राँची में वर्षों से रोड टैक्स दबाए बैठे 191 से अधिक वाहनों पर डीटीओ का कड़ा एक्शन, कैग की आपत्ति के बाद अल्टीमेटम, नीलाम होंगी गाड़ियां

 

-एक सप्ताह के अंदर ऑनलाइन टैक्स भरने का निर्देश, नहीं चुकाया तो ‘नॉट टू बी ट्रांजेक्टेड’ होंगे वाहनों की होगी कुर्की

राँची।राँची जिले में वर्षों से पथ कर (रोड टैक्स) दबाए बैठे वाहन मालिकों और ट्रांसपोर्ट कंपनियों पर परिवहन विभाग ने कड़ा शिकंजा कस दिया है। भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक यानी महालेखाकार कार्यालय के अंकेक्षण दल द्वारा ऑडिट आपत्ति दर्ज किए जाने के बाद जिला परिवहन पदाधिकारी (डीटीओ),राँची ने 191 से अधिक कॉमर्शियल एवं भारी वाहनों के मालिकों को अंतिम चेतावनी जारी की है।विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि सभी बकायेदार वाहन स्वामी एक सप्ताह के भीतर अपने बकाया पथ कर का भुगतान अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करें। डीटीओ कार्यालय द्वारा जारी नोटिस के अनुसार, बकायेदार वाहन मालिक परिवहन विभाग के आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल vahan.parivahan.gov.in/vahanservice के माध्यम से बकाया पथ कर का भुगतान कर सकते हैं। यदि किसी वाहन मालिक ने पूर्व में टैक्स जमा कर दिया है, तो वे अद्यतन टैक्स टोकन प्रस्तुत कर अपना नाम बकायेदारों की सूची से हटवा सकते हैं।

एक सप्ताह में टैक्स नहीं भरा तो होगी परेशानी

परिवहन विभाग ने दो टूक चेतावनी दी है कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर बकाया पथ कर जमा नहीं करने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। झारखण्ड मोटर वाहन करारोपण अधिनियम, 2001 की धारा 21 (क) के तहत बकाये कर व अर्थदंड की वसूली भू-राजस्व की तर्ज पर की जाएगी। इसके तहत लोक मांग वसूली अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत वाहनों, संबंधित उप-साधनों और मालिकों की चल-अचल संपत्ति को जब्त व कुर्क कर नीलाम किया जाएगा।

बकायेदारों की सूची में भारी मालवाहक, मध्यम मालवाहक, बसें और कैब भी

समय पर टैक्स नहीं चुकाने वाले वाहनों को परिवहन सॉफ्टवेयर में तत्काल प्रभाव से ‘Not to be Transacted’ (लेन-देन प्रतिबंधित) श्रेणी में डाल दिया जाएगा, जिससे इन वाहनों की खरीद-बिक्री, फिटनेस या परमिट से जुड़ा कोई भी काम नहीं हो सकेगा. डीटीओ द्वारा जारी बकायेदारों की सूची में भारी मालवाहक वाहन, मध्यम मालवाहक, बसें और मैक्सी कैब शामिल हैं, जिनका पथ कर साल 2013 और 2014 से ही लंबित है. सूची में कई बड़ी कंपनियों के आधा दर्जन से अधिक भारी वाहन शामिल हैं, जिन पर 2013-14 से टैक्स बकाया है. कई कंपनियों और फर्मों के वाहन भी डिफॉल्टर लिस्ट में दर्ज हैं. इसके अतिरिक्त रांची, हजारीबाग, रामगढ़, लोहरदगा, खूंटी, पलामू सहित आसपास के जिलों के दर्जनों व्यक्तिगत बस व ट्रक ऑपरेटरों के नाम भी इस सूची में शामिल हैं. विभाग ने साफ कर दिया है कि राजस्व चोरी को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और तय समय सीमा बीतते ही सीधे जब्ती व कुर्की की प्रक्रिया शुरू होगी.

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