तमाड़ में बकरी खरीदने पहुंचा व्यापारी, जेब से निकले 19 हजार के नकली नोट…500 के नोट देखकर किसानों को हुआ शक, पुलिस ने दबोचा
–दो दिन पहले बंगाल के साप्ताहिक हाट में बकरियां बेचने पर मिले थे रुपये, तमाड़ के सिंदवारी बाजार में खुला मामला; ₹21,500 बरामद, नोटों की जांच में जुटी पुलिस
राँची। राजधानी राँची के तमाड़ थाना क्षेत्र अंतर्गत सिंदवारी बाजार में बकरी खरीद-बिक्री के दौरान संदिग्ध जाली नोट मिलने से बाजार में हड़कंप मच गया। बकरी खरीदने पहुंचे एक व्यापारी के पास मौजूद 500 के नोटों पर किसानों को संदेह हुआ। इसके बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची तमाड़ पुलिस ने व्यापारी को हिरासत में लेकर तलाशी ली, तो उसके पास से कुल 21,500 बरामद हुए। इनमें 19,000 के 500 वाले संदिग्ध नोट शामिल हैं। घटना के बाद पुलिस इस बात की जांच में जुट गई है कि संदिग्ध नोट कहां से आए और इसके पीछे किसी बड़े गिरोह का हाथ तो नहीं है।
बंगाल के साप्ताहिक हाट से जुड़े नोटों के तार
पुलिस हिरासत में लिए गए व्यापारी की पहचान किशोर महतो, पिता शिवराम महतो, निवासी सालूडीह, ईचागढ़ के रूप में हुई है। पूछताछ के दौरान किशोर महतो ने पुलिस को बताया कि वह बकरी खरीदने और बेचने का काम करता है। उसके अनुसार, दो दिन पहले वह बंगाल के एक साप्ताहिक हाट में पाठा और खस्सी बेचने गया था। वहां बकरियां बेचने के बाद उसे रुपये मिले थे। उसका दावा है कि उसे यह जानकारी नहीं थी कि उन रुपयों में कोई नोट नकली हो सकता है।
किशोर महतो के मुताबिक, बंगाल के बाजार में बकरियां बेचने के बाद वह वहां से लौट आया था। इसके बाद वह तमाड़ के सिंदवारी बाजार में बकरी खरीदने पहुंचा। बाजार में खरीदारी के दौरान जब उसने रुपये निकाले, तो कुछ लोगों ने नोटों को देखकर उनके नकली होने की आशंका जताई। देखते ही देखते इसकी सूचना स्थानीय लोगों तक पहुंची और फिर पुलिस को बुलाया गया।
नोटों को लेकर संदेह होते ही मचा हड़कंप
सिंदवारी बाजार में बकरी खरीद-बिक्री के दौरान किसानों को जब ₹500 के नोटों पर संदेह हुआ, तो उन्होंने इसकी जानकारी आसपास के लोगों को दी। मामला संदिग्ध लगने पर पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर व्यापारी को हिरासत में लिया और उसे तमाड़ थाना ले आई। तलाशी के दौरान उसके पास से ₹21,500 बरामद किए गए। इनमें ₹19,000 के संदिग्ध ₹500 के नोट बताए जा रहे हैं।
व्यापारी ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि बंगाल के बाजार में जिस व्यक्ति ने उसे रुपये दिए थे, वह उसे पहचानता नहीं है। उसका कहना है कि उसने वहां बकरियां बेची थीं, जिसके बदले रुपये मिले और वह उन्हें लेकर वापस लौट आया। हालांकि, व्यापारी के इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
कहां छपे नकली नोट, किसने खपाए? पुलिस की जांच जारी
इस मामले में अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि संदिग्ध नोट बंगाल के किस बाजार से आए और उन्हें व्यापारी तक पहुंचाने वाला व्यक्ति कौन था। क्या व्यापारी अनजाने में संदिग्ध नोट लेकर तमाड़ पहुंचा था या फिर इस पूरे मामले के पीछे नकली नोटों की आपूर्ति करने वाला कोई नेटवर्क सक्रिय है? पुलिस इन सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है।
तमाड़ थाना प्रभारी दुलाल कुमार महतो ने बताया कि मामले की जांच जारी है। व्यापारी से पूछताछ की जा रही है कि संदिग्ध नोट उसके पास कहां से आए और किसने उसे दिए। पुलिस बरामद नोटों की वास्तविकता की पुष्टि करने के साथ पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।फिलहाल, बरामद नोटों के नकली होने की आधिकारिक पुष्टि और मामले में व्यापारी की भूमिका जांच का विषय है। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि यह महज अनजाने में संदिग्ध नोट मिलने का मामला है या इसके पीछे नकली नोटों के कारोबार से जुड़ी कोई बड़ी साजिश है।

