मेरठ सांप कांड: पत्नी रविता और प्रेमी अमरदीप को फांसी, पति की हत्या कर शव पर छोड़ा था सांप…नीला ड्रम कांड के बाद दूसरा बड़ा फैसला
मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ में चर्चित सांप कांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को फांसी की सजा सुनाई है। दोनों ने अमित कश्यप की गला घोंटकर हत्या करने के बाद उसकी मौत को सांप के काटने से हुई घटना दिखाने की साजिश रची थी। हत्या के बाद बिस्तर पर जिंदा सांप छोड़ दिया गया था, ताकि किसी को शक न हो। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की जांच ने इस खौफनाक साजिश का पर्दाफाश कर दिया।मेरठ का यह मामला नीला ड्रम हत्याकांड के बाद एक बार फिर सुर्खियों में है। नीला ड्रम कांड में पति सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को मृत्युदंड सुनाए जाने के बाद अब सांप कांड में भी फांसी की सजा का फैसला सामने आया है।
12 से अधिक गवाह, 16 सुनवाई तिथियां और सैकड़ों दिन की कानूनी लड़ाई
अमित कश्यप हत्याकांड में अदालत ने अभियोजन पक्ष की ओर से पेश साक्ष्यों और गवाहों के बयानों पर विचार किया। मामले की सुनवाई के दौरान 12 से अधिक गवाहों के बयान दर्ज किए गए। रिपोर्टों के मुताबिक, घटना के लगभग 543 दिनों बाद 7 अक्टूबर 2026 को अदालत ने रविता और अमरदीप को दोषी करार दिया था। इसके बाद 16 अक्टूबर को सजा पर फैसला सुनाया गया।
अभियोजन पक्ष ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मोबाइल फोन की कॉल डिटेल और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्य अदालत के सामने रखे। इन साक्ष्यों ने हत्या की साजिश की कड़ियों को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
क्या है पूरा सांप कांड?
यह मामला मेरठ जिले के बहसूमा थाना क्षेत्र के अकबरपुर सादात गांव का है। अप्रैल 2025 में अमित कश्यप की घर में मौत हो गई थी। शुरुआत में उसकी मौत को सांप के काटने से हुई घटना बताया गया। शव के पास सांप मिलने से सर्पदंश की आशंका भी पैदा हुई।लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह सांप का जहर नहीं, बल्कि दम घुटना सामने आया। जांच में पता चला कि अमित की गला दबाकर हत्या की गई थी। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच हत्या के एंगल से शुरू की और अमित की पत्नी रविता तथा उसके प्रेमी अमरदीप की भूमिका सामने आई।
प्रेम संबंध में बाधा बना पति, फिर रची गई हत्या की साजिश
पुलिस जांच और अभियोजन के अनुसार, रविता और अमरदीप के बीच प्रेम संबंध थे। अमित को इस संबंध की जानकारी हो गई थी और वह इसका विरोध करता था। इसी विवाद के कारण दोनों ने कथित तौर पर अमित को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
आरोप के मुताबिक, वारदात की रात अमित की हत्या करने के बाद उसकी मौत को सर्पदंश दिखाने के लिए बिस्तर पर जिंदा सांप छोड़ दिया गया। पुलिस की जांच में सांप की व्यवस्था किए जाने की बात भी सामने आई। इस साजिश का उद्देश्य हत्या को सामान्य या प्राकृतिक मौत के रूप में पेश करना था।
51 फोन कॉल ने खोली साजिश की परतें
जांच में रविता और अमरदीप के बीच मोबाइल फोन पर हुई बातचीत भी अहम साबित हुई। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, वारदात की रात से अगले दिन तक दोनों के बीच 51 बार फोन पर बातचीत हुई थी। कॉल डिटेल और अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्यों ने अभियोजन पक्ष के मामले को मजबूती दी।
इसके अलावा पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाने से दम घुटने की पुष्टि हुई। सांप के काटने से मौत होने की कहानी मेडिकल साक्ष्यों से मेल नहीं खाती थी। इन्हीं तथ्यों के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच आगे बढ़ाई और अदालत में आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य पेश किए।
मां ने मांगी थी फांसी, तीन बच्चों के भविष्य का दिया गया हवाला
अदालत में सजा पर सुनवाई के दौरान अमित कश्यप की मां मुनेश देवी ने दोनों दोषियों के लिए फांसी की मांग की थी। पीड़ित परिवार का कहना था कि अमित की हत्या ने पूरे परिवार को गहरा आघात पहुंचाया है।सजा सुनाए जाने से पहले वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश रविता ने अपने तीन छोटे बच्चों की देखभाल की बात कही। वहीं, अमरदीप ने अपने बुजुर्ग माता-पिता की जिम्मेदारी का हवाला दिया। दोनों ने अदालत से अपने परिवार की स्थिति पर विचार करने की अपील की।
नीला ड्रम कांड के बाद फिर चर्चा में मेरठ
मेरठ में पहले सौरभ राजपूत हत्याकांड ने देशभर में सनसनी फैलाई थी। उस मामले में पत्नी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल पर सौरभ की हत्या कर शव के टुकड़े नीले ड्रम में छिपाने का आरोप साबित हुआ और दोनों को फांसी की सजा सुनाई गई।
अब अमित कश्यप हत्याकांड में रविता और अमरदीप को मृत्युदंड सुनाए जाने से मेरठ एक बार फिर चर्चा में है। दोनों मामलों में हत्या के पीछे प्रेम संबंधों का पहलू सामने आया, जबकि सांप कांड में हत्या को सर्पदंश से हुई मौत दिखाने की कथित साजिश ने लोगों को झकझोर दिया।

