थानेदार के नाम पर 5 हजार रुपये रिश्वत लेते थाना का कंप्यूटर ऑपरेटर एसीबी के हत्थे चढ़ा,थानेदार पकड़ में नहीं आया…

 

धनबाद/गिरिडीह। भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी), धनबाद ने बुधवार को गिरिडीह जिले के मधुबन थाना में कार्रवाई की। एसीबी की टीम ने 5,000 रुपये रिश्वत लेते थाना के कंप्यूटर ऑपरेटर विक्रम कुमार चौधरी को रंगेहाथ गिरफ्तार किया। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह रकम थाना प्रभारी दिपेश कुमार के निर्देश पर लिए जाने की बात सामने आई है। मामले में थाना प्रभारी को भी प्राथमिकी अभियुक्त बनाया गया है।

दरअसल, धनबाद एसीबी कार्यालय को एक परिवादी ने शिकायत दी थी। परिवादी के अनुसार उसकी स्कार्पियो गाड़ी (रजिस्ट्रेशन नंबर JH15K4933) 19 जुलाई 2026 को मधुबन थाना क्षेत्र के चैनपुर में दुर्घटनाग्रस्त होकर क्षतिग्रस्त हो गई थी। दुर्घटना में किसी व्यक्ति को चोट नहीं लगी थी।परिवादी ने वाहन के बीमा क्लेम के लिए बीमा कंपनी टाटा एआईजी की ओर से थाना से लिखित सनहा की मांग की थी। इसी सिलसिले में जब वह मधुबन थाना पहुंचा तो आरोप है कि उससे 5,000 रुपये रिश्वत की मांग की गई।

शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने पूरे मामले का सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान परिवादी से 5,000 रुपये रिश्वत मांगने की बात सही पाई गई। इसके बाद एसीबी थाना धनबाद में कांड संख्या 08/2026, दिनांक 15 सितंबर 2026 दर्ज किया गया।

बुधवार, 16 सितंबर 2026 को एसीबी की गठित टीम ने मधुबन थाना में ट्रैप की कार्रवाई की। प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, थाना प्रभारी के निर्देश पर विक्रम कुमार चौधरी ने थाना प्रभारी के कक्ष में परिवादी से 5,000 रुपये रिश्वत ली। इसी दौरान एसीबी की टीम ने उसे पकड़ लिया।

थाना परिसर में मचा हड़कंप
रिश्वत की रकम लेते कंप्यूटर ऑपरेटर के पकड़े जाने की कार्रवाई से मधुबन थाना परिसर में हड़कंप मच गया। एसीबी की टीम ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। उसे गिरिडीह जिले के मधुबन थाना से गिरफ्तार किए जाने के बाद आगे की कार्रवाई की जा रही है।एसीबी की प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि मामले में थाना प्रभारी दिपेश कुमार प्राथमिक अभियुक्त हैं, जबकि विक्रम कुमार चौधरी को रिश्वत की रकम लेते पकड़ा गया है। मामले में अग्रेतर कानूनी कार्रवाई जारी है।

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