदिग्धों के ट्रेन से यात्रा करने की सूचना राजस्थान पुलिस के साथ साझा की गई। सूचना पर तेजी से कार्रवाई करते हुए कोटा पुलिस ने तीनों को पकड़ लिया।
पैसे के लिए हमला, हत्या की मंशा से इनकार
कोटा पुलिस के अनुसार, शुरुआती पूछताछ में तीनों आरोपियों ने पैसे के लिए वारदात को अंजाम देने की बात कही है। पुलिस को फिलहाल ऐसा कोई स्पष्ट मकसद सामने नहीं आया है, जिससे यह साबित हो कि उनका उद्देश्य अभिनेता की हत्या करना था। हालांकि, आरोपियों के कथित बयान को अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जा सकता। फायरिंग की वजह, भुगतान की रकम और हमले के पीछे के वास्तविक उद्देश्य की जांच जारी है।
फिलहाल पुलिस के सामने सबसे बड़े सवाल हैं,फायरिंग में इस्तेमाल हथियार कहां हैं, अनिल पंडित की कथित भूमिका कितनी अहम है, क्या इस वारदात में अन्य लोग भी शामिल थे और आरोपियों को किसने आर्थिक या अन्य मदद उपलब्ध कराई। मुंबई पुलिस की आगे की पूछताछ और जांच से इन सवालों के जवाब मिलने की उम्मीद है।

