JPSC-JSSC विवाद: डेढ़ घंटे चली सरकार-छात्रों की हाई-प्रोफाइल वार्ता बेनतीजा, आंदोलन रहेगा जारी; अब सरकार के अगले कदम पर सबकी नजर

राँची। झारखण्ड में JPSC-JSSC परीक्षा विवाद को लेकर पिछले 14 दिनों से जारी छात्र आंदोलन के बीच शुक्रवार को सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच हुई बहुप्रतीक्षित वार्ता किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। करीब डेढ़ घंटे तक चली अहम बैठक के बाद दोनों पक्ष बाहर आए, लेकिन छात्रों ने साफ कर दिया कि उनकी प्रमुख मांगों पर सरकार से सहमति नहीं बन पाई है। ऐसे में आंदोलन फिलहाल जारी रहेगा।हालांकि सरकार ने बातचीत को सकारात्मक बताते हुए कहा कि छात्रों की सभी मांगों को गंभीरता से सुना गया है और उन पर विचार करने के बाद आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी।

उम्मीदें थीं बड़ी, लेकिन नहीं निकला कोई समाधान
शुक्रवार शाम 7 बजे स्टेट गेस्ट हाउस में शुरू हुई यह बैठक रात करीब 9:25 बजे समाप्त हुई। बैठक में सरकार की ओर से चार मंत्रियों और अपर मुख्य सचिव ने हिस्सा लिया, जबकि छात्रों की ओर से 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल मौजूद रहा।बैठक खत्म होने के बाद छात्र प्रतिनिधियों ने कहा कि सरकार के सामने मांग पत्र का हर बिंदु विस्तार से रखा गया। परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई और परीक्षा सुधार जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई, लेकिन सरकार की ओर से कोई स्पष्ट आश्वासन नहीं मिला। इसलिए आंदोलन जारी रखने का फैसला लिया गया है।
सरकार का क्या कहना है?
सरकार की ओर से बातचीत में शामिल मंत्रियों ने कहा कि बैठक बेहद सकारात्मक माहौल में हुई। छात्रों की हर बात को गंभीरता से सुना गया है और उनकी मांगों पर सरकार संवेदनशीलता के साथ विचार करेगी। सरकार जल्द ही आगे की रणनीति तय करेगी।
सरकार ने एक बार फिर दोहराया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर सीआईडी पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर रही है। जांच के दौरान कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। सरकार चाहती है कि छात्र आंदोलन समाप्त करें ताकि समाधान की दिशा में आगे बढ़ा जा सके।
कड़ी सुरक्षा के बीच हुई हाई-वोल्टेज बैठक
स्टेट गेस्ट हाउस के बाहर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। केवल सरकार और छात्र प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों को ही परिसर में प्रवेश की अनुमति दी गई। एसडीएम की मौजूदगी में छात्र प्रतिनिधियों को तीन वाहनों से गेस्ट हाउस लाया गया। पूरे घटनाक्रम पर प्रशासन की कड़ी नजर बनी रही।
छात्र प्रतिनिधियों ने सरकार के सामने कई अहम मांगें रखीं, जिनमें प्रमुख हैं—
14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा में कथित कदाचार को देखते हुए परिणाम रद्द किया जाए।
जिन अन्य परीक्षाओं में अनियमितता के आरोप लगे हैं, उन्हें भी निरस्त किया जाए।
पूरी भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए।
सभी आरोपों की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो।
भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार किए जाएं।
बैठक में कौन-कौन रहा मौजूद?
सरकार की ओर से प्रतिनिधिमंडल में शामिल रहे:
मंत्री दीपिका पांडे सिंह
मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू
मंत्री चमरा लिंडा
मंत्री संजय यादव
अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह
छात्र प्रतिनिधिमंडल के सदस्य:
रवीन्द्र पासवान
पीयूष कुमार
राजेश प्रसाद
नीतू कुजूर
अंकित राज
कार्तिक सोरेन
शालू कुमारी
रवींद्र कुमार रवि
आनंद कुमार
अंकित कुमार
सरकार और छात्रों के बीच पहली औपचारिक वार्ता भले ही बिना किसी सहमति के समाप्त हुई हो, लेकिन दोनों पक्षों ने बातचीत के दरवाजे खुले रखे हैं। अब सबकी नजर इस बात पर है कि सरकार छात्रों की मांगों पर क्या फैसला लेती है। फिलहाल इतना तय है कि जब तक कोई ठोस निर्णय नहीं होता, तब तक JPSC-JSSC परीक्षा विवाद को लेकर छात्रों का आंदोलन जारी रहेगा। आने वाले दिनों में सरकार की अगली रणनीति और छात्रों की प्रतिक्रिया इस पूरे मामले की दिशा तय करेगी।

