राँची IIIT के हॉस्टल में छात्र की मौत से हड़कंप, देर रात तक हंगामा; मेडिकल सुविधाओं पर भड़के छात्र

–खेलगांव स्थित हॉस्टल के कमरे से प्रथम वर्ष के छात्र आदित्य का शव बरामद, पुलिस ने शव RIMS भेजा; ऑक्सीजनयुक्त एंबुलेंस और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था पर छात्रों ने उठाए सवाल

राँची।राजधानी राँची के खेलगांव स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IIIT) के हॉस्टल में प्रथम वर्ष के छात्र आदित्य की मौत से हड़कंप मच गया। देर रात हॉस्टल के कमरे से छात्र का शव बरामद होने के बाद पूरे परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में छात्र हॉस्टल के बाहर जुट गए और संस्थान के प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया। देर रात तक छात्रों का हंगामा जारी रहा। इस दौरान हॉस्टल की व्यवस्था और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं को लेकर प्रबंधन पर सवाल उठाए गए।

कमरे में मिला छात्र का शव, पुलिस ने शुरू की जांच
मिली जानकारी के अनुसार, IIIT राँची का हॉस्टल खेलगांव इलाके के एक हाउसिंग कॉम्प्लेक्स में स्थित है। देर रात प्रथम वर्ष के छात्र आदित्य का शव उसके हॉस्टल के कमरे से बरामद किया गया। शुरुआती जानकारी में छात्र की आत्महत्या की बात सामने आई है। हालांकि, घटना के पीछे की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है।घटना की सूचना मिलते ही खेलगांव थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करने और आवश्यक जांच-पड़ताल के बाद शव को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए रिम्स भेज दिया। पुलिस अब मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि छात्र ने यह कदम किन परिस्थितियों में उठाया।मृत छात्र की पहचान आदित्य के रूप में हुई है।वह बिहार के पूर्णिया का रहने वाला था।वहीं छात्र के परिजनों को सूचना दे दी गई है।

छात्रों का फूटा गुस्सा, प्रबंधन के खिलाफ देर रात तक प्रदर्शन
आदित्य की मौत के बाद हॉस्टल में रहने वाले छात्रों में भारी आक्रोश देखने को मिला। छात्र हॉस्टल के बाहर जमा हो गए और संस्थान प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने हॉस्टल में विद्यार्थियों की देखरेख, सुरक्षा और आपात स्थिति में तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर सवाल उठाए।छात्रों का आरोप है कि हॉस्टल में किसी गंभीर मेडिकल इमरजेंसी से निपटने के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। उनका कहना है कि आपात स्थिति में ऑक्सीजन की सुविधा से लैस एंबुलेंस और समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध होना बेहद जरूरी है। छात्रों ने इन सुविधाओं की उपलब्धता को लेकर नाराजगी जताई। हालांकि, छात्रों द्वारा उठाए गए इन सवालों और एंबुलेंस की उपलब्धता से जुड़े दावों की स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

वरिष्ठ अधिकारियों के नहीं पहुंचने पर भी नाराजगी
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने संस्थान के वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए। छात्रों का कहना था कि इतनी गंभीर घटना के बाद प्रबंधन को तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए थी। वे निदेशक और अन्य अधिकारियों से जवाब मांग रहे थे। छात्रों ने हॉस्टल की व्यवस्था में सुधार, आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत करने और घटना के संबंध में स्पष्ट जानकारी देने की मांग की।

डीएसपी ने क्या कहा?
इस संबंध में सदर डीएसपी संजीव कुमार बेसरा ने बताया कि छात्र की आत्महत्या की सूचना मिलने के बाद रात में पुलिस मौके पर पहुंची। आवश्यक जांच-पड़ताल के बाद शव को कब्जे में लेकर रिम्स भेज दिया गया है। उन्होंने बताया कि हॉस्टल के छात्र प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। पुलिस ने छात्रों को समझाकर शांत कराया। मामले में आगे की जांच जारी है।

कई सवाल छोड़ गई छात्र की मौत
आदित्य की मौत के बाद संस्थान की आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था, एंबुलेंस की उपलब्धता और हॉस्टल में छात्रों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस घटना की परिस्थितियों की जांच कर रही है। फिलहाल छात्र की मौत के पीछे के कारणों को लेकर आधिकारिक तौर पर कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। जांच पूरी होने और अन्य तथ्यों के सामने आने के बाद ही घटना की वास्तविक परिस्थितियों का पता चल सकेगा।

 

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