पलामू में नशे की सबसे बड़ी खेप पर पुलिस का प्रहार… 440 किलो गांजा जब्त, कीमत ढाई करोड़; ओडिशा से बिहार पहुंचना था माल
पलामू। झारखण्ड में नशे के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन प्रहार के तहत पलामू पुलिस ने तस्करों के मंसूबों पर बड़ा वार किया है। पुलिस ने नौडीहा बाजार थाना क्षेत्र के महूरांव में छापेमारी कर 440 किलो गांजा की बड़ी खेप बरामद की है।बरामद गांजे की अनुमानित बाजार कीमत करीब ढाई करोड़ रुपये बताई जा रही है। पुलिस की इस कार्रवाई से गांजा तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा होने की उम्मीद है।पुलिस के मुताबिक, गांजे की यह खेप ओडिशा से पलामू पहुंचाई गई थी और यहां से बिहार के इलाके में इसकी डिलीवरी की जानी थी। इससे पहले कि तस्कर करोड़ों रुपये के इस नशीले सामान को अपने ठिकाने तक पहुंचा पाते, पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर पूरी खेप को जब्त कर लिया।
गुप्त सूचना ने खोला करोड़ों के गांजे का राज
पलामू एसपी कपिल चौधरी को सूचना मिली थी कि नौडीहा बाजार थाना क्षेत्र के महूरांव में भारी मात्रा में गांजा डंप कर रखा गया है। सूचना में यह भी बताया गया था कि गांजे की खेप को जल्द ही आगे भेजने की तैयारी चल रही है।सूचना को गंभीरता से लेते हुए एसपी ने तत्काल कार्रवाई का निर्देश दिया। इसके बाद छतरपुर एसडीपीओ प्रशांत कुमार के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने पूरी तैयारी के साथ बताए गए स्थान पर छापेमारी की।छापेमारी के दौरान पुलिस को मौके से 440 किलो गांजा मिला। इतनी बड़ी मात्रा में गांजा बरामद होते ही पुलिस अधिकारियों के भी होश उड़ गए। बरामद गांजे की कीमत बाजार में करीब 2.5 करोड़ रुपये आंकी गई है।
ओडिशा से आई थी खेप, बिहार में होनी थी डिलीवरी
पुलिस ने मौके से गांजे के साथ जमशेद आलम और अली रजा को गिरफ्तार किया है। दोनों नौडीहा बाजार थाना क्षेत्र के महूरांव के रहने वाले बताए गए हैं।पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि गांजे की खेप ओडिशा से लाई गई थी। इसे पलामू में कुछ समय के लिए डंप करने के बाद बिहार के इलाके में पहुंचाया जाना था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गांजा ओडिशा में किससे लिया गया था और बिहार में इसकी डिलीवरी किसके पास होनी थी।
पूछताछ में मिले अहम सुराग, कई लोग पुलिस के रडार पर
गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पूछताछ के दौरान पुलिस को तस्करी के नेटवर्क से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुराग मिलने की बात सामने आई है। पुलिस अब इन जानकारियों को आधार बनाकर ओडिशा से लेकर पलामू और बिहार तक फैले गांजा तस्करी के नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।पुलिस सूत्रों के अनुसार, इतनी बड़ी खेप के पीछे केवल दो लोगों का हाथ होना मुश्किल है। ऐसे में पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे नेटवर्क में सप्लायर, डंप करने वाले और डिलीवरी लेने वाले कौन-कौन लोग शामिल हैं।इसी दिशा में पुलिस की ओर से आगे भी सर्च और छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। कई संदिग्ध लोगों को पुलिस ने अपने रडार पर लिया है।
ऑपरेशन प्रहार के तहत बड़ी कामयाबी
पलामू एसपी कपिल चौधरी ने बताया कि ऑपरेशन प्रहार के तहत नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी अभियान के दौरान मिली गुप्त सूचना पर विशेष टीम ने कार्रवाई करते हुए गांजे की बड़ी खेप जब्त की।उन्होंने बताया कि पूछताछ के दौरान पुलिस को कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। इन जानकारियों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का लक्ष्य केवल बरामद गांजे तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे काम कर रहे पूरे तस्करी नेटवर्क तक पहुंचना है।
पुलिस की कार्रवाई से तस्करों में हड़कंप
440 किलो गांजे की बरामदगी को पलामू पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है। करोड़ों रुपये की इस खेप के पकड़े जाने से नशे के कारोबार से जुड़े तस्करों में हड़कंप मच गया है।पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इस नेटवर्क के जरिए इससे पहले कितनी बार गांजे की खेप ओडिशा से झारखण्ड होते हुए बिहार पहुंचाई गई। साथ ही बरामद गांजे की खेप को लेकर इस्तेमाल किए गए संभावित रास्तों और तस्करों के संपर्कों की भी जानकारी जुटाई जा रही है।छापेमारी अभियान में छतरपुर इंस्पेक्टर द्वारिका राम, नौडीहा बाजार थाना प्रभारी नीरज कुमार समेत कई पुलिस पदाधिकारी और जवान शामिल रहे।
एक खेप पकड़ी गई, अब पूरे नेटवर्क की बारी
पलामू पुलिस की इस कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि नशे के कारोबारियों के खिलाफ ऑपरेशन प्रहार के तहत पुलिस अब सिर्फ छोटे तस्करों तक सीमित नहीं रहना चाहती। 440 किलो गांजे की यह खेप पकड़ना बड़ी कामयाबी है, लेकिन पुलिस की असली चुनौती अब उन लोगों तक पहुंचना है, जिन्होंने करोड़ों रुपये के इस नशे के कारोबार की पूरी सप्लाई चेन तैयार कर रखी है।

