एक साथ दिल्ली पहुंचे झारखण्ड के चार पूर्व CM, अमित शाह से मुलाकात; राज्य के अहम मुद्दों पर मंथन..

 

राँची/नई दिल्ली। झारखण्ड से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों को लेकर बुधवार को नई दिल्ली में भाजपा झारखण्ड के एक प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री आमित शाह से उनके आवास पर शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने झारखण्ड से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को केंद्रीय गृह मंत्री के समक्ष रखा और राज्य के विकास, प्रशासनिक व्यवस्था तथा जनहित से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा की।

प्रतिनिधिमंडल की ओर से मुलाकात को सकारात्मक और सार्थक बताया गया है। बैठक के बाद प्रतिनिधिमंडल से जुड़े लोगों ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ झारखण्ड के विभिन्न विषयों पर सकारात्मक वातावरण में बातचीत हुई। राज्य के हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर केंद्र के स्तर पर आवश्यक सहयोग और समन्वय को लेकर भी चर्चा हुई।

मुलाकात के दौरान झारखण्ड की वर्तमान परिस्थितियों, विकास की जरूरतों और राज्य से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल ने राज्य की प्राथमिकताओं और विभिन्न क्षेत्रों में अपेक्षित सहयोग से संबंधित विषय केंद्रीय गृह मंत्री के समक्ष रखे।
झारखण्ड प्राकृतिक संसाधनों, खनिज संपदा और जनजातीय बहुल आबादी वाला महत्वपूर्ण राज्य है। ऐसे में राज्य के विकास के साथ-साथ सुरक्षा, आधारभूत संरचना, रोजगार, जनजातीय क्षेत्रों के विकास और केंद्र-राज्य समन्वय जैसे विषय महत्वपूर्ण बने हुए हैं।

केंद्रीय गृह मंत्रालय की जिम्मेदारी के लिहाज से झारखण्ड से जुड़े सुरक्षा विषय भी महत्वपूर्ण हैं। हालांकि इस मुलाकात में किन-किन विशिष्ट मुद्दों पर चर्चा हुई, इसकी विस्तृत आधिकारिक जानकारी फिलहाल सार्वजनिक नहीं हुई है, लेकिन राज्य की सुरक्षा व्यवस्था, प्रशासनिक समन्वय और केंद्र की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन जैसे विषय झारखण्ड -केंद्र संबंधों में लगातार महत्वपूर्ण रहे हैं।

अमित शाह पहले भी झारखण्ड से जुड़े सुरक्षा और विकास के विषयों पर उच्चस्तरीय बैठकों में शामिल होते रहे हैं। वर्ष 2025 में राँची में आयोजित पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की 27वीं बैठक में भी उन्होंने झारखण्ड समेत पूर्वी भारत के राज्यों से जुड़े सुरक्षा, विकास और अंतरराज्यीय समन्वय के मुद्दों पर चर्चा की थी।

प्रतिनिधिमंडल की इस मुलाकात को झारखण्ड के लिए केंद्र के साथ संवाद बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राज्य से जुड़े मुद्दों को सीधे केंद्रीय नेतृत्व के सामने रखने से संबंधित मामलों में आगे की कार्रवाई और आवश्यक सहयोग की उम्मीद बढ़ी है।

बैठक के बाद यह संदेश भी सामने आया कि झारखण्ड के हितों से जुड़े विषयों को लेकर केंद्र सरकार के स्तर पर सकारात्मक बातचीत का माहौल है। प्रतिनिधिमंडल ने गृह मंत्री के साथ हुई चर्चा को सार्थक बताते हुए कहा कि झारखण्ड से संबंधित विषयों पर आगे भी समन्वय और संवाद जारी रहेगा।

चार पूर्व मुख्यमंत्रियों की मौजूदगी ने बढ़ाई मुलाकात की राजनीतिक अहमियत

इस मुलाकात में झारखण्ड के चार पूर्व मुख्यमंत्रियों का एक साथ शामिल होना राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बाबूलाल मरांडी झारखण्ड के पहले मुख्यमंत्री रहे हैं, जबकि अर्जुन मुंडा, रघुवर दास और चंपई सोरेन भी राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।चारों नेताओं के पास झारखण्ड की राजनीति और प्रशासन से जुड़ा लंबा अनुभव है। ऐसे में केंद्रीय गृह मंत्री के साथ हुई बैठक में राज्य की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों के साथ-साथ विकास और प्रशासन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

 

 

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