सिमडेगा में गोवंशीय पशु वध और तस्करी पर पुलिस की कार्रवाई, दो मामलों में तीन गिरफ्तार

सिमडेगा। जिले में गोवंशीय पशुओं के अवैध वध, मांस बिक्री और तस्करी के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। बांसजोर ओपी क्षेत्र में छापेमारी कर जहां दो लोगों को कथित रूप से गोवंशीय पशु के अवैध वध और मांस बिक्री के मामले में गिरफ्तार किया गया है, वहीं करीब एक वर्ष से फरार चल रहे गोवंशीय पशु तस्करी के आरोपी को भी पुलिस ने दबोच लिया।

रेगारबेडा में छापेमारी, 40 किलो संदिग्ध मांस बरामद:
डीएसपी हेड क्वार्टर रणवीर सिंह के अनुसार, पुलिस अधीक्षक श्रीकांत एस. खोटरे को सूचना मिली थी कि बांसजोर ओपी क्षेत्र के रेगारबेडा गाढ़ा टोली में उरबस लकड़ा समेत कुछ लोग कथित तौर पर गोवंशीय पशु का वध कर मांस बेच रहे हैं। सूचना के सत्यापन के बाद पुलिस निरीक्षक जलडेगा अंचल के नेतृत्व में टीम ने सुबह छापेमारी की। पुलिस को देखते ही कुछ लोग भागने लगे, लेकिन टीम ने मौके से जोबा खलखो और सुरेश कुमार टोप्पो को पकड़ लिया।तलाशी के दौरान पुलिस ने घटनास्थल से करीब 40 किलोग्राम संदिग्ध गोवंशीय पशु मांस और 10 किलोग्राम चमड़ा बरामद करने का दावा किया है। इसके अलावा मांस काटने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री भी जब्त की गई। बांसजोर ओपी में प्राथमिकी दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस अब मामले में शामिल अन्य लोगों की तलाश कर रही है।

एक साल से पुलिस को चकमा दे रहा था मौसिर मीर:
दूसरी कार्रवाई में सिमडेगा सदर थाना क्षेत्र में दर्ज गोवंशीय पशु तस्करी के मामले में करीब एक साल से फरार चल रहे आरोपी मौसिर मीर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, 31 अगस्त 2025 को प्रतिबंधित गोवंशीय पशु तस्करी के मामले में आठ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई थी। इस मामले में कई आरोपियों की गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी थी, जबकि मौसिर मीर फरार था।पुलिस को सूचना मिली थी कि मौसिर सिमडेगा से गुमला की ओर जाने वाला है। इसके बाद बीरू चौक के पास वाहन जांच शुरू की गई। इसी दौरान काले रंग की स्कॉर्पियो को रोकने का प्रयास किया गया। वाहन रुकने के बाद उसमें सवार दो लोग भागने लगे। पुलिस ने पीछा कर एक व्यक्ति को पकड़ लिया। पूछताछ में उसकी पहचान मौसिर मीर के रूप में हुई। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

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