जेएसएससी सीजीएल पेपर लीक मामले में बड़ा खुलासा जल्द…मुख्य सरगना अभय तिवारी रिमांड पर, सीआईडी ने शुरू की पूछताछ

राँची। झारखण्ड में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और पेपर लीक के मामले की जांच में सीआईडी ने बड़ा कदम उठाया है। मामले के मुख्य सरगना माने जा रहे अभय कुमार तिवारी उर्फ मनोज कुमार तिवारी को सीआईडी ने रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। अभय से अगले तीन दिनों तक सीआईडी मुख्यालय में पूछताछ होगी। उसके साथ उसकी पत्नी सुषमा कुमारी और भाई अक्षय कुमार तिवारी को भी तीन दिन की रिमांड पर लिया गया है।
मामले में अब तक 25 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। अब सीआईडी की निगाह मुख्य सरगना अभय तिवारी पर है। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि कथित पेपर लीक का नेटवर्क किस तरह संचालित होता था, इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे और परीक्षा से जुड़ी गोपनीय जानकारी या प्रश्नपत्र अभ्यर्थियों तक कथित तौर पर कैसे पहुंचाए जाते थे।
सीआईडी की जांच के अनुसार अभय तिवारी जेपीएससी और जेएसएससी की अलग-अलग परीक्षाओं में खुद सफलता हासिल करने के अलावा रिश्तेदारों और अन्य अभ्यर्थियों को भी परीक्षा में सफल कराने के आरोपों से घिरा है। इसी वजह से जांच में उसकी भूमिका को बेहद अहम माना जा रहा है।
रिमांड के दौरान सीआईडी उसके पुराने संपर्कों, अभ्यर्थियों से संबंध, कथित लेन-देन और परीक्षा से जुड़ी गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटा रही है। जांच एजेंसी यह भी जानने का प्रयास कर रही है कि परीक्षा में कथित गड़बड़ी के लिए किस स्तर पर नेटवर्क तैयार किया गया था।
सीआईडी की प्राथमिकी के अनुसार अभय तिवारी पूर्व में जेपीएससी की परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) में मार्केटिंग मैनेजर के रूप में काम कर चुका है। इसके बाद वह सरकारी सेवा में आया और गोड्डा जिले के पोड़ैयाहाट में ब्लॉक सप्लाई ऑफिसर के पद पर तैनात रहा।
जेपीएससी मेधा घोटाले की जांच के दौरान सीआईडी ने उसे पोड़ैयाहाट से गिरफ्तार किया था। अब जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में कथित पेपर लीक से जुड़े मामले में उसकी भूमिका की गहन जांच की जा रही है।
अभय तिवारी की पत्नी सुषमा कुमारी और भाई अक्षय कुमार तिवारी भी इस मामले में गिरफ्तार हो चुके हैं। सीआईडी दोनों से भी पूछताछ कर रही है। एजेंसी को उम्मीद है कि तीनों से पूछताछ के दौरान कथित पेपर लीक नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और पूरे मामले की कड़ियां सामने आ सकती हैं।
जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में कथित पेपर लीक और गड़बड़ी को लेकर सीआईडी थाना में 1 जनवरी 2025 को प्राथमिकी दर्ज की गई थी। प्राथमिकी कांड संख्या 01/2025 के तहत दर्ज है। अब मुख्य सरगना से पूछताछ के बाद इस मामले में कई अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

