छात्रों से मारपीट के विरोध में प्रदर्शन, पुतला दहन को लेकर पुलिस-भाजपा कार्यकर्ताओं में टकराव

गिरिडीह। शुक्रवार को छात्रों के साथ कथित मारपीट की घटना के विरोध में शनिवार को गिरिडीह में राजनीतिक माहौल गरमा गया। भाजपा कार्यकर्ता, आजसू छात्र संघ और अन्य छात्र संगठनों के सदस्य मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन करने के लिए झंडा मैदान पहुंचे थे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को पुतला दहन से रोकने की कोशिश की, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया।
भाजपा जिलाध्यक्ष रंजीत राय के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता झंडा मैदान पहुंचे थे। प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस बल की पहले से तैनाती की गई थी। कार्यकर्ताओं के पहुंचते ही पुलिस ने पुतला दहन रोक दिया और उनके हाथों से पुतला छीन लिया। इसके बाद कार्यकर्ता सड़क पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।पुलिस की कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शनकारी झंडा मैदान से निकलकर शहर के जरासंध चौक की ओर बढ़ गए। यहां कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन कर विरोध जताया। इस दौरान सरकार और मुख्यमंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।
पुतला छीनने पर बढ़ा विवाद
झंडा मैदान में पुलिस द्वारा पुतला छीनने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई। स्थिति बिगड़ने की आशंका को देखते हुए झंडा मैदान से लेकर टावर चौक और जरासंध चौक तक अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने का प्रयास किया।
इसी दौरान विरोध में कई भाजपा नेता और कार्यकर्ता सड़क पर बैठ गए। बाद में पुलिस ने कुछ भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर स्टेडियम ले गई।
छात्रों से मारपीट के विरोध में प्रदर्शन
भाजपा नेताओं का आरोप है कि शुक्रवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन करने पहुंचे छात्र संगठनों के साथ विवाद हुआ था। आरोप लगाया गया कि विवाद के बाद झामुमो कार्यकर्ताओं ने छात्रों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा, जिसमें कई छात्र घायल हुए। भाजपा ने इस घटना को लेकर सरकार पर हमला बोलते हुए दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।पार्टी नेताओं का कहना है कि छात्रों के साथ हुई कथित मारपीट के विरोध में ही मुख्यमंत्री का पुतला दहन कर विरोध दर्ज कराया गया है।
पूरे शहर में तैनात रहा पुलिस बल
प्रदर्शन और पुतला दहन को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा। झंडा मैदान, टावर चौक और जरासंध चौक समेत प्रमुख स्थानों पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। प्रशासन की ओर से प्रदर्शनकारियों को कानून-व्यवस्था प्रभावित नहीं करने की हिदायत दी गई।घटनाक्रम के दौरान काफी देर तक इलाके में तनाव की स्थिति बनी रही। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुए घटनाक्रम के बाद हिरासत में लिए गए नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को लेकर भी राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।

